देखिये कैसे Ford EcoSport फँस जाती है और Mahindra Scorpio 4X4 इसे बचाती है

भारत में ऐसी कई गाड़ियां मिलती हैं जो SUV के नाम से मिलती हैं लेकिन उनमें 4WD या 4X4 सेटअप नहीं मिलता है. जहां ऐसी कार आमतौर पर रोज़मर्रा के कामों के लिए खराब सड़कों को झेल सकती हैं, वो 4WD या 4X4 वाली SUVs जितना अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सकतीं. ये विडियो कीचड़ में एक फँसी हुई Ford EcoSport को एक 4X4 Mahindra Scorpio द्वारे बचाए जाने को दर्शाता हैin wet mud.

Mahindra Scorpio ने बचाया Ford EcoSport को

इस विडियो में एक Ford EcoSport एक बलुआही रास्ते पर फँस जाती है. एक 2WD गाड़ी में ऐसे रास्तों पर फँसना बेहद आम है. Mahindra Scorpio इसे बचाने आती है और एक रस्सी को EcoSport के रियर हुक में फंसा कर उसे बचाती है.

यहाँ हम जिस Mahindra Scorpio को देख रहे हैं वो इस गाड़ी का 4X4 वर्शन है जिसमें एक लो-रेश्यो ट्रान्सफर केस लगा हुआ है. इससे गाड़ी का टॉर्क आउटपुट काफी ज्यादा बढ़ जाता है और गाड़ी ऐसे मुश्किल हालातों से आसानी से निकल सकती है. विडियो में देख जा सकता है की Mahindra Scorpio को यहाँ से निकलने में कोई दिक्कत नहीं आती है और EcoSport को वो बड़े आसानी से मुश्किल से निकाल लाती है. इस बात का तो पता नहीं है की EcoSport कैसे वहां पहुँच गयी लेकिन ये एक गाँव की सड़क जैसी दिखती है और इसे केवल पैदल यात्रियों और 4X4 गाड़ियों के लिए बनाया गया है.

2WD गाड़ियां अपने कम कीमत और कम ज़रुरत के चलते भारत में 4WD गाड़ियों के मुकाबले ज्यादा बिकती हैं. लेकिन, कई लोगों को लगता है की अगर उनकी गाड़ी का ग्राउंड क्लीयरेंस काफी अच्छा है तो वो कहीं भी पहुँच सकती है.

लेकिन ये सच्चाई नहीं होती और ऐसी कुछ जगहें होती हैं जहां से 2WD SUVs को दूर ही रहना चाहिए. बिना 4WD के गाड़ी मुश्किल जगहों पर आसानी से फँस सकती है. 4WD गाड़ियों में दोनों एक्सल को पॉवर मिलता है इसके चलते अगर गाड़ी के फ्रंट या रियर व्हील्स फँस भी जाते हैं तो दूसरे एक्सल की मदद से गाड़ी आसानी से बाहर निकल आ सकती है.

ऐसी जगहें जहां से 2WD गाड़ियों को दूर रहना चाहिए

ऐसी कुछ जगहें हैं जहाँ से 2WD गाड़ियों को दूर ही रहना चाहिए. जहां टायर्स से ट्रैक्शन मिलने से वो मुश्किल जगहों से निकल सकती हैं, पर उनके फंसने की संभावना ज्यादा रहती है. पेश हैं ऐसी जगहें जहां 2WD गाड़ियों को नहीं जाना चाहिए. लेकिन अनुभवी ड्राईवर यहाँ भी गाड़ी अच्छे से चला सकते हैं.

बर्फ: ताज़ा बर्फ पर ड्राइव करना कोई बड़ी बात नहीं होती और 2WD हैचबैक्स भी इस काम को आसानी से पूरा कर लेती हैं. दिक्कत आती है पुराने बर्फ में ड्राइव करने में जो ज़्यादा सख्त होकर बेहद फिसलन भरा बन जाता है. जहां 4WD गाड़ियाँ पॉवर को चारों चक्कों तक भेजकर संतुलन बनाए रखता है. वहीँ 2WD गाड़ियाँ सख्त बर्फ पर आसानी से संतुलन खो बैठती हैं.

बालू: बालू साफतौर पर 2WD गाड़ियों की दुश्मन है. बालू के टीलों जैसी बलुआही जगहें आपकी 2WD गाड़ी के लिए बेहद खतरनाक होती हैं. ऐसा इसलिए है क्योंकि बालू बेहद ढीली होती है और इसमें गाड़ी काफी जल्दी धंस सकती है. बिना मतलब का व्हील-स्पिन और दिक्कतें पैदा करता है और गाड़ी बालू में और भी धंस सकती है. यहाँ तक की कई 4WD गाड़ियों को भी ढीली बालू वाली जगह जाने की मनाही होती है. लेकिन फिर भी वो ज्यादा ग्रिप के चलते 2WD गाड़ियों से अच्छा परफॉर्म करते हैं.

समुद्र के किनारे: आपको अपनी गाड़ी को समुद्र के किनारे बिलकुल नहीं ले जाना चाहिए. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि वहाँ because of the ढीली रेत मौजूद होती है जिससे गाड़ियाँ वहाँ आसानी से फँस जाती हैं. कभी-कभी तो 4WD SUVs को भी बालू में दिक्कत आती है. जब तक ये नहीं बताया गया हो की वो एक ड्राइविंग बीच है, वहाँ गाड़ी नहीं चलानी चाहिए. ड्राइविंग बीच पर दिक्कतें नहीं आती हैं क्योंकि उनके बालू के नीचे पथरीली या मिट्टी की सतह होती है जिससे ड्राइविंग आसान हो जाती है.

नदी पार करना: नदी को पार करना खतरनाक हो सकता है, और 2Wd गाड़ियों में ऐसा नहीं किया जाना चाहिए. एक 4WD गाड़ी छिछले पानी में एक 2WD गाड़ी के मुकाबले ज्यादा अच्छा परफॉर्म करती है पर फिर भी पानी की गहराई का ध्यान रखना चाहिए.

दलदल: आमतौर पर नदी और झीलों के किनारे पाए जाने वाले दलदली इलाकों को देखकर पार करना बेहद आसान लगता है लेकिन उसमें आपके चक्के आसानी से फँस सकते हैं. 4WD गाड़ियों में पॉवर दोनों एक्सल में बाँट दिया जाता है, इनका दलदली इलाके से निकालना आसान होता है लेकिन अगर आपके पास 2WD गाड़ी है तो ऐसे जगहों से दूर रहना ही बेहतर है.

विडियो — Mayank Kumawat