Hyundai Verna के 60% कस्टमर्स आखिर डीजल वैरिएंट क्यों चुन रहे हैं?

Hyundai Verna के नए एडिशन को इंडियन मार्केट में कुछ समय पहले लॉन्च किया गया था. ये मिड-साइज़ सेडान पेट्रोल और डीजल दोनों ही वर्शन में उपलब्ध है. सेल्स आंकड़ों के मुताबिक़, Verna की 60% सेल्स डीजल वैरिएंट से आती हैं. जहां इंडिया में कई कार निर्माता पेट्रोल इंजन पर ध्यान दे रहे हैं, Verna के डीजल वैरिएंट के सेल्स आंकड़े दर्शाते हैं की डीजल वाली गाड़ियाँ इंडिया में अभी भी पॉपुलर हैं.

डीजल वैरिएंट इंडियन मार्केट में काफी पॉपुलर हो गए हैं क्योंकि मार्केट में पेट्रोल और डीजल के दाम के बीच के अंतर के चलते उन्हें चलाना ज्यादा सस्ता होता है. लेकिन, समय के साथ पेट्रोल और डीजल के दाम के बीच के अंतर के कम होते के साथ ही पेट्रोल वैरिएंट मार्केट में वापसी कर रहे हैं. लेकिन मार्केट के पेट्रोल वैरिएंट की ओर बढ़ने के बावजूद Hyundai Verna के सेल्स में 60% हिस्सेदारी डीजल वैरिएंट की ही है. निर्माता के मुताबिक़ Verna के डीजल ऑटोमैटिक और मैन्युअल वैरिएंट पर अभी भी 1.5 महीने का वेटिंग पीरियड है.

जहां Verna के पेट्रोल वैरिएंट के लिए मार्केट में दो ऑप्शन्स हैं, Hyundai इस मिड-साइज़ सेडान के साथ डीजल का बस 1.6-लीटर वैरिएंट ऑफर करती है. ये 4-सिलिंडर टर्बोचार्ज्ड इंजन 4,000 आरपीएम पर 126 बीएचपी का अधिकतम पॉवर और 1,500-3,000 आरपीएम पर 260 एनएम का टॉर्क उत्पन्न करती है. ये 6-स्पीड मैन्युअल और 6-स्पीड ऑटोमैटिक ऑप्शन के साथ आती है. पेट्रोल Verna के बेस वर्शन की कीमत 7.8 लाख रूपए है वहीँ डीजल के बेस वर्शन की कीमत 9.5 लाख रूपए है (दोनों ही कीमतें एक्स-शोरूम दिल्ली). इनके बीच का अंतर 1.7 लाख रूपए है और फिर भी डीजल वैरिएंट ज्यादा बिक रही है.

Hyundai Verna कस्टमर्स को आकर्षित करने के लिए फ़ीचर्स की एक लम्बी फेहरिस्त ऑफर करती है. इसके फ़ीचर्स के लिस्ट में सनरूफ, वेंटीलेटेड फ्रंट सीट, ऑटोमैटिक बूट ओपनिंग, और बिना चाबी एंट्री जैसी चीज़ें हैं. Hyundai की ये मिड-साइज़ सेडान सेल्स के मामले में इस सेगमेंट की सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली कार है. ये मार्केट में Honda City, Maruti Ciaz और हाल ही में लॉन्च हुई Toyota Yaris से टक्कर लेगी.

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