क्यों Royal Enfield मोटरसाइकिल्स की हो रही है इतनी बढ़िया बिक्री: 10 कारण

Royal Enfield इंडियन मार्केट में सबसे लोकप्रिय ब्रांड्स में से एक है. साल दर साल Royal Enfield ने मार्केट का एक बड़ा हिस्सा अपने नाम किया है और फिलहाल अपने सेगमेंट में लीड कर रही है. सेल्स डेटा के हिसाब से, Royal Enfield ने 2000 में बेचे थे बाइक्स के 23,539 यूनिट जो 2017 में बढ़ कर हो गए 7.53 लाख. तो क्या बात है Royal Enfield की इस सफलता के पीछे. आई जानें

ब्रांड

Royal Enfield दुनिया का सबसे पुराना टू-व्हीलर ब्रांड है, Harley-Davidson से भी पुराना. अपने यूनिक फीचर्स की वजह से ब्रांड ने अब एक कल्ट फौलोइंग बना ली है. विंटेज बॉडी डिजाईन, थम्पिंग एग्जॉस्ट का छाप छोड़ने वाला अंदाज़, और इनकी यूनिक स्टाइलिंग ज़्यादातर देखनेवालों पर अपनी छाप छोडती है.

कहीं ज्यादा रिलाएबल

मॉडर्न-डे Royal Enfield मोटरसाइकिल्स अपने पुराने मॉडल्स से कहीं ज्यादा रिलाएबल हो गयी हैं. पर अभी भी इनमें क्वालिटी रिलेटेड इश्यूज हैं जिनके बारे में कस्टमर्स अपनी आवाज़ जोर शोर से उठाते रहते हैं. मॉडर्न डे Royal Enfields बिलकुल भी पहले जैसे नहीं रही हैं. अब सभी Royal Enfields बनायी जाती हैं चेन्नई की वर्ल्ड-क्लास मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी में एडवांस्ड रोबोटिक्स के इस्तेमाल के साथ.

नया यूनिट कंस्ट्रक्शन इंजन (UCE) पुराने कास्ट आयरन AVL इंजनों से कहीं ज्यादा एडवांस्ड है और जल्दी ब्रेक डाउन नहीं होता. Royal Enfield Class को अब दिया गया है 3,000 km का सर्विस इंटरवल जो की मार्केट की दूसरी मोटरसाइकिल्स के बराबर है. Classic रेंज पर 24 महीने या 24,000 की वारंटी भी है जो क्वालिटी इम्प्रूवमेंट दर्शाती है.

चलाना हो गया है आसान

इलेक्ट्रिक स्टार्टर, डिस्क ब्रेक्स जैसे मॉडर्न फीचर्स ने इसे चलाना प्रीवियस जेनेरेशन Royal Enfield बाइक्स से काफी आसान बना दिया है. पुराने दिनों में Royal Enfield रखने में स्किल की ज़रुरत होती थी लेकिन अब ऐसा नहीं है. ये बाइक्स कहीं ज्यादा कन्वेंशनल भी हो गयी हैं. पहले, गियर लीवर राईट हैण्ड साइड पर था पर अब इसे लेफ्ट हैण्ड साइड पर शिफ्ट कर दिया गया है जो इसे इस्तेमाल करना बनाता है काफी आसान. इससे कई खरीददार जो पहले ब्रांड से दूर रहते थे, अब इस ब्रांड की तरफ आकर्षित हुए हैं.

ज्यादा स्पेंडिंग पॉवर

Royal Enfield मोटरसाइकिल्स काफी महंगी होती हैं. जहाँ इकोनोमी ग्रो कर रही है, युवाओं की स्पेंडिंग पॉवर भी बढ़ रही है. पहले जो लोग लिमिटेड फंड्स की वजह से एक कहीं किफायती बाइक से गुज़ारा कर लेते थे, अब अपनी पसंद की बाइक खरीद रहे हैं. बढ़ी हुई स्पेंडिंग पॉवर का मतलब है की युवाओं को वो प्रोडक्ट मिल रहे हैं जो उन्हें हमेशा से पसंद थे.

अपडेटेड शोरूम लाइन-अप

Royal Enfield को आल-न्यू इंजन, प्रोडक्ट्स, और अपडेट लेकर आने में ज्यादा वक़्त लग सकता है लेकिन ये ब्रांड अक्सर अपडेटेड प्रोडक्ट लांच करता रहता है. ये प्रोडक्ट मौजूदा लाइन-अप से बहुत अलग न हों लेकिन ब्रांड को चर्चा में बनाये रखते हैं. मसलन, Royal Enfield ने Classic Desert Storm, Himalayan Sleet, और अब ThunderbirdX लांच की हैं. ये विजिटर्स के लिए शोरूम को फ्रेश रखते हैं.

ये तो हुए वो कारण जिन्होंने Royal Enfield को मार्केट में बनाया कामयाब, लेकिन इस कामयाबी के जारी रहने की क्या वजह है?

इनोवेशन

कई क्रिटिक्स Royal Enfield को एक ओब्सोलीट ब्रांड कह सकते हैं लेकिन ये वो एक ब्रांड है जिसने इंडिया में कुछ बिलकुल नए सेग्मेंट्स में प्रवेश किया है. Royal Enfield ने लांच की इंडिया की पहली किफायती café racer जिसका नाम है Continental GT. ये बाइक बहुत पोपुलर नहीं हुई लेकिन इसने देखनेवालों को उत्सुक ज़रूर रखा. ये एक आकर्षक प्रोडक्ट था. इसके बाद Royal Enfield ने लांच की Himalayan, इंडिया की सबसे किफायती एडवेंचर मोटरसाइकिल, जिसने फिर से उत्साहियों में हलचल पैदा की.

नेक्स्ट लेवेल

Royal Enfield बनने जा रही है पहला इंडियन मैन्युफैक्चरर जो लांच करेगी एक पैरेलल-ट्विन सिलिंडर मोटरसाइकिल. मार्केट में ये इसी तरह आगे बढ़ रही है. इस साल के अंत में बिलकुल नया 650cc पैरेलल-ट्विन इंजन पावर्ड Interceptor और Continental GT होंगे लांच. ये बाइक्स इंडिया की सबसे किफायती ट्विन-सिलिंडर प्रोडक्ट्स होंगी जो कई कस्टमर्स को इस ब्रांड की तरफ आकर्षित करेंगी.

इवेंट्स

Royal Enfield देश भर में कई इवेंट्स आयोजित भी करता है और उनमें हिस्सा भी लेता है, जिससे कस्टमर्स इंगेज्ड रहते हैं. RiderMania, Himalayan Odyssey, REUnion, और यहाँ तक की Tour of Tibet जैसे इंटरनेशनल इवेंट भी ये ब्रांड रेगुलरली आयोजित करता है. इनसे भारी सोशल मीडिया प्रेजेंस क्रिएट होती है और कस्टमर इंगेज्ड रहते हैं. इंडिया में कोई और ब्रांड Royal Enfield की तरह कस्टमर्स से इंगेज नहीं करता.

मेजर डीलरशिप एक्सपैंशन

हाल के सालों में Royal Enfield का सेल्स नेटवर्क काफी बढ़ा है और ये ब्रांड 367 शहरों में 587 डीलरशिप के साथ मौजूद है. कुछ साल तक ये नंबर काफी सीमित था लेकिन मेजर सेल्स नेटवर्क बूस्ट के साथ, Royal Enfield मोटरसाइकिल्स हो गयी हैं लोगों के लिए कहीं ज्यादा एक्सेसिबल.

कस्टमाईजेशन

Royal Enfield इंडिया की सबसे ज्यादा कस्टमाइज्ड बाइक्स हैं. ये ब्रांड खुद भी फैक्ट्री कस्टम मॉडल्स रिलीज़ करता है और कस्टमाईजेशन को प्रमोट करने के लिए इन्होने मौडिफायर्स से टाई-अप कर के अपने प्रोडक्ट शोरूम में शोकेस किये हैं. इंडिया में कोई और ब्रांड कस्टमाईजेशन को लेकर अब तक इतना ओपन नहीं है. ये बात युवाओं और बाइकर्स को मौका देती है ट्रैफिक में बाकियों से अलग दिखने का. कस्टमाईजेशन भी इंडिया में Royal Enfield की पॉपुलैरिटी की एक अहम वजह है.

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