देखिये कैसे नायाब Bajaj V15 ‘बाइक एम्बुलेंस’ ज़िंदगियाँ बचा रहा है!

भारत में ऐसे अनगिनत घटनाएं हुई हैं जहां एम्बुलेंस की गैर-मौजूदगी के चलते लोगों को काफी ज़्यादा दिक्कत हुई है. आमतौर पर एम्बुलेंस अपनी साइज़ के चलते ट्रैफिक जैम में फंसे जाती हैं जो मरीजों के लिए घातक होता है. इस समस्या से निबटने के लिए आंध्रप्रदेश की सरकार ने एक नायाब कदम उठाते हुए बाइक एम्बुलेंस की सेवा शुरू की है. आइये नीचे दिए गए विडियो में देखते हैं की ये नायाब और रचनात्मक एम्बुलेंस कैसे काम करता है.

जैसा की आप विडियो में देख सकते हैं, इस बाइक एम्बुलेंस का पूरा सेटअप बेहद मामूली लेकिन बेहद नवीन है. इसके लिए Bajaj V15 को इस्तेमाल किया गया है. इसमें एक फुल साइज़ साइडकार लगा है जिसमें एक इंसान आराम से लेट सकता है. इस साइडकार पर रीक्लाइनर सीट लगी हुई है. ये एक बेहद अच्छा सेटअप है क्योंकि बीमार लोगों के लिए इलाज से पहले सफ़र करते हुए अक्सर बैठना संभव नहीं होता. इस साइडकार के ऊपर एक ढक्कन भी है जिससे मरीज़ बाहर के विघ्नों से दूर रहता है.

इस साइड कार के पीछे एक फैन लगा है जिससे अन्दर की हवा बाहर निकलते रहती है. इसका ढक्कन एक एक बड़ा हिस्सा शीशे का बना है जिससे राइडर मरीज़ पर नज़र रख सकता है. इस बाइक एम्बुलेंस को खासतौर पर राज्य के आदिवासी समुदाय के लिए बनाया गया है. उनके इलाकों में सही चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं और एम्बुलेंस को ऐसे इलाकों तक पहुँचने में काफी समय लगता है. इस बाइक एम्बुलेंस के साथ इन दिक्कतों से निबटा जा सकता है. ये सुविधा गर्भवती महिलाओं के लिए भी काफी मददगार साबित हो सकती है.

Babaj V15 Ambulance

बाइक एम्बुलेंस कोई नया उपाय नहीं है और इसे 1915 से इस्तेमाल किया जा रहा है. भारत में भी कई राज्यों में आपको अलग-अलग डिजाईन और फंक्शन वाले बाइक एम्बुलेंस मिउल जायेंगे. लेकिन, ऊपर पेश किया गया उदाहरण अभी तक का सबसे आधुनिक उपाय है. बाइक एम्बुलेंस ना केवल ग्रामीण बल्कि शहरी इलाकों के लिए भी एक अच्छा उपाय है. शहर में अक्सर 4-व्हीलर एम्बुलेंस ट्रैफिक जैम के चलते मौके पर जल्दी नहीं पहुँच पाती.

बाइक एम्बुलेंस ऐसे हालात में बेहद कामगार साबित हो सकता है क्योंकि ये मुश्किल जगहों पर आसानी से पहुँच सकती है. कर्नाटक सरकार ने ख़ास प्रथाम उपचार बाइक्स की सेवा शुरू की है ये बाइक्स असल में मॉडिफाइड Bajaj Avenger बाइक्स हैं जो एक एम्बुलेंस के आने से पहले प्रथम उपचार का सामान लेकर मौके पर पहुँच जाती है.