त्रिवेंद्रम का Jeeper’s Club भारतीय आर्मी को 70 4X4 SUVs देने को है तैयार!

केरल का Jeep समुदाय राज्य एवं देशभर की घटनाओं को लेकर काफी एक्टिव रहता है. उन्होंने हाल में ही आये केरल के बाढ़ में मदद की और अपनी Jeeps एवं दूसरी 4×4 गाड़ियों की मदद से लोगों को बचाया एवं बाढ़ग्रस्त इलाकों में ज़रूरी सामान भी पहुंचाया. अब अपने आप को “Trivandrum Jeepers Club” बुलाने वाले समुदाय ने एक कदम आगे बढ़ते हुए भारत सरकार एवं भारत की आर्मी की मदद करने की पहल की है. इस समुदाय ने अपने 70 से ज्यादा Jeeps एवं बाकी 4×4 गाड़ियों को मिलिट्री इस्तेमाल करने का ऑफर दिया है. इसे इस समुदाय ने एक Facebook पोस्ट के ज़रिये लोगों को बताया.

Jeep Army

ये हाल ही में हुए भारत और पाकिस्तान के घटी घटनाओं को देखकर किया गया है. दिन-प्रतिदिन सरहद पर तनाव बढ़ता जा रहा है और कई लोग इसके गंभीर मोड़ लेने के लेकर चिंतित हैं. इसके लिए Trivandrum Jeepers Club ने जितनी हो सके उतनी मदद करने की कोशिश की है. इस क्लब के सारे सदस्य कार शौक़ीन हैं और उनके पास पावरफुल ऑफ-रोडिंग गाड़ियां हैं जिनमें से अधिकाँश काफी ज्यादा मॉडिफाइड हैं. इस नायाब प्रकार की मदद करने के पीछे के कारण को उन्होंने अपने इस Facebook पोस्ट में बताया है:

हम देश के सामने आई इस अनुमानित संकट की स्थिति को लेकर काफी चिंतित हैं और इसके नतीजे को लेकर भी हमारी चिंता बनी हुई है. अपने क्षमता के अनुरूप देश की मदद करने के तरीकों को ढूंढते हुए हमें अपने इतिहास में एक ऐसा मौका मिला जब 1971 भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान नागरिकों ने अपनी 4×4 Jeeps को आर्मी के इस्तेमाल के लिए Mahindra & Mahindra के द्वारा सरेंडर किया था.

इसलिए हम अपने 100 में से 70 ऑल-टेरेन गाड़ियों को सरेंडर करने के लिए तैयार हैं, हम उम्मीद करते हैं की इस मुश्किल घड़ी में ये देश के काम आएगा.

Sir,PMO (India) Ministry of Defence, Government of India Defence Minister of India ADGPI – Indian Army…

Posted by Trivandrum Jeepers Club on Wednesday, 27 February 2019

जहां दुनिया की सबसे मज़बूत आर्मी में से एक होने के नाते भारतीय आर्मी को इन गाड़ियों की ज़रुरत ना पड़े, Trivandrum Jeepers Club का ये कदम इनके राष्ट्रप्रेम को दर्शाता है. आपको बता दें की भारतीय आर्मी के पास पहले ही कई अत्य-आधुनिक गाड़ियां हैं जिन्हें वो ख़ास किस्म के कामों के लिए इस्तेमाल करती रही है. इन गाड़ियों में पूरी तरह बख्तरबंद गाड़ियों से लेकर रफ और टफ ऑफ-रोडिंग गाड़ियां भी शामिल हैं.

इन Jeeps और 4×4 गाड़ियों को इनके मालिकों ने सालों की मेहनत कर कस्टमाईज़ किया है. किसी भी कार शौक़ीन को पता होगा की मेहनत लगाकर कस्टमाईज़ की गयी गाड़ियों से किस ख़ास प्रकार का लगाव हो जाता है. आमतौर पर लोग अपनी गाड़ी के डैमेज होने की डर से दूसरों को इसे चलाने भी नहीं देते. इन गाड़ियों को आर्मी को देने का मतलब है की शायद ये गाड़ियां सही हालत में वापस ना लौटें या ये कभी वापस लौटे हीं ना. इसके बावजूद इन गाड़ियों के मालिक इसे आर्मी को देने को तैयार हैं, और ये बात दर्शाती है की ये कितना निःस्वार्थ कदम है.

Kerela Flood

केरल में आई बाढ़ के दौरान भी इन Jeep मालिकों ने बिल्कुल निःस्वार्थ रूप से अपनी गाड़ियों से लोगों की मदद की थी, जिसमें इनकी कुछ गाड़ियां डैमेज भी हो गयीं थीं. इसे देश की मीडिया ने कवर भी किया था और इस समुदाय को उनकी मदद के लिए काफी तारीफें भी मिली थीं. ये घोषणा दर्शाती है की देश का कोई भी हिस्सा देशप्रेम की भावना से रहित नहीं है.