देखिये इन बाइकरों को बिना हेलमेट की राइडिंग के लिए चालान से बचते – खुद ये कोशिश न करें!!

इंडिया के मोटरिस्ट और पुलिस के बीच देश के ज़्यादातर हिस्सों में चलता है चूहे बिल्ली का खेल. पुलिसवाले अक्सर पेड़ों के पीछे और ब्लाइंड इंटरसेक्शंस पर छुप कर बैठे होते हैं गलती करने वाले मोटरिस्ट्स को पकड़ कर उनका चालान काटने के लिए. लेकिन गोवा में, बाइकरों ने हेलमेट न पहनने पर चालान लगाने के लिए घात में बैठी पुलिस को स्पीड में दे दी मात और ये सब रिकॉर्ड हो गया एक विडियो में.

जैसा की इस फेसबुक विडियो में देखा जा सकता है, बिना-हेल्मेट स्कूटर और बाइक राइडर इंटरसेक्शन के पहले रुक गए जहाँ पुलिसवाले उनका चालान काटने के लिए इंतज़ार कर रहे थे. इंटरसेक्शन से बिना हेलमेट के गुज़र जाने के बजाय, इन सवारों ने अपने टू-व्हीलर्स को चेक-पॉइंट के दूसरी तरफ धक्का दे कर पहुँचाया और फिर कुछ दूर जाने के बाद, अपने टू-व्हीलर्स पर सवार हो कर फुर्र हो गए. पुलिसवाले कानून तोड़ने और साफ़ निकल आने के इस अनोखे तरीके पर हैरान होने के इलावा और कुछ भी नहीं कर पाए.

यहाँ तर्क यह था की पुलिस बिना हेलमेट के राइडर्स को सिर्फ अपनी टू-व्हीलर्स को धक्का देने के लिए नहीं पकड़ सकती थी. वैसे ये स्टंट दूसरे राज्यों की पुलिस के साथ नहीं भी काम कर सकता है, क्योंकि वह कानून का उल्लंघन करने वालों पर ताकत का इस्तेमाल करने से नहीं कतरातीं.

जहाँ देखने में ये काफी मज़ेदार है, ऐसा करना बेवकूफी है!

हेल्मेट्स जान बचाते हैं. टू-व्हीलर राइडर्स के संतुलन खो देने और गाड़ी से गिर जाने की काफी सम्भावना होती है. ऐसी स्थितियों में राइडर को सर पर लगने वाली चोट से जो अकेली चीज़ बचाती है वो है क्रैश हेलमेट. टू-व्हीलर चलाते वक़्त इसे न पहनने से क्रैश की स्थिति में सर में गंभीर चोटें लग सकती हैं, ब्रेन डैमेज हो सकता है, यहाँ तक की मौत भी हो सकती है.

हेलमेट चुनते वक़्त ऐसा हेलमेट चुनना ज़रूरी है जो आरामदायक लेकिन चुस्त फिटिंग का हो. इसके अलावा, ISI सर्टिफाइड हेलमेट खरीदना ज़रूरी है क्योंकि लोकल क्रैश हेलमेट अक्सर कमज़ोर होते हैं और क्रैश के वक़्त होने वाले तीव्र स्ट्रेसेज़ को झेल नहीं पाते. DOT और ECE मार्क्स वाले इंटरनेशनली सर्टिफाइड क्रैश हेल्मेट्स भी ठीक होते हैं.