देखिए कैसे ये Tata Hexa रोड पर अपने आप चल रही है [वीडियो]

ऐसी सम्भावना है कि ऑटोनोमस या सेल्फ-ड्राइविंग कार्स वैश्विक परिवहन का भविष्य बनेंगी. दुनिया भर में बहुत से कार निर्माता और IT कंपनियां ऑटोनोमस कार्स की टेस्टिंग में जुटी हुई हैं साथ ही इन कार्स को सफल बनाने के लिए नई टेक्नोलॉजी भी विकसित कर रही हैं. भारतीय कार निर्माता Tata Motors भी ऐसी ही टेक्नोलॉजी पर काम कर रहा है, और कम्पनी इस प्रोजेक्ट के लिए Tata Hexa को बेस कार की तरह इस्तेमाल कर रही है.

यूनाइटेड किंगडम स्थित एक R&D  सेंटर Tata Motors European Technical Centre (TMETC) ने Tata Hexa ऑटोनोमस कार की ट्रायल टेस्टिंग पूरी कर ली है. Tata ने नवम्बर 2017 में अपनी ऑटोनोमस कार की टेस्टिंग शुरू की थी. Tata ने इस टेस्टिंग को UK Autodrive के साथ मिल कर शुरू किया था जिस दौरान इस ऑटोनोमस SUV को यूनाइटेड किंगडम के आम सड़कों पर टेस्ट किया गया था. इस टेस्टिंग के दौरान यूनाइटेड किंगडम कि सड़कों पर अनेकों ऐसी Tata Hexa देखीं गईं थीं जिनके छत पर विभिन्न मैपिंग उपकरण और सेन्सर लगे थे.

Tata Motors के चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर Rajendra Petkar ने कहा,

हम Engineering Research Centre (ERC) में लगातार R&D का काम कर रहे हैं जिसके तहत हम एडवांस्ड ड्राईवर असिस्टेंस सिस्टम्स (ADAS) के साथसाथ पूरी गाड़ी कि ऑटोनोमी पर भी काम कर रहे हैं ताकि हम भविष्य के लिए तैयार रह सकें. भारतीय परिदृश्य में भीड़भाड़ वाली सडकें, वायु प्रदूषण और रोड सेफ्टी बहुत बड़ी चिंता के विषय हैं. आगे चल कर हम जल्द ही कनेक्टेड, इलेक्ट्रिक और शेयर्ड तकनीक अपनाने वाले हैं, इसीलिए हमें इन मामलों में अग्रणी रहने की ज़रुरत है. भारत के भविष्य में ऑटोनोमी एक बड़ी बात होगी. मुझे ये बताते हुए बहुत ख़ुशी हो रही है कि TMETC की हमारी प्रतिभावान टीम के सहयोग से HEXA पर किए गए हमारे ट्रायल्स ने हमें काफी प्रोत्साहित करने वाले नतीजे दिए हैं. आगे चल कर हम एक योजनाबद्ध तरीके से बहुत सारी ADAS कार्यक्षमताओं को इस्तेमाल करने वाले हैं.”

Tata Hexa Autonomous

अभी इन टेस्ट्स के नतीजे सामने नहीं आये हैं फिर भी हमें उम्मीद है कि ब्रांड द्वारा कड़ी टेस्टिंग की जा रही इस टेक्नोलॉजी को हम और ज्यादा विकसित कर पाएंगे. Advanced Driver Assistance Sytems (ADAS), Green Light Optimal Speed Advisory (GLOSA) और Electronic Emergency Brake Light (EEBL) जैसे अनेकों उपकरणों की टेस्टिंग कि जा रही है. टेक्नीकल सेण्टर की ADAS कार्यक्षमताओं को रोड कार्स पर इस्तेमाल करने की योजना भी है. हो सकता है इन टेस्ट्स के नतीजे हमें हाथों-हाथ एक पूरी तरह से तैयार ऑटोनोमस कार न दे पाए लेकिन जल्द ही हम फ्लैगशिप Jaguar Land Rover के मॉडल्स में हाई-टेक ड्राईवर असिस्टेंस देख पाएंगे.