पहले मिली डैमेजड Tata Nexon, फिर Tata Motors ने मुफ्त में किया रिप्लेस

Haryana में Rewari के जिम इंस्ट्रक्टर Harender Bhardwajने पिछले महीने की शुरुआत में एक Tata Nexon XE खरीदी थी. लेकिन दुःख की बात है की उन्हें जल्द ही पता लग गया की उन्हें एक रीफर्बिशड (रिपेयर किया हुआ पुराना यूनिट) बेच दिया गया है. पेश है एक विडियो जिसमें वो इस Nexon के डिफेक्ट दिखा रहे हैं. ज़ाहिर सी बात है की उन्होंने Tata Motorsमें एक शिकायत दर्ज करा दी. अच्छी खबर है की Harender को आखिरकार उनके डिफेक्टिव यूनिट की जगह एक नयी कार मिल गयी है.

जैसा की ऊपर के विडियो में Harender दिखा रहे हैं, उनकी नयी Nexon का बायीं तरफ वाला रियर फेंडर रीपेंट किया गया है. फिर वो दिखाते हैं की रिपेयर किये हुए पैनल की पेंट क्वालिटी इतनी खराब है की उसे एक नाखून की मदद से स्क्रैच किया जा सकता है.

ध्यान से देखने पर पैनल में एक दरार भी नज़र आती है जिसे डीलर ने सीलर और पेंट लगाकर छिपाने की कोशिश की है. रियर डोर में भी एक क्रैक है जिसे पेंट लगाकर छिपाने की कोशिश की गयी है. और इसका रिपेयर काम कितना खराब है इस बात का अंदाजा पीछे के गलत तरीके से लगाए गए बम्पर को देख कर पता चलता है.

और तो और, ओरिजिनल और नए पेंट के बीच में थोड़ा अंतर भी है. पूरी संभावना है की ये कार डीलरशिप पर डैमेज हो गयी थी.

ये बेहद चौंकाने वाली बात है की इस अधिकृत डीलर ने डैमेज ही कार को एक कस्टमर को बेच कर उसे बेवक़ूफ़ बनाने की कोशिश की. ओनर के लिए किस्मत की बात ये रही की रिपेयर का काम बेहद खराब था और उन्हें जल्द अंदाज़ा लग गया की उन्हें एक रीफर्बिशडयूनिट बेचा गया है. अच्छी बात ये रही की Tata Motors ने तुरंत इसका संज्ञान लिया और Harender की डिफेक्टिव Nexon को एक मुफ्त में एक नए यूनिट से रिप्लेस कर दिया.

कार की डिलीवरी लेने से पहले उसे चेक कर लेना हमेशा अच्छा रहता है. हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं की एक बार आपने पेपर्स पर साईन कर दिया फिर ऐसी चीज़ों को रिपोर्ट करना या क्लेम करना मुश्किल हो जाता है क्योंकि कार आपके नाम से पंजीकृत हो चुकी होती है. इसलिए कार की डिलीवरी से पहले उसका इंस्पेक्शन ज़रूर करना चाहिए. डीलर तो इंस्पेक्शन करेगा ही लेकिन खुद से चीज़ों को चेक कर लेना अच्छा होता है और अगर ये डीलरशिप एग्जीक्यूटिव की उपस्थिति में हो तो और भी अच्छा.

डिलीवरी के पहले आपको ये चीज़ें चेक करनी चाहिए:

  • चेक करें की ओडोमीटर चल रहा है या नहीं. कायदे से ओडोमीटर पर 100 किमी से ज्यादा की रीडिंग नहीं होनी चाहिए.
  • अच्छे रौशनी में सारे बॉडी पैनल पर नज़र डालें. किसी भी तरह का पेंट के रंग के फर्क डैमेज छिपाने के लिए रिपेयर के काम का द्योतक हो सकता है.
  • टायर चेक करें और सुनिश्चित करें की वो नए हैं.
  • चेककरें की अपहोल्सट्री साफ़ है या नहीं.
  • हुड खोलें और VIN/चेसी/इंजन नम्बर्स मिला लें.
  • इंजन आयल और कूलैंट वगैरह का लेवल चेक कर लें.
  • बैटरी चेक करें और उसका सीरियल नम्बर लिख लें.
  • सभी लाइट, हॉर्न, और म्यूजिक सिस्टम, एसी जैसे इलेक्ट्रॉनिक्स चेक कर लें.

via Harender Bhardwaj on Youtube