Toyota Fortuner तो पास हो गयी लेकिन Ford Endeavour क्यों हुई ऑफ-रोडिंग में फेल?

Toyota Fortuner और Ford Endeavour के आपस का कम्पटीशन पुराना है. ये दो प्रीमियम फुल-साइज़ SUVs इस सेगमेंट में सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली प्रोडक्ट्स में गिनी जाती हैं. स्टॉक रूप में, दोनों की काबिलियत लगभग बराबर है लेकिन पेश है एक विडियो जो कुछ और दिखाता है. आइये देखते हैं यहाँ क्या हो रहा है.

Toyota Fortuner vs Ford Endeavour

इस विडियो में आप शुरू में नयी जनरेशन वाली Ford Endeavour को देख सकते हैं. Endeavour के गहरे गड्ढे से निपटने की कोशिश करती है और ये इस SUV की क्षमताओं को परखता है. इस गड्ढे को गाड़ी के डिपार्चर एंगल, अप्प्रोच एंगल, ग्राउंड क्लीयरेंस, ट्रैक्शन, और दोनों एक्सल के बीच पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन को परखने के लिए बनाया गया है. Endeavour बिना किसी दिक्कत के गड्ढे में घुस जाती है जो दिखाता है की SUV का डिपार्चर एंगल सही है. और ये दो लड़की के पटरों के सहारे गड्ढे के अन्दर एक गड्ढे को भी आसानी से पार कर लेती है.

Endeavour को गड्ढे से बाहर निकलते हुए थोड़ी दिक्कत आती है. गाड़ी में मौजूद लो-रेश्यो ट्रान्सफर केस इसे इतना टॉर्क देता है की वो खड़ी चढ़ाई चढ़ जाए, साथ ही इसका एप्रोच एंगल भी काफी वाइड है, लेकिन SUV का ग्राउंड क्लीयरेंस बाहर निकलते वक़्त इसके लिए एक बड़ी दिक्कत बन जाता है. बाहर निकलते वक़्त Endeavour का बायाँ हिस्सा गाड़ी के साइड स्टेप्स के चलते फंसने लगता है. बाद में फंसे हुए Endeavour को एक काफी काबिल गाड़ी Isuzu D-Max V-Cross बाहर निकालती है.

फिर पुराने जनरेशन वाली Fortuner इस चुनौती से भिड़ती है और आसानी से इसे पूरा कर लेती है. ये गड्ढे में रिवर्स में वापस जाकर फिर से बाहर आ जाती है ताकि ये पता चल सके की पहली कोशिश में किस्मत का कोई हाथ नहीं था.

Fortuner इसे इतनी आसानी से क्यों पार कर लेती है?

यहाँ देखि गयी पुराने जनरेशन वाली Fortuner को ऐसी ही ऑफ-रोड चुनौतियों के लिए मॉडिफाई किया गया था. इस गाड़ी में खालिस स्टील के ऑफ-रोड फ्रंट बम्पर्स हैं जिसपर ऑफ-रोडिंग के दौरान थोड़े ठोकर पर भी निशान नहीं पड़ते. इसमें IronMan का लिफ्ट किट भी है जो इस बात को सुनिश्चित करता है की इसका ग्राउंड क्लीयरेंस स्टॉक के मुकाबले काफी बेहतर है. इसमें गहरे पानी में उतरने के लिए स्नोर्कल भी है. Fortuner में ये सारे मॉडिफिकेशन्स इस बात को सुनिश्चित करते हैं की वो गड्ढे से आसानी से बाहर निकल पाए.

लेकिन, अगर ये एक स्टॉक Fortuner होती, इसे भी Endeavour जैसी दिक्कत आती. पुराने जनरेशन वाली स्टॉक Fortuner का ग्राउंड क्लीयरेंस 220 एमएम है वहीँ नए जनरेशन वाली Endeavour का ग्राउंड क्लीयरेंस 225 एमएम है. असल में पुराने जनरेशन वाली स्टॉक Fortuner इस चुनौती में आसानी से फँस सकती थी. लेकिन IronMan किट के चलते मिले ऊंचे ग्राउंड क्लीयरेंस के चलते Fortuner ऑफ-रोडिंग में काफी काबिल साबित होती है.

साथ ही, इस बात पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए की दोनों गाड़ियों में एक जैसा लो-राशन ट्रान्सफर केस नहीं है. ट्रान्सफर केस के होने से टॉर्क आउटपुट काफी हद तक बढ़ जाता है और कम आरपीएम पर ही ज्यादा टॉर्क मिलता है जो गाड़ी को काफी काबिल बना देता है. Fortuner के मॉडिफिकेशन्स इसे इस जगह ज़्यादा काबिल बनाते हैं.

ऑफ-रोड के लिए मॉडिफिकेशन्स

किसी भी आम गाड़ी को ऑफ़-रोडिंग के लिए बेहतर बनाने के लिए उसमें मॉडिफिकेशन्स करना ज़रूरी है. ऑफ-रोड स्पेक बम्पर्स, टायर्स, और लिफ्ट-किट जैसे मॉडिफिकेशन्स काफी बेसिक चीज़ें हैं जो ऑफ-रोडिंग की क्षमता बढाने के लिए बेहतरीन हैं. फिर लॉकिंग डिफरेंशियल, आफ्टरमार्केट सस्पेंशन किट्स, विंच, और स्नोर्कल जैसे हाई-एंड मॉडिफिकेशन्स हैं जो किसी भी गाड़ी की क्षमता को और भी बढाते हैं.

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