चोर अब गाड़ियों से चुरा रहे एयरबैग; Toyota Innova पर है उनकी नज़र

इतने सालों में देश में चोरों ने कई चीज़ों पर अपनी नज़र गड़ाई है. अलॉय व्हील्स से लेकर स्टीरियो सिस्टम तक, हर चीज़ चोरों के  निशाने पर रही है. लेकिन, बैंगलोर में हुए एक अजीब वाक्ये के बाद से पुलिस और कार मालिक दोनों के सर चकरा गए हैं. और इसके पीछे का कारण ये है.

नया निशाना: एयरबैग्स

Innova Airbag Theft Target

कस्टमर्स के बीच बढ़ती जागरूकता को देखते हुए अधिकाँश कार निर्माता अपने कार्स के सभी वैरिएंट में एयरबैग्स स्टैण्डर्ड देने लगे हैं. बैंगलोर में चोरों ने एयरबैग्स चुराने के लिए Toyota कार्स को निशाना बनाना शुरू कर दिया है. पिछले एक हफ्ते में कम से कम ऐसे 4 मामले सामने आए हैं और अब इससे प्रशासन चौकस हो गया है. चोरों ने Toyota कार्स, खासकर Innova पर अपना ध्यान केन्द्रित किया है.

हाल ही के एक घटना में उद्योगपति Somashekar को पता चला की कोई रात में उनकी Toyota Innova से फ्रंट एयरबैग कीटस, एसी कंट्रोलर, मिरर किट्स, और सन ग्लास होल्डर चुरा ले गया. पोलिए ने बताया की पिछले एक हफ्ते में ऐसे ही मामले सामने आये हैं और ये पहली बार हुआ है की उन्हें इस प्रकार का मामला देखने को मिला

पुलिस ने आगे कहा की चोरों ने इन किट्स को निकालने के लिए बड़ी बारीकी से काम किया है और ये बात बताती है की ये माहिर चोर हैं. पोलिए ने आगे ये भी कहा की डैशबोर्ड क्लिप्स को बड़े करीने से हटाया गया ताकि एयरबैग सिस्टम को अच्छे से निकाला जा सके. इस बात की आशंका है की चोरों को कार्स की अच्छी जानकारी है और वो या तो पहले मैकेनिक रह चुके हैं या फिलहाल किसी सर्विस सेण्टर में कार्यरत हैं. ये चोर फिलहाल केवल Toyota कार्स को टारगेट कर रहे हैं लेकिन अगर ब्लैक मार्केट में ऐसे पार्ट्स की मांग बढ़ी तो दूसरी कार्स भी इनका निशाना बन सकती हैं.

पर एयरबैग्स क्यों?

एयरबैग्स एक महंगा फीचर हैं. आधनिक एयरबैग्स की कीमत १ लाख रूपए तक हो सकती है. चोर इन्हें चुरा कर ब्लैक मार्केट में बेच देते हैं. ये कोई अकेली घटना नहीं है जो केवल भारत में घटी है. कुछ समय पहले अमेरिका में चोरों ने एयरबैग्स चुराने के लिए Honda कार्स को निशाना बनाना शुरू किया था. ऐसे एयरबैग्स ऑनलाइन सस्ते दामों में मिल जाते हैं.

ऐसे मालिक जिनके पास Zero Depreciation बीमा या जिनकी गाड़ी वारंटी से बाहर होती है, ऐसे चोरी किये हुए एयरबैग्स के मुख्य ग्राहक होते हैं. लेकिन, ये एक सुरक्षित कदम नहीं है. एयरबैग्स बेहद आधुनिक होते हैं और एक्सीडेंट के दौरान अंदर बैठे लोगों क बचाने में वे अहम भूमिका निभाते हैं. इसलिए ये ज़रूरी है की आप ऐसे पार्ट्स को एक अधिकृत डीलरशिप से लगवाएं और उन्हें सेकंड हैंड मार्किट से ना खरीदें. इससे ग्राहक के थोड़े पैसे भले ही बच जाएंगे लेकिन असल ज़रुरत के वक़्त अगर एयरबैग्स नहीं खुले तो ये जानलेवा साबित हो सकता है.

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