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Royal Enfield मोटरसाइकल्स को लेकर 10 बड़ी भ्रांतियां हम करते है दूर  

Royal Enfield दुनिया के सबसे पुराने बाइक निर्माता हैं. इस कंपनी की मोटरसाइकल्स अब 100 साल से ज्यादा समय से बाज़ार में उपलब्ध हैं. इसलिए स्वाभाविक ही इन शानदार बाइक्स को लेकर कुछ भ्रांतियां अब ग्राहकों के बीच आम हो चुकी हैं. हम आज पता लगते हैं की Royal Enfield बाइक्स को लेकर मशहूर 10 अफवाहों में क्या वाकई है कोई दम.

बड़ा हमेशा बेहतर होता है

Royal Enfield मोटरसाइकल्स को लेकर 10 बड़ी भ्रांतियां हम करते है दूर  

फ़िलहाल बनाने वाली Royal Enfield बाइक्स में इस्तेमाल होने वाला सबसे छोटा इंजन 346-सीसी का है. इन बाइक्स के कई प्रेमी इस बात की खूब शेखी मारते हैं और उनका मानना है की इतना बड़ा इंजन मोटरसाइकिल की बेहतरीन परफॉरमेंस का मुख्य कारण है. मगर असलियत इसके बिलकुल उलट है. Royal Enfield बाइक्स में मौजूद 346-सीसी इंजन किसी अन्य बाइक के 150-सीसी इंजन जितना ही ताकतवर है. क्यों? ऐसा इसलिए कि Royal Enfield के इंजन की बनावट अन्य सभी बाइक्स से अलग होती है.

Enfield के इंजन में कम्प्रेशन का अनुपात और आरपीएम काफी कम होता है. इनका टॉर्क काफी अधिक होता है जो इन भारी-भरकम बाइक्स में काफी ज़रूरी भी है. यह Royal Enfield बाइक्स की सबसे जानी-पहचानी खूबी है और इस वजह से यह बाज़ार में लोकप्रिय भी हैं. तो बड़ा हमेशा नहीं होता बेहतर.

पुराने उत्पाद

Royal Enfield दुनिया में किसी भी अन्य मोटरसाइकिल कंपनी से ज्यादा समय तक टिकी रहने में कामयाब रही है और इसकी वजह है समय के साथ लगातार बदलाव. इन बाइक्स में ‘यूनिट कंस्ट्रक्शन इंजन’ एकमात्र ऐसी चीज़ है जिसे पुराना कहा जा सकता है. Royal Enfield की Himalayan में मौजूद LS इंजन और Interceptor व Continental GT 650 में इस्तेमाल हुआ 650-सीसी ट्विन पैरेलल इंजन इस समय बाइक बाज़ार में मौजूद सबसे उन्नत तकनीक का ईस्तेमाल करते हैं. यह दर्शाता है कि Royal Enfield समय के साथ खुद में बदलाव कर अपने आप को प्रासंगिक बनाये हुए है.

लम्बी दूरी के लिए है बेहतरीन साथी

Royal Enfield मोटरसाइकल्स को लेकर 10 बड़ी भ्रांतियां हम करते है दूर  

Royal Enfield मोटरसाइकल्स की न जाने क्यों ऐसी छवि बन गयी है कि लम्बी दूरी के सफ़र के लिए इनसे बेहतर दूसरी कोई बाइक नहीं है. मगर हमारे अनुसार बाज़ार में अन्य बाइक्स हैं जो चलाने में कहीं अधिक आरामदायक हैं. Royal Enfield मोटरसाइकल्स किसी भी लिहाज़ से टूरिंग बाइक्स नहीं है. इस गाड़ी में अक्सर पैदा होने वाला कम्पन लम्बी दूरी वाले रास्तों पर चालक के लिए मुसीबत पैदा कर देगा और उसको कई शारीरिक दिक्कतें भी होंगी. इस बाइक के चालक अक्सर ही काफी जल्दी थक जाते हैं और ऐसा इसकी बॉडी डिजाईन के कारण भी होता है.

काफी गैर-भरोसेमंद

Royal Enfield मोटरसाइकल्स के रख-रखाव में काफी खर्चा आता है और यह अक्सर किसी ना किसी खराबी का शिकार हो जाती हैं. यह बात सच नहीं है. किसी भी Royal Enfield बाइक की अन्य बाइक की तुलना में ज्यादा देखभाल तो करनी पड़ती है. अगर इन बाइक्स की अच्छी तरह वक़्त पर सर्विस करायी जाये तो सड़क पर यह अन्य किसी बाइक जैसी ही परफॉरमेंस देंगी. Royal Enfield मोटरसाइकल्स के रख-रखाव का खर्चा थोड़ा अधिक ज़रूर है मगर फिर इन बाइक्स की बात भी तो कुछ और ही है.

अपनी प्रतिद्वंद्वियों जितनी ही आधुनिक

Royal Enfield मोटरसाइकल्स को लेकर 10 बड़ी भ्रांतियां हम करते है दूर  

यह बाइक्स किसी भी लिहाज़ से पुरानी तो नहीं है मगर अपने मुख्या प्रतिद्वंद्वियों जितनी उन्नत भी नहीं है. Royal Enfield ने अभी हाल ही में अपनी बाइक्स के भारतीय संस्करण में ABS (एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम) जैसा फीचर देना शुरू किया है. ना सिर्फ यह फीचर काफी देर से लॉन्च किया गया है बल्कि 1 लाख रूपए से उपकार की कीमत वाली इन बाइक्स में ऐसा महत्वपूर्ण फीचर ना होने किसी अन्याय से कम नहीं है. अधिकतर Royal Enfield बाइक्स में ना तो फ्यूल इंडिकेटर और ना ही फ्यूल इंजेक्शन सिस्टम होता है.

माइलेज की समस्या

Royal Enfield मोटरसाइकल्स को लेकर 10 बड़ी भ्रांतियां हम करते है दूर  

काफी लोगों का मानना है कि Royal Enfield की बाइक्स का माइलेज काफी कम होता है. मगर हमारे हिसाब से यह बात सच्चाई से परे है. Bullet 350 का माइलेज तकरीबन 35 किलोमीटर प्रति लीटर है जो काफी अच्छा है. Royal Enfield बाइक्स कम आरपीएम पर भी ज्यादा पॉवर पैदा कर सकती है और यही वजह है इनकी बेहतर माइलेज की.

इन बाइक्स को शुरू करने में होती है दिक्कत

नए ज़माने की Royal Enfields को तो कोई बच्चा भी स्टार्ट कर सकता है. इन बाइक्स में इलेक्ट्रिक स्टार्ट बटन होता है जिसे दबाते ही मोटरसाइकिल शुरू हो जाती है. हां, अगर बाइक को लम्बे समय से इस्तेमाल नहीं किया गया है तो आपकी शुरुआत में कुछ कठिनाई का सामना करना पड़ेगा.

अगर बाइक का इलेक्ट्रिक स्टार्ट बटन किसी कारण खराब हो जाता है तो बाइक में मौजूद नए ‘यूनिट कंस्ट्रक्शन इंजन’ में आपको डी-कंप्रेसर यूनिट मौजूद है जिससे इन्हें किक द्वारा आसानी से शुरू किया जा सकता है.

तेल लीक होना है आम बात

जी हाँ, Royal Enfield मोटरसाइकल्स तेल लीक करने के लिए बहुत ही बदनाम हैं. मगर इस कंपनी की नयी बाइक्स से रिसने वाला तेल किसी भी लिहाज़ से दूसरी कंपनियों की नए ज़माने की बाइक्स से लीक होने वाले तेल से ज्यादा नहीं है. इस समस्या के चलते पुरानी Royal Enfield बाइक्स में लगातार ही तेल के स्तर को जांचना पड़ता था ताकी कहीं इंजन ख़राब ना हो जाये. मगर नए ज़माने की Royal Enfields में इस समस्या का समाधान ढूंढ लिया गया है और अब ग्राहक इसकी शिकायत बिल्कुल नहीं करते. नयी बाइक्स में बेहतर सीलिंग के चलते यह समस्या अब पैदा नहीं होती है.

आसान है इन्हें चलाना

Royal Enfield मोटरसाइकल्स को लेकर 10 बड़ी भ्रांतियां हम करते है दूर  

कई लोगों को लगता है की Royal Enfield बाइक्स को चलाना काफी आसान है. यह लम्बी दूरी के सफ़र में इस बाइक की लोकप्रियता की एक बड़ी वजह है. भारी होने के कारण इन बाइक्स को चलने में काफी ताकत लगती है. सीधी सड़कों पर इन बाइक्स को चलाना आसान है मगर पहाड़ियों पर चालक इन्हें सँभालते-सँभालते काफी ज्यादा थक सकते हैं. इसके इंजन का कम आउटपुट भी किसी लिहाज़ से मददगार नहीं है.

हाथ से बनी हैं यह बाइक्स

Royal Enfield मोटरसाइकल्स को लेकर 10 बड़ी भ्रांतियां हम करते है दूर  

Royal Enfield बाइक्स को लेकर यह सबसे बड़ी भ्रांति है. कई लोग और बाइक प्रेमी कहते हैं कि इन मोटरसाइकल्स को बाज़ार में आने में इतना समय इसलिए लगता है क्योंकि यह हात से बनायीं जाती हैं. मगर यह सरासर गलत है. Royal Enfield कंपनी इन बाइक्स को बनाने के लिए रोबोट्स का इस्तेमाल करती है. नयी Royal Enfield में कुछ भी हात से बना नहीं है. एक ज़माने में एक ही परिवार के लोग Classic 350 और Classic 500 के फ्यूल टैंक पर आकृति बनाते थे जिस वजह से यह भ्रांति मशहूर हुई.