Royal Enfield Himalayan Trike मॉडिफिकेशन को देखिये, आपका दिन बन जायेगा!

Royal Enfield Himalayan अपने सेगमेंट में सबसे ज्यादा वर्सटाइल मोटरसाइकिल्स में से एक है. अपने मलटीपर्पस डिजाईन की वजह से ये एडवेंचर बाइक बहुत से लोगों की पसंद है. पेश है Himalayan के ऊपर आधारित एक बेहतरीन मोडीफिकेशन और यकीनन आपने इससे पहले ऐसा कुछ शायद ही देखा होगा. CarToq के इन्टरनेट पर आने के शुरूआती दिनों से ही हमारे साथ रहे Motoslug, हाल ही में Goa के Royal Enfield cafe पर थे, और उन्होंने Royal Enfield Himalayan पर की गयी एक बेहद प्रशंसनीय Trike कन्वर्शन की एक छोटी सी विडियो भी बनायी.

आखिर यहाँ क्या-क्या बदला है?

यह मॉडिफिकेशन Royal Enfield Himalayan पर आधारित है. यह बाइक Royal Enfield द्वारा ऑफिशियली कमीशंड मॉडिफिकेशन है और Goa में हाल ही में उद्घाटित हुए Royal Enfield कैफे में डिस्प्ले पर है. बाइक के पीछे लगे इनफार्मेशन कार्ड के मुताबिक, Himalayan को इस तरह से मॉडिफाई करने का आईडिया इस सवाल के साथ जन्मा की Himalayan Goa में कैसी लगेगी.

मॉडिफाइड Trike सबसे पहले Goa में 2017 India Bike week में शोकेस की गयी थी. इस बाइक का नाम The Rooster Trike रखा गया है. यह Stock Himalayan से काफी अलग दिखती है और इसमें काफी सारे अपडेट और बदलाव भी हैं. मॉडिफाइड मोटरसाइकिल में एक पूरी तरह से मॉडिफाई किया गया रियर है. चॉपड रियर की जगह अब डिफरेंशियल है जिसके साथ एक knobby टायर्स का सेट भी है. चौड़े व्हील्स वज़न को ज्यादा एरिया में बाँट देंगे जिससे बीच की बालू पर  Rooster Trike आम स्टॉक बाइक से कहीं ज्यादा सफल होगी. रियर डिफरेंशियल के आने से मोटरसाइकिल का वज़न काफी बढ़ गया है और इसे रिवर्स करने के लिए मॉडर्स ने रिवर्स गियर भी दिया है .

बाइक में अपसाइड-डाउन फ्रंट फोर्क , Goa के म्यूजिकल माहौल के साथ मेल खाने वाला स्पीकर्स का एक सेट, और नए ड्यूल पौड हेडलैम्प्स जैसे और भी कई मॉडिफिकेशनस किये गए हैं. इसका नाम Rooster, टायर से लिए गया है जो सैंड पर अपना रूस्टर मार्क छोड़ता हुआ जाता है. बाइक में हेडलैंप के ऊपर वाईज़र, कस्टमाइज्ड टैन लेदर सीट्स, चॉपड फ्रंट फेंडर, रैप्ड कस्टमाइज्ड एग्जॉस्ट, और टैंक पर एक रूस्टर के साथ कस्टम पेंट जैसे कई सारे कस्टमाइज़ेशन हैं. मॉडिफाई की हुई बाइक पर अब सिर्फ एक ही इंसान बैठ सकता है.

लेकिन…

…यह मॉडिफिकेशन रोड पर लीगल नहीं है. वाहन के स्ट्रक्चर में किया गया कोई भी बदलाव या फिर कोई भी मॉडिफिकेशन जिससे वाहन की परफॉरमेंस पर फर्क पड़े, उसे ARAI से पास करना पड़ता है और फिर उसे गाड़ी के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट पर दर्शाना होता है. लेकिन यह मोटरसाइकिल प्राइवेट प्रॉपर्टी और रेस ट्रैक्स वाले लोगों के लिए बेहद रोमांचकारी हो सकती है. यह इस तरह का वाहन है जिसे देख कर व्यक्ति के मन में ख्याल आता है की काश भारत में क़ानून थोड़े कम सख्त होते. उदाहरण के तौर पर , US के कई राज्यों में इस तरह की Trike कन्वर्शन पूरी तरह , सभी रोडस पर लीगल होगी. भारत में तो Royal Enfield जैसी कंपनी को भी ARAI अप्रूवल के झंझट लिए खासा मशक्कत करनी पड़ती है.

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