इंडिया में Mercedes-Benz कार के साथ किए गए छह अटपटे कार्य

Mercedes-Benz कार्स विशेष रूप से भारत जैसे विकासशील देशों में अपनी विशिष्टता के लिए जानी जाती हैं. ये जर्मन ब्रांड भारतीय बाजार में अपने लक्ज़री वाहनों के लिए जाना जाता है. सभी Mercedes-Benz वाहन महंगे होते हैं और ज़्यादातर मालिक इन्हें अत्यधिक देखभाल से रखते हैं. हालांकि, कुछ सनकी मालिक भी हैं जिन्होंने अपनी Mercedes-Benz कार्स के साथ कुछ विचित्र चीजें की हैं. पेश हैं कुछ ऐसे ही छह उदाहरण.

Mercedes-Benz बैटमोबाइल !

बैटममोबाइल ज्यादातर लोगों के लिए केवल फिल्मों में ही मौजूद होती है. विदेशी देशों में बैटमैन के कई बड़े प्रशंसक हैं जिन्होंने विभिन्न कारों को मॉडिफाई कर के बैटमोबाइल बनाई हैं.  इंडिया में Mercedes-Benz S-Class को मॉडिफाई करके Executive Modcar Trendz ने एक बैटमोबाइल बनाई है. इस S-Class को पूरी तरह से बदल दिया गया है.

ये मॉडिफिकेशन कुछ साल पहले किया गया था और कार्य को करने के लिए 25-30 लाख रूपए लगे थे. इस S-Class W222 में विशाल 4.7-लीटर V8 बाई-टर्बो पेट्रोल इंजन लगा है जो अधिकतम 463 बीएचपी और 700 एनएम की पॉवर उत्पन्न करता है. इतनी पॉवर वाकई इस बैटमोबाइल को काफी तेज़ बनाती है. इस कार के मालिक Adar Poonawalla हैं जिनके पास और भी कई लक्ज़री कार्स हैं.

Mercedes Benz लिमोसिन

Mercedes-Benz आधिकारिक तौर पर भारत में अपनी कई कार्स के लंबे व्हीलबेस वर्शन बेचता है, जिसमें E-Class और S-Class भी शामिल हैं पर कुछ लोग और अधिक लेग रूम चाहते हैं. ये E-Class सेडान पर आधारित लिमोसिन है. इस सेडान को लगभग 3 फीट की अधिक लम्बाई दी गई है जिसके कारण इसके कैबिन में अतिरिक्त जगह बन जाती है लेकिन ऐसा करने से इसके चेसिस पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है और साथ ही इसकी चेसिस कमज़ोर पड़ सकती है.

ड्रिफ्टिंग Mercedes Benz

https://youtu.be/1OMI-yzO94c

पेश है Mercedes-Benz A-Class डीजल का एक वीडियो जिसमें गाड़ी सार्वजनिक सड़कों पर ड्रिफ्टिंग कर रही है. भले ही यह एक बंद सोसाइटी का एक खाली रोड था, पर सड़क के दोनों तरफ पार्क की गई कारें हैं और सौभाग्य से दूसरी तरफ से कोई और गाड़ी नहीं आ रही थी. क्या होता अगर ये कार फ़िसल कर पार्क की हुई कार्स में टकरा जाती? Mercedes-Benz A-Class A 180 CDI रियर व्हील ड्राइव वाहन नहीं है. इसमें 2.2-लीटर डीजल इंजन मौजूद है जो अधिकतम 170 बीएचपी की पॉवर और 250 एनएम की टॉर्क उत्पन्न् करता है.

ट्रक को बचाती हुई Mercedes-Benz

अधिकांश भारतीय मालिक अपनी Mercedes-Benz वाहनों को सुरक्षित रखने के लिए उन्हें किसी तरह की कड़ी मेहनत करने से बचाते हैं. पर यहां एक Mercedes-Benz GLE 250D एक सड़क के किनारे दलदल में फंसे एक भारी वाहन को बचा रही है. दिलचस्प बात यह है कि जिस ट्रक को बचाया जा रहा है वो एक Bharat Benz ट्रक है जिसे इस GLE के मालिक ने मदद का हाथ दिया होगा. GLE एक झटके में ट्रक को दलदल से बाहर और सड़क पर वापस खींच देती है. इस कार में 2.2-लीटर 4-सिलिंडर इंजन है जो 201 बीएचपी और 480 एनएम की पावर उत्पन्न करता है. इतना टॉर्क इस प्रकार के बचाव कार्य के लिए पर्याप्त है.

चट्टान चढ़ती Mercedes-Benz

ऑफ रोडिंग का पहला नियम होता है की वाहन को नुक्सान नहीं आए. भारत में जहाँ अधिकांश Mercedes-Benz मालिक अपने वाहनों को राजकुमारी मानते हैं, वहीं इस Mercedes-Benz ML-Class के मालिक के कुछ अलग ही विचार थे. इस वीडियो में पथरीले और उबड़-खाबड़ रास्ते पर पहुँचने के बाद इस ML-Class का ड्राइवर इस कार के साथ बेहद आक्रामक बर्ताव कर रहा है. यह देखा जा सकता है कि कार की अंडरबॉडी कई बार ज़ोर से टकराई है लेकिन इसके ड्राइवर पर इसका कोई असर नहीं है. अंत में, वो इस पथरीले रास्ते को पार तो कर लेता है लेकिन निश्चित रूप से इस Mercedes-Benz की अंडरबॉडी तबाह कर देने के बाद. ये रास्ता बहुत शांत तरीके से भी पार किया जा सकता था.

नदी पार करती Mercedes-Benz SUV

यह वही ML-Class SUV है जिसे एक गहरी नदी पार करते हुए देखा जा सकता है. इस तरह के हाई-एंड वाहनों में बड़े टर्बोचार्जर्स होते हैं जो बहुत अधिक दर पर हवा अंदर लेते हैं. पानी की एक बूंद भी अगर एयर-इन्टेक मनिफोल्ड में चली जाती तो इसका इंजन हाइड्रो-लॉक हो जाता. इसके अलावा, ये Mercedes-Benz SUV नदी के बीचों बीच फंसती हुई भी देखी जा सकती है और अंत में इसका अगला बम्पर नदी के तट पर टकराता है. Mercedes-Benz की ML-Class में लो-रेश्यो ट्रांसफर केस नहीं होता जिसके कारण ये ऐसे कार्यों के लिए सक्षम नहीं है. ऐसे में इस SUV को इस परिस्तिथि में चलाने वाला ड्राइवर, या तो बहुत बहादुर हो सकता है या बिलकुल पागल.

 

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