देखिये कैसे केरल के इस इंसान ने बनाया अपने बच्चों के लिए नायाब मिनी ऑटो-रिक्शा!

कहा जाता है की माँ-बाप अपने बच्चों को खुश करने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं. अब मिलिये Arun Kumar Purushothaman, केरल के एक निवासी जिन्होंने अपने दो बच्चों के लिए एक मिनी ऑटो-रिक्शा बनाया है. Arun Kumar केरल के Idukki जिले में नर्स का काम करते हैं और उन्होंने इस ऑटो-रिक्शा को इसलिए बनाया ताकि उनके बच्चे इससे खेल सकें. आगे बढ़ने से पहले आइये इस विडियो को देखते हैं.

सबसे पहले आपको बता दें की ये मिनी ऑटो-रिक्शा बिल्कुल एक आम Bajaj RE ऑटो के छोटे वर्शन जैसा दिखता है. Arun इस विडियो में अपने कृति के हर पहलू के बारे में बताते हैं. वो कहते हैं की उन्हें इस प्रोजेक्ट को पूरा करने में लगभग साढ़े सात महीने का समय लगा. इस ऑटो-रिक्शा का फ्रंट डिश ऐन्टेना के मेटल से बना है और इसका बेस मेटल गैस स्टोव को पीट-पीट बना है.

अन्दर में, इस ऑटो-रिक्शा में गियर लीवर है जो इसे आगे और पीछे जाने में मदद करता है. इसमें लाइट्स, वाईपर, हॉर्न और इंडिकेटर के लिए स्विच भी लगे हैं. इसमें एक फर्स्ट ऐड बॉक्स, चार्जिंग पॉइंट, और म्यूजिक सिस्टम भी लगा है.

Kids Auto Rickshaw 1

पेट्रोल या डीजल इंजन के बजाय इसमें एक 24V DC इलेक्ट्रिक मोटर है जिसे रियर व्हील्स से एक साइकिल चेन की मदद से जोड़ा गया है. Arun Kumar कहते हैं की इस ऑटो-रिक्शा का वज़न लगभग 60 किलो है और ये 150 किलो तक का वज़न उठा सकता है.

ब्रेक्स की बात करें तो इसमें आम मेटल कटर का डिस्क लगा है. इस डिस्क ब्रेक के बाकी पार्ट्स एक साइकिल से लिए गए हैं. इस ऑटो के व्हील्स लकड़ी से बने हैं और इसके ऊपर टायर रीसोल की कोटिंग लगी है. वो इस मिनी ऑटो पर एक सस्पेंशन भी दिखाते हैं जो दरअसल बड़े ऑटो-रिक्शा जैसा ही है.

Kids Auto Rickshaw 2

इस ऑटो के पिछले हिस्से में दो 12V बैटरी लगी हैं जो इसके 24V इलेक्ट्रिक मोटर को पॉवर देते हैं. Arun ने रबर स्ट्रिप्स की मदद से आगे और पीछे के ग्लास वाले हिस्से पर बीडिंग बनायी है.

इसके व्हील्स के साइड्स पर रबर चप्पलों के सोल में इस्तेमाल होने वाला मटेरियल लगा है.

इस मिनी ऑटो-रिक्शा को बनाने की कुल कीमत की जानकारी मौजूद नहीं है. लेकिन अंत में आपको एक कूल लुक्स वाला Bajaj RE ऑटो का मॉडल मिलता है जो हर किसी को भाता है.