Tesla Model X ने Boeing 787-9 Dreamliner विमान को खींच बनाया विश्व रिकॉर्ड!

अपने ऑटोनोमस ड्राइविंग मोड और सुपरकार जितना तेज़ जाने वाले Ludicrous Mode के लिए मशहूर Tesla Model X ने एक Guinness World Record बनाया है. ये रिकॉर्ड Tesla Model X P100D को एक 130 टन वजनी Boeing 787-9 Dreamliner एयरक्राफ्ट को खींचने के लिए नवाज़ा गया. ये दुनिया में किसी भी प्रोडक्शन इलेक्ट्रिक कार द्वारा खींचा गया सबसे भारी वज़न है.

ऑस्ट्रेलियाई एयरलाइनर Qantas ने इलेक्ट्रिक कार निर्माता Tesla के साथ हुए अपने पार्टनरशिप को हाईलाइट करने के लिए इस स्टंट को आयोजित किया था. Qantas ऑस्ट्रेलिया में Tesla को 4 हवाई अड्डों पर वॉल चार्जर उपलब्ध कराता है ताकि Tesla Model S और Model X के ओनर्स सफ़र करते वक़्त अपनी कार को चार्ज कर सकें. रिकॉर्ड की बात करें तो Model X ने इस खाली हवाई जहाज को 300 मीटर तक खींच कर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया. ये स्टंट Melbourne हवाई अड्डे के टैक्सीवे पर किया गया.

Tesla Model X P100D को 2267 किलो के वज़न को खींचने के लिए रेट किया गया है. लेकिन एयरप्लेन का 130 टन का वज़न Tesla की क्षमता से कहीं ज्यादा है. इस बात की जानकारी नहीं है की इस स्टंट को पूरा करने के बाद Tesla में कितनी बैटरी बची थी. एक पूरी तरह से चार्जड Model X एक सिंगल चार्ज पर 465 किलोमीटर तक जा सकती है. Tesla Model X P100D में एक इलेक्ट्रिक मोटर लगा है जो 1,072 एनएम का अधिकतम टॉर्क उत्पन्न करता है और ये कई आम इंटरनल कमबशन वाले लक्ज़री SUVs से बहुत ज़्यादा है.

Qantas के मुताबिक़, ये पहला वाक्य है जब Tesla Model X ने इतना वज़न ढोया है. लेकिन, ऐसे वाकये पहले भी हुए हैं जब प्रोडक्शन कार्स ने हवाईजहाज को खींचा है. इंडिया में एक इवेंट में एक Tata Hexa ने पिछले साक एक 285-टन वाले Airbus A380 को 73 मीटर्स तक टो किया था.

Qantas और Tesla साथ मिलकर आम लोगों के लिए वातावरण पर कम जोर डालने वाले सफ़र का जरिया सामने लाने की कोशिश में हैं ताकि आने वाले भविष्य में वातावरण सुरक्षित रहे. इलेक्ट्रिक व्हीकल के इस्तेमाल से एयरलाइन रनवे पर अपना उत्सर्जन कम कर पाएगी. कुछ समय पहले ही इंडिया में एक Tesla Model X को भी इम्पोर्ट किया गया था. जब खबर आई थी की Tesla अपनी Model 3 को इंडिया में लॉन्च करने की तैयारी में है, कई लोगों ने गाड़ी बुक की थी, लेकिन ये प्लान कई कारणों से टाल दिया गया; इसमें इंडियन कार मार्केट में हाई इम्पोर्ट ड्यूटी भी शामिल है.

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