Tata Safari Storme एवं Toyota Fortuner और ट्रैक्टर के बीच खींचतान का विजेता है… [विडियो]

हमने हाल ही में एक आर्टिकल लिखा था जहां एक Toyota Fortuner एक Mahindra Scorpio से खींचतान में टक्कर ले रही थी. लेकिन सबके उम्मीद के विपरीत उसका नतीजा बराबरी पर छूटा था. अब हम आपके लिए एक ऐसा ही विडियो लेकर आये हैं जो इस ग्रुप में एक रोचक चुनौती जोड़ता है.

विडियो के पहले हिस्से में हम एक Toyota Fortuner को एक New Holland ट्रैक्टर से बंधे हुए देख सकते हैं. यहाँ एक बात ध्यान देने की है की Fortuner में स्टॉक रिम्स नहीं बल्कि आफ्टरमार्केट लो-प्रोफाइल रिम्स हैं. चंद सेकेण्ड के बाद, दोनों गाड़ियाँ रेव करना शुरू कर देती हैं और एक्सीलीरेट करती हैं. ट्रैक्टर आसानी से Fortuner को खींच लेता है. ट्रैक्टर को इसके लिए ज़्यादा मशक्कत भी नहीं करनी पड़ती.

दूसरे पार्ट में हम देख सकते हैं की एक Tata Safari Storme ने Fortuner का साथ देना शुरू कर दिया है. दोनों SUVs को एक के बाद एक कर बाँधा गया है. फिर से गाड़ियाँ रेव कर एक्सीलीरेट करती हैं. इस बार, ट्रैक्टर के गाड़ियों को खींचने में थोड़ा समय लगता है. ये मुख्यतः अतिरिक्त भार और पॉवर के चलते हैं. लेकिन ट्रैक्टर SUVs को खींच कर घसीटता चला जाता है और अपना वर्चस्व कायम कर लेता है.

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ट्रैक्टर का Fortuner के खिलाफ जीतना थोडा तर्कसंगत लगता है लेकिन दो बड़ी SUVs को खींच लेना थोड़ा अटपटा सा लगता है. तो आखिर हुआ क्या? आइये हम आपको समझाते हैं की इस खींचतान के मुकाबले के नतीजे के पीछे का कारण क्या हो सकता है.

SUVs पर ऑफ-रोडिंग टायर्स का ना होना

Toyota Fortuner और Tata Safari Storme दोनों ही रोड टायर्स पर चल रहीं थीं. और तो और Fortuner में लो-प्रोफाइल टायर्स थे. ऐसे लूज़ सतह पर सही टायर्स काफी मायने रखते हैं. इंजन पॉवर उतना असर नहीं डालता, बल्कि ट्रैक्शन ज़्यादा ज़रूरी होता है. एक गाड़ी की ग्रिप जितनी अच्छी होगी, ऐसे हालत में अच्छा करने की संभावना उतनी ही बढ़ जायेगी.

टॉर्क फैक्टर

विडियो में इस्तेमाल किये गए New Holland ट्रैक्टर में भले ही कम पॉवर उत्पन्न होता हो, लेकिन इन ट्रैक्टर्स में कमाल का टॉर्क पैदा होता है और वो भी कम आरपीएम पर. जब इन दोनों SUVs को साथ रख तुलना की जाये, तो हो सकता है ट्रैक्टर में 4 से 5 गुना कम पॉवर उत्पन्न होता हो, लेकिन ज़बरदस्त टॉर्क के साथ ट्रैक्टर के चक्के इस बात को सुनिश्चित करते हैं की ट्रेक्टर जीते. ट्रैक्टर्स को ऐसे डिजाईन किया जाता है की वो ज़्यादा टॉर्क उत्पन्न करें क्योंकि उन्हें मैदान या ऐसे ही जगह पर इस्तेमाल के लिए बनाया जाता है.