जल्द भारत आ रही Honda Civic सुरक्षा के मामले में है अव्वल कार: जानिये क्यों

Moose Test वह परिक्षण है जिसे स्वीडिश कंपनी अपनी कार्स पर यह जानने के लिए करती हैं कि उच्च गति पर दिशा बदलने पर उनकी प्रतिक्रिया कैसी रहेगी. भारतीय बाजार के लिए जापानी कार निर्माता Honda की जल्द लॉन्च होने वाली Civic sedan पर हाल ही में Moose Test किया गया. कार पर यह परीक्षण ‘नार्मल’ और ‘स्पीड’ मोड पर किया गया. चलिए देखते हैं इसके क्या परिणाम रहे.

Moose test मूल रूप से वाहन की स्थिरता की जांच करने का एक तरीका है और यह पता लगता है कि आपातकालीन स्थित में कार कितनी तेजी से दिशा परिवर्तन कर सकती है. टेस्ट के दौरान ड्राइवर एक चलती कार को बाईं दिशा में घुमाता है और फिर तुरंत विपरीत दिशा घुमा देता है और जाँचता है कि कार फिसलती है या पलटती है और स्टीयरिंग पूरी तरह से नियंत्रण में रहता है या नहीं. Moose test को आपातकालीन दिशा परिवर्तन पर कार की क्षमता जानने के लिए डिज़ाइन किया गया है. उदाहरण के लिए तेज गति के साथ सीधी सड़क पर जाते समय यदि कोई जानवर आपके सामने आ जाता है तो आपको अचानक दिशा के परिवर्तन की आवश्यकता होती है. ऐसे में यदि आपकी कार Moose test में सफल हो चुकी है तो जान ली जिए कि आप खतरे से बाहर हैं.

यहाँ एक Civic hatchback पेश की गई है जिस पर Moose test किया जा रहा है और यह कार परीक्षण के दौरान काफी अच्छा प्रदर्शन कर रही है.

विडियो में आप देख सकते हैं कि सड़क पर ट्रैफिक शंकु रखे गए हैं और Honda Civic को बाईं दिशा में और फिर तुरंत उच्च गति पर दाईं ओर घुमाया जाता है. यह कार 79 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से परीक्षण में उतरती है. Honda Civic शुरू में थोड़ा नियंत्रण से बाहर जाती है लेकिन स्टीयरिंग व्हील ड्राइवर के नियंत्रण में रहता है जिससे ड्राईवर और कार में बैठे लोग सुरक्षित रहते हैं. पहला चरण में सफल होने के बात दूसरा चरण 81 किलोमीटर प्रति घंटे की उच्च रफ़्तार के साथ शुरू किया जाता है. कुल मिलाकर यहाँ भी कार नियंत्रण में रही लेकिन पहियों के घूमने के कारण चालक ने सड़क पर लगाये गए कुछ शंकु को टक्कर मार दी.

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Civic की गति को एक फिर से बढ़ा कर 84 किलोमीटर प्रति घंटा कर दिया जाता है और हम वीडियो में देख सकते हैं कि यहाँ भी Honda Civic को संभालने के मामले में कोई समस्या नहीं होती है और स्टीयरिंग व्हील नियंत्रण में रहा.

अंत में Honda Civic पर slalom test भी किया जाता है. इसमें हम जाँचते हैं कि सड़क पर अपनी पकड़ को बनाए रखते हुए कार कितनी तेजी से अपनी दिशा बदल सकती है. इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कण्ट्रोल (ESC) कार को तेज गति से चलाने में मदद करता है जिससे कार सड़क पर स्थिर और ड्राइव करने के लिए सुरक्षित रहती है.

Honda Civic की भारत में लॉन्च:

Honda साल 2019 में Civic को भारत में लॉन्च करेगी. इस कार की डिज़ाइन को दुनियाभर में व्यापक रूप से सराहा गया है. यह D-Segment श्रेणी में एक स्पोर्टी कार होगी और इसके बहुत सारे खरीददारों को आकर्षित करने की उम्मीद है. एक्सटीरियर की बात करें तो Civic को LED हेडलैंप और टेललैंप मिलेंगी और इसमें DRLs भी शामिल होंगे. भारतीय बाजार में पेश की जाने वाली कार में फॉग लैम्प्स और नए एलाय व्हील्स में क्रोम भी होगा. इंटीरियर्स की बात करें तो Apple CarPlay और Android Auto से लैस एक बड़ी 7-इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट यूनिट कार में मौजूद होगी.

भारत में बिकने वाली Honda Civic पेट्रोल और डीजल दोनों इंजनों द्वारा संचालित होगी. 1.8-लीटर पेट्रोल मोटर 140 बीएचपी पॉवर-174 एनएम टॉर्क पैदा करेगी और 6-स्पीड मैन्युअल और ऑटोमैटिक गियरबॉक्स विकल्पों के साथ इसे जोड़ा जायेगा. डीज़ल संस्करण में एक छोटा 1.6-लीटर इंजन होगा जिसे हाल ही में लॉन्च हुई Honda CR-V में भी इस्तेमाल किया गया है और यह 120 बीएचपी पॉवर-300 एनएम टॉर्क आउटपुट देगा.

भारतीय बाज़ार में नई Civic का मुकाबला Toyota Corolla, Skoda Octavia, और Hyundai Elantra से होगा. फ़िलहाल Honda Civic के मूल्य की पुष्टि नहीं हुई है लेकिन हम उम्मीद करते हैं कि इसकी कीमत इसके प्रतिद्वंद्वियों के समान ही होगी — यानी तकरीबन 15 लाख से 16 लाख रुपये की श्रेणी में आप इस कार का बेस मॉडल खरीद पाएंगे.