इस Hero Splendor में ‘twin cylinder engine’ है और ये 120 किमी/घंटे तक जा सकती है!

बजट मोटरसाइकिल्स की बात हो और Hero Splendor का नाम ना आये, ऐसा हो ही नहीं सकता. बेहद पॉपुलर एंट्री-लेवल मोटरसाइकिल पहली बार मोटरसाइकिल्स खरीदने वालों के बीच काफी फेमस है. लेकिन, Splendor के ओनर्स अपने मोटरसाइकिल की परफॉरमेंस बढ़ाने के बारे में ज्यादा नहीं सोचते, है न? गलत. आज हमारे पास एक मॉडिफाइड Hero Splendor की फ़ोटो है जिसमें ट्विन-सिलिंडर इंजन है! हाँ, आपने सही पढ़ा. पेश हैं सारे डिटेल्स —

ये मॉडिफिकेशन एक युवा मैकेनिक Akram ने किया है. वो Gujarat के Rajkot से 70 किमी दूर Babra नाम के एक छोटे से गाँव में रहते हैं. Akram ने Splendor Pro Classic कैफ़े-रेसर मोटरसाइकिल में एक ट्विन-सिलिंडर इंजन लगाया है. Akram सिर्फ 25 साल के हैं लेकिन जब मोटरसाइकिल्स की बात होती है तो उनमें अनुभव की कोई कमी नहीं है. हमारे सूत्र ने बताया है की ये मोटरसाइकिल बेहतरीन रूप से चल रही है और ये 120 किमी/घंटे तक जा सकती है. साफ़ बात है की इस मॉडिफाइड इंजन का पॉवर आउटपुट आम इंजन से ज़्यादा है. Akram इसकी परफॉरमेंस और बेहतर करने के लिए इसके गियरिंग पर भी काम करेंगे. ये युवा मैकेनिक इस मोटरसाइकिल को बेचने के लिए भी तैयार हैं. और तो और वो दूसरे मॉडिफिकेशन जॉब्स लेने को भी तैयार हैं.

जहां अभी इस मॉडिफाइड इंजन के पॉवर के आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं, हम इस बात को लेकर पूर्णतः आश्वस्त हैं की ये स्टॉक इंजन से ज्यादा पॉवर और टॉर्क उत्पन्न करता है. अपने फैक्ट्री-स्पेक स्टेट में Splendor Pro Classic में एक 97.2 सीसी, सिंगल-सिलिंडर, कार्बुरेटर वाला मोटर है जो 8,000 आरपीएम पर अधिकतम 8.2 बीएचपी का पॉवर और 5,000 आरपीएम पर 8.05 एनएम का पीक टॉर्क उत्पन्न करता है. साथ ही इंजन में 4-स्पीड ट्रांसमिशन है. मूलतः Akram के इंजन में दो सिलिंडर हैं जिनके पिस्टन एक कॉमन क्रैंकशाफ़्ट से जुड़े हुए हैं. सिंगल-सिलिंडर मोटर के मुकाबले ट्विन-सिलिंडर इंजन ज़्यादा रिफाइंड होते हैं. ट्विन-सिलिंडर फॉर्मेट और ज़्यादा डिस्प्लेसमेंट के चलते बेशक इस इंजन का माइलेज स्टॉक वर्शन के मुकाबले कम होगा लेकिन इस बात की अच्छी उम्मीद है की ये इंजन पॉवर के मामले में आगे होगा.

जैसा हमने कहा, इसके स्पेक्स के डिटेल्स अभी उपलब्ध नहीं हैं. लेकिन, ये बात की ये मोटरसाइकिल स्टॉक वाले से तेज़ जा सकती है हमें ये बताता है की इसका पॉवर आउटपुट ज़्यादा है. इस मॉडिफिकेशन के लिए हम इस युवा मैकेनिक को अपनी शुभकामनाएं देना चाहेंगे.