आखिर क्यों Rajiv Bajaj ने Royal Enfield को स्कूटर्स बनाने को कहा?

Bajaj Auto के Annual General Meeting में शेयरहोल्डर्स ब्रांड को दुबारा से स्कूटर्स बनाने की बात बार-बार रख रहे थे, और वो ब्रांड को मार्केट में वैसा दबदबा बनाने की बात कर रहे थे जैसा एक समय पर कंपनी अपने Chetak और Super स्कूटर्स के साथ राज करती थी. Moneycontrol की मानें तो स्कूटर्स की ये डिमांड हर साल आती है, और मोटरसाइकिल निर्माता के मैनेजिंग डायरेक्टर Rajiv Bajaj ने इसका बड़ा सरल सा जवाब दिया की मोटरसाइकिल मार्केट स्कूटर से बड़ा है और इसमें प्रॉफिट ज़्यादा है. उन्होंने प्रतिद्वंदी Royal Enfield का उदाहरण दिया की वो बाइक्स पर ही ध्यान देते हैं, और ये बताया की वो स्कूटर्स तब बनायेंगे जब Royal Enfield ऐसा करना शुरू करेगी.

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Bajaj ने शेयरहोल्डर्स को अपने जवाब में कहा,

मैं आपको सुनिश्चित कर रहा हूँ की हर कंपनी के लिए, खासकर हमारे लिए हर सेगमेंट में मौजूद रहना ज़रूरी नहीं. इसका सबसे अच्छा उदाहरण हैं मेरे दोस्त Siddharth Lal (Eicher Motors के CEO और Royal Enfield के ओनर्स). वो हर मार्केट में मौजूद नहीं हैं, और उनकी कंपनी फिर भी अच्छा कर रही है क्योंकि वो अपने दायरे के भीतर रहती है जो की Royal Enfield को Royal Enfield जैसा बनाना है. इसलिए मेरे पास एक गुजारिश हैं. इसके पहले की आप मुझसे अगले साल फिर से स्कूटर्स बनाने के लिए कहें, आप कृपया Siddharth Lal से स्कूटर्स बनाने को कह सकते हैं? अगर वो स्कूटर्स बनाते हैं, मैं वादा करता हूँ की मैं भी स्कूटर बनाऊंगा. Siddharth Lal का EBIDTA मार्जिन 29% है, या उससे भी ज़्यादा क्योंकि वो स्कूटर नहीं बनाते.

तो क्या Royal Enfield का उदाहरण लेकर Rajiv Bajaj सही बात कर रहे हैं या शेयरहोल्डर्स को टरका रहे हैं. इसका जवाब बहुत सीधा-सा है: Bajaj का बयान सही है और वो आंकड़ों पर आधारित है.

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शेयरहोल्डर्स पर उनके बयान को समझने के लिए, आइये इन बातों पर नज़र डालते हैं:

  1. मोटरसाइकिल की सेल्स फिर से बढ़ रही हैं और ये सेगमेंट स्कूटर्स से भी ज़्यादा बड़ा है – वित्तीय वर्ष 2018-19 के पहले 4 महीनों में इंडियन टू-व्हीलर मार्केट में मोटरसाइकिल की सेल्स स्कूटर्स के मुकाबले दोगुना ज़्यादा रही हैं जिसके पीछे का मुख्य कारण है नए लॉन्च और ग्रामीण इलाकों से बढती हुई डिमांड. SIAM के मुताबिक़ पहले इस वित्तीय वर्ष के पहले 4 महीनों में 48 लाख मोटरसाइकिल्स खरीदे गए वहीँ स्कूटर्स की संख्या मात्र 24.1 लाख रही थी.
  2. मुनाफा – किसी भी दूसरी कंपनी की तरह Bajaj का लक्ष्य है मुनाफे में रहना. स्कूटर मार्केट में एक ब्रांड हावी है – Honda Activa और ये काफी वैल्यू फॉर मनी है. मोटरसाइकिल मार्केट में कई सेगमेंट हैं और बड़े इंजन वाली बाइक्स के साथ निर्माता को हर यूनिट पर ज़्यादा प्रॉफिट मिलता है, यही कारण है की Royal Enfield मुनाफे में है. Pulsar सीरीज और कम्यूटर बाइक्स बनाकर एवं 400-सीसी से ज़्यादा की बाइक बनाने के प्लान के साथ Bajaj उन सेगमेंट में ही काम कर रही है जहां से वो पैसे कमा सके. KTM और अब Triumph जैसे पार्टनर्स के साथ Bajaj इन बाइक को विकसित करने की कीमत को सीमित कर पायेगा जिससे ब्रांड को अच्छा मिल सकता है.
  3. अपने गुणों पर केन्द्रित रहना – Bajaj अपनी बाइक्स खासकर Pulsar के साथ अपने गुणों पर ध्यान दे रही है. और ये बाइक साल-दर-साल अच्छी संख्या में बिक रही है और जून में CT100 और Pulsar 150 ने क्रमशः 168% और 119% की वृद्धि दर्ज की. गुणों पर ध्यान देने, मुनाफे वाली बाइक्स बनाने और स्कूटर सेगमेंट से दूर रहने के साथ Bajaj को Honda के बेस्ट सेलिंग Activa से टक्कर नहीं लेनी पड़ती. एक उदाहरण के लिए बता दें की जून 2018 में Activa की सेल्स टॉप 10 स्कूटर्स में मौजूद 9 स्कूटर्स के कुल सेल्स से भी ज़्यादा थी.