Superbike Built Without Engineers in Backyard, No, We're Not Kidding, Meet Ridd बिना Engineering Degree के किसने बनायीं 1000 cc Superbike, मिलिए Ridd से...

बिना Engineering Degree के किसने बनायीं 1000 cc Superbike, मिलिए Ridd से…

हर कोई 1,000 सीसी की सुपरबाइक नहीं खरीद सकता और क्योंकि सबसे सस्ती बाइक्स भी लगभग 10 लाख रूपए के आसपास की होती हैं. और इतने बड़े प्राइस टैग को देखकर हम में से कई लोग सुपरबाइक का सपना छोड़ देते हैं, लेकिन एक इंसान ने तय किया की वो ऐसा नहीं करेगा. मिलिए गुजरात के राजकोट के Riddhesh Vyas से, इन्होंने खुद से एक 1,000 सीसी 4-सिलिंडर chopper बनायी. और हिस्से दर हिस्से करके इन्हें अपने सपनों को दो पहियों पर साकार करने में 8 लम्बे सालों का समय लगा. और इसका नाम है Ridd.

तो आखिर है क्या ये Ridd?  

Ridd एक 1,000 सीसी chopper है जिसे Riddhesh ने काफी सारे हाथ से बनाये हुए पार्ट्स का इस्तेमाल करते हुए बनाया है. उनका कहना है की 1,000 सीसी 4-सिलिंडर इंजन, हाइड्रोलिक सिस्टम, और टायर्स के अलावे उनकी बाइक में हर चीज़ हाथ से बनायीं हुई है. ये chopper जैसे स्टाइल की गयी है और इसमें फ्रंट फोर्क आगे की ओर निकले हुए हैं, लम्बा व्हीलबेस है, इसकी लम्बाई कुल 9 फीट की है और इसकी राइड काफी आरामदायक है. इस कस्टम बाइक का स्ट्रीट प्रेसेंस कमाल का है और इसका वज़न लगभग 400 किलो है.

इंजीनियरिंग या डिजाईन में कोई डिग्री न होने के बावजूद, सिर्फ मेटल इंडस्ट्री में अपने अनुभव के दम पर Riddhesh ने इस बाइक को बनाया. Riddhesh का मेटल का कारोबार है और इस अनुभव ने इन्हें Ridd के पार्ट्स बनाने में मदद की. पेश है एक छोटा सा विडियो जिसमें ये दिखाया गया है की Ridd आखिर कैसे बनी.

बाइक के दीवाने Riddhesh के दिल में बाइक को लेकर जूनून तब से सवार हुआ जब उन्होंने अपनी मोटरसाइकिल को खुद से सर्विस करना शुरू किया. ये अनुभव उनके काम तब आया जब उन्होंने Ridd बनाना शुरू किया. उन्होंने हाई-एंड बाइक के सबसे अच्छे फ़ीचर्स पर भी गौर किया और अपने कस्टम बाइक में उनका इस्तेमाल किया.

ऐसे की कुछ फ़ीचर्स में शामिल हैं हाइड्रोलिक क्लच, रियर में सिंगल साइड स्विंग आर्म, और फ्रंट में स्विंग आर्म पर आधारित सस्पेंशन सिस्टम. ये बाइक 170 किमी/घंटे की टॉप स्पीड तक पहुँच सकती है.

कितना?

इस सपने को हकीकत में बदलने में जो 8 साल का समय उन्हें लगा, उस दौरान Riddhesh के अनुसार उन्होंने लगभग about 8 लाख रूपए खर्च किये. हालांकि ये एक बड़ा अमाउंट है लेकिन अपने आप को Limca book of records में पाने की ख़ुशी के ऊपर एक प्राइस टैग नहीं लगाया जा सकता. हाँ, इस बाइक ने इंडिया की पहली हाथ से बनी सुपरबाइक के रूप में अपना नाम रिकॉर्ड बुक्स में दर्ज कराया है.

Image courtesy Chitralekha

×

Subscibe our Newsletter