आपको अपनी गाड़ी के लिए 12,000 रूपए ज़्यादा चुकाने होंगे, जानिये क्यों!

सरकार नए पेट्रोल और डीजल कार्स पर 12,000 रूपए का अतिरिक्त शुल्क लगाने का प्रयास कर रही है. ये कीमत सीधे तौर पर कस्टमर्स को उठाना होगा जिसका मतलब है की पहले ही टैक्स का भार ढो रही आमा जनता पर एक और शुल्क. इस प्लान पर अभी भी विचार हो रहा है और इसे इलेक्ट्रिक कार्स को और भी किफायती बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा. ये लोगों को ज़्यादा से ज़्यादा इलेक्ट्रिक गाड़ियों को खरीदने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए भी है.

इसका प्रस्ताव हाल में ही हुई सचिवों की बैठक के दौरान NITI Aayog द्वारा रखा गया था. प्लान के मुताबिक़, -पहले साल में इलेक्ट्रिक कार्स और बाइक्स खरीदने वालों को 25,000-50,000 रूपए की सब्सिडी दी जायेगी. Aayog ने ये भी बताया है की इस बात को सुनिश्चित करने के लिए की इन फायदों का फायदा ऑटो निर्माता को ना मिले, प्राइवेट कस्टमर्स को सीधे अकाउंट में पैसे, वहीँ राज्य के बस परिचालकों के लिए किलोमीटर के हिसाब से सब्सिडी प्लान की गयी है. मंत्रियों की सहमति पर निर्भर इस नयी नीति को पिछली नीति के कार निर्माताओं तक मुनाफा पहुंचाने के चलते प्रधानमंत्री के द्वारा मना करने के बाद बनाया गया है.

Tata Electric Power Station

रिपोर्ट्स के मुताबिक़, इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए सब्सिडी एक ऐसे समय मिलेगी जब माइलेज बढाने और उत्सर्जन कम करने के लिए कदम उठाये जा रहे हैं. इस अतिरिक्त शुल्क के चलते सरकार केवल पहले साल में ही 7,500 करोड़ रूपए कमा लेगी. ये अभी के इलेक्ट्रिक गाड़ी के विकास के 732 करोड़ रूपए के बजट को बड़ी आसानी से पूरा कर लेगा.

साथ ही, प्लान ये हैं की प्रदूषण कार शुल्क को लागू करने के चौथे साल में इस शुल्क को 70,000 रूपए कर दिया जाएगा. सरकार इस शुल्क के साथ 43,000 करोड़ रूपए से ज़्यादा इकठ्ठा कर पाएगी. इस स्कीम के लागू होने के एक साल के बाद शुल्क 500-25,000 रूपए बढ़ जाएगा वहीँ चौथे साल में इसे 4,500 से 90,000 रूपए बढाया जाएगा. इस पैसे को एक अलग फण्ड में रखा जाएगा जिसे भारी संयत्र डिपार्टमेंट मैनेज करेगा. कई और फायदे प्लान किये जा रहे हैं, जो कम कस्टम ड्यूटी से लेकर कच्चे माल, पार्ट्स, और बैटरी पर कम GST से लेकर इलेक्ट्रिक कार्स के लिए रजिस्ट्रेशन और रोड टैक्स माफ़ करने तक हो सकते हैं.

शुल्क के मुनाफे का एक हिस्सा घरेलु बैटरी उत्पाद बढ़ाने के लिए किया जायेगा. रिपोर्ट्स के मुताबिक़, इलेक्ट्रिक कार्स के साथ 6,000 रूपए/KwH तक का फायदा दिया जाएगा. साथ ही, इस प्लान में चार्जिंग ढांचा बनाने के लिए मदद की बात की गयी है. सरकार पॉवर इलेक्ट्रॉनिक्स और बैटरी विकास में घरेलु टेक्नोलॉजी बनाने के लिए 200 क्रोरेर रूपए तक खर्च करेगी.

सोर्स