Used Ford Endeavours Come Cheap, But is the Deal Worthwhile? सेकंड हैण्ड Ford Endeavours सस्ते में मिल जाती हैं, लेकिन क्या इन्हें खरीदना चाहिए?

सेकंड हैण्ड Ford Endeavours सस्ते में मिल जाती हैं, लेकिन क्या इन्हें खरीदना चाहिए?

भारत का कार मार्केट अब अच्छे खासे समय तक से मौजूद है और इसके चलते भारत में सेकंड हैण्ड कार्स के मार्केट में कई ऑप्शन मौजूद हैं. अगर आप मार्केट में एक सेकंड हैण्ड कार की तलाश में है और एक पुराने जनरेशन वाली Ford Endeavour खरीदना चाहते हैं तो आपको कई ऑप्शन मिल जायेंगे.

Ford Endeavour Used 1

इनमें से कई अच्छे से मेन्टेन की हुईं कार्स की कीमत एक नयी मिड साइज़ हैचबैक से भी कम है जिनसे ये और भी अच्छा ऑप्शन बन जाते हैं. लेकिन, इन गाड़ियों को खरीदना और मेन्टेन करना किस हद तक सही है? हमने कुछ ऐसे ही विषयों पर चर्चा की है जिससे आपको एक सेकंड हैण्ड Ford Endeavour खरीदने में मदद मिलेगी.

फर्स्ट जनरेशन सेकंड-हैण्ड Ford Endeavour SUVs इके उदाहरण: Ford Endeavour 1, Ford Endeavour 2, Ford Endeavour 3

Ford Endeavour में कई खूबियाँ और पहले इन्हें जानना ज्यादा सही होगा.

सिंपल, सादा डिजाईन

Ford Endeavour 2

पिछले जनरेशन वाली Ford Endeavour का डिजाईन काफी सीधा-सादा था. इसके चलते कई लोग पुराने जनरेशन वाली Endeavour को पसंद करते हैं. ये एक सच्ची अमेरिकन SUV जैसी दिखती है. Endeavour को लैडर-फ्रेम चेसी पर बनाया गया है और लगता है की पिछले जनरेशन वाले मॉडल के डिज़ाइनर ने इसके डिजाईन को सादा ही रखने की कोशिश की थी.

बेहद रफ और टफ एवं काबिल

इस सादे डिजाईन के चलते गाड़ी काफी रफ और टफ भी थी. पुरानी Endeavour बिना किस्सी दिक्कत के रफ हैंडलिंग और खराब रास्तों पर चल सकती है. ये गाड़ी काफी काबिल भी है इसमें 4X2 और 4X4 दोनों वर्शन मिलते थे और 4X4 वर्शन में लो ट्रान्सफर केस भी मिलता था जो Endeavor को काफी काबिल बनाता था. इसका 3.0-लीटर डीजल इंजन अधिकतम 154 बीएचपी और 380 एनएम उत्पन्न करता था.

बेहतरीन वैल्यू फॉर मनी

अगर आपको अच्छे तरह से मेन्टेन की हुई Ford Endeavour मिल जाती है तो आपको गाड़ी में काफी ज्यादा जगह मिलेगी और साथ ही गाड़ी काफी पावरफुल एवं काबिल भी होगी. सेकंड हैण्ड Endeavour की कीमत पर आपको कोई भी मिड साइज़ हैचबैक या सेडान ऐसे फीचर्स नहीं देगी. सेकंड हैण्ड Endeavour काफी ज्यादा वैल्यू फॉर मनी डील है.

बड़ा सर्विस नेटवर्क

Ford Endeavour 3

Ford का सर्विस नेटवर्क काफी ज्यादा बड़ा है और बड़े शहरों के साथ छोटे शहरों में भी आपको इसके सर्विस सेण्टर मिल जायेंगे. हालांकि पुराने जनरेशन वाली Ford Endeavour की जगह थोड़े समय पहले एक नया मॉडल लॉन्च कर दिया गया था, Ford बेहतरीन आफ्टर सेल्स सर्विस देती है और आपको आम सर्विस के लिए एक लोकल मैकेनिक की ज़रुरत नहीं पड़ेगी. साथ ही स्पेयर पार्ट्स भी काफी आसानी से मिल जाते हैं.

लेकिन, सेकंड हैण्ड Ford Endeavour के मालिकों को कुछ दिक्कतें भी आ सकती हैं. पेश हैं ऐसी ही कुछ दिक्कतें.

पुराना इंजन

पुराने Endeavour वाला 3.0 लीटर इंजन फिलहाल मार्केट में उपलब्ध नहीं है. हलांकि पुराने इंजन में काफी ज्यादा टॉर्क उत्पन्न होता था, इसकी आवाज़ काफी ज्यादा था, और ये उतना स्मूथ भी नहीं था. ये ऐसे लोगों के लिए दिक्कत दे सकता है जिन्हें एक शांत SUV की तलाश है.

5-स्पीड ऑटोमैटिक

Ford Endy 4

पुराने Ford Endeavour का 5 स्पीड ऑटोमैटिक उतना अच्छा नहीं था. पुराने मॉडल वाला टॉर्क कनवर्टर ट्रांसमिशन उतना अच्छा नहीं था. अगर आपको पुराने Endeavour का ऑटोमैटिक वर्शन मिल रहा है तो इसे एक बार चला कर टेस्ट कर लेना ज्यादा सही होगा.

खराब माइलेज

पुराने Ford Endeavour का माइलेज उतना अच्छा नहीं था और अक्सर Endeavour शहर में 8-9 किमी/लीटर और हाईवे पर 10-12 किमी/लीटर का माइलेज देती है, जो बेहद कम है. इस डीजल गाड़ी को माइलेज के लिए नहीं जाना जाता था और इससे आपके जेब पर भार ही पड़ेगा.

महंगे स्पेयर पार्ट्स

पुराने Endeavour को बदन हुए काफी समय हो गया है. इस SUV के बेहद कम पार्ट्स यहाँ बनते थे. इसका मतलब है इसके पार्ट्स की कीमत महंगी होगी. साथ ही हर पुरानी कार की तरह इसका मेंटेनेंस ज्यादा खर्चीला होगा. इसलिए आपको इस बात को दिमाग में रखना चाहिए.

राइड क्वालिटी

Ford Endeavour 5

पुराने Ford Endeavour की राइड उछाल भरी होती थी क्योंकि इसका सस्पेंशन सेटअप ऐसा था. अगर गाड़ी में केवल एक-दो लोग बैठे होते थे, तो ये सड़क पर काफी आरामदायक नहीं होती थी, लेकिन ज्यादा पैसेंजर के बैठने पर ये दिक्कत नहीं आती थी.

बैन का खतरा

जहां NGT दिल्ली-NCR में 10 साल पुरानी डीजल कार्स और 15 साल पुरानी पेट्रोल कार्स पर बैन लगा रही है, सेकंड हैण्ड गाड़ियों की लाइफ नयी गाड़ियों जितनी नहीं होती. भले ही ये नियम अभी केवल दिल्ली-NCR के लिए हो लेकिन जल्द ही दूसरे राज्यों में भी इसे लागू किया जा सकता है.

×

Subscibe our Newsletter