Transport Department Dispels Myth Behind Luggage Carriers on Private Cars परिवहन विभाग ने प्राइवेट गाड़ी पर लगेज रैक लगवाने के पीछे के मिथक का किया पर्दाफ़ाश

परिवहन विभाग ने प्राइवेट गाड़ी पर लगेज रैक लगवाने के पीछे के मिथक का किया पर्दाफ़ाश

जब हम रोड ट्रिप पर जाते हैं या परिवार के साथ कुछ दिनों के लिए कहीं जाते हैं, गाड़ी के बूट में सारा सामान मुश्किल से ही आ पाता है. अक्सर इसके चलते इंटीरियर में जगह कम हो जाती है और सभी लोगों को दिक्कत आती है. कई कार मालिक कार के अन्दर में सामान रखने की ऐसी गलती इसलिए करते हैं क्योंकि उन्हें इस मिथक पर भरोसा रहता है की गैर-वाणिज्यिक गाड़ी में लगेज रैक का इस्तेमाल गैर-कानूनी होता है. लेकिन, हाल ही में गुजरात ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट से आये इस चिट्ठी ने इस मिथक का पर्दाफ़ाश कर दिया है.

Mahindra Marazzo

DNA के मुताबिक़, अहमदाबाद के नवा वडज इलाके के निवासी Anil Patel ने अगस्त के महीने में गुजरात के ट्रांसपोर्ट कमिश्नर को एक पत्र लिखा था. इसमें, Patel ने कमिश्नर से गैर-वाणिज्यिक गाड़ियों पर लगेज रैक के इस्तेमाल के बारे में ट्रांसपोर्ट विभाग की राय मांगी थी.

Patel के पत्र का जवाब देते हुए ट्रांसपोर्ट विभाग ने एक पत्र जारी किया जिसमें साफतौर पर बताया गया है की,

गाड़ी में बैठे यात्रियों का सामान ले जाने के लिए प्राइवेट 4-व्हीलर्स पर लगेज कैरियर लगाने को लेकर Motor Vehicle Act, 1988 में कोई पाबंदी नहीं है. ऐसे कैरियर लगाने के लिए पहले से अनुमति लेने की ज़रुरत भी नहीं है.

गुजरात परिवहन विभाग का माननीय Patel को बेह्जा गया पत्र प्राइवेट 4-व्हीलर्स पर लगाए जाने वाले लगेज रैक के बारे में सारे मिथक दूर करता है. जहां ये पत्र एक राज्य के परिवहन विभाग ने भेजा होगा, इसमें जिस क़ानून का हवाला दिया गया है वो देश के हर राज्य में मान्य है और उसे राज्य सरकार के केंद्रीय सरकार के इस क़ानून में संशोधन किये जाने तक नहीं बदला जा सकता है.

चूंकि इसे लगाने के लिए RTO से किसी प्रकार की अनुमति की ज़रुरत नहीं होती, मालिक अपने गाड़ी पर बिना किसी हिचकिचाहट के लगेज रैक लगवा सकते हैं. साथ ही पुलिस आप पर किसी भी सूरत में लगेज रैक के लिए जुर्माना नहीं कर सकती है. इसलिए अगर आप अपने दोस्त या परिवार के साथ किसी लम्बे सफ़र पर जा रहे हैं, आप बेझिझक अपनी गाड़ी पर लगेज रैक लगवा सकते हैं.

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