Skoda Rapid's New Facelifted To Don the Following Avatar Skoda Rapid का नया फेसलिफ़्टेड अवतार कुछ ऐसा दिख सकता है

Skoda Rapid का नया फेसलिफ़्टेड अवतार कुछ ऐसा दिख सकता है

उम्मीद है Skoda इंडिया में अपने फेसलिफ़्टेड Rapid C-सेगमेंट सेडान को अगले साल डेब्यू करेगी ताकि 2021 में नए मॉडल के लॉन्च होने से पहले कार, मार्केट में फ्रेश बनी रहे. पेश है IAB का एक संभावित रेंडर जो दर्शाता है की फेसलिफ़्टेड Skoda Rapid कैसी दिख सकती है.

Skoda Rapid Facelift

जैसा की रेंडर दर्शाता है फेसलिफ़्टेड Skoda Rapid में उस Vision RS कॉन्सेप्ट से डिजाईन एलिमेंट लिए जायेंगे जिसपर अगले जनरेशन वाले यूरो स्पेक Fabia हैचबैक आधारित होगी. जहां यूरोप वाली अगली जनरेशन Skoda Fabia में MQB प्लेटफार्म इस्तेमाल होगा, Rapid का इंडिया वाला फेसलिफ़्टेड वर्शन PQ24 प्लेटफार्म पर ही आधारित होगा.

लेकिन, जो नयी Rapid सेडान इंडिया में 2021 में आएगी, उसमें MQB A0 प्लेटफार्म इस्तेमाल होगा, एक कम कीमत वाला प्लेटफार्म जिसे MQB प्लेटफार्म पर विकसित किया गया है और जो मुख्यतः विकासशील मार्केट्स जैसे इंडिया और ब्राज़ील के लिए बना है. बाहर के बदलावों से इतर, कार के इंटीरियर में नए फ़ीचर्स और छोटे-मोटे स्टाइल वाले बदलाव हो सकते हैं, जैसे सीट्स और दरवाजों के लिए नए ट्रिम.

शुरुआत में इंडिया स्पेक फेसलिफ़्टेड Rapid अभी वाले पेट्रोल और डीजल टर्बोचार्ज्ड इंजन के साथ ही आएगी जिसमें 1.6-लीटर MPI पेट्रोल (105 बीएचपी-153 एनएम) और 1.5-लीटर TDI (105 बीएचपी-250 एनएम). लेकिन, उम्मीद है अप्रैल 2020 से Rapid सेडान केवल पेट्रोल इंजन ऑफर करेगी और इसमें फिर नया 1-लीटर-3 सिलिंडर TSI टर्बोचार्ज्ड इंजन लगा हुआ मिलेगा.

1-लीटर TSI इंजन 108 बीएचपी-200 एनएम उत्पन्न कर सकता है जो इसे ना केवल 1.6-लीटर MPI पेट्रोल बल्कि 1.5 लीटर TDI डीजल का भी उपयुक्त रीप्लेसमेंट बनाएगा. ये नया इंजन मुख्यतः इसलिए लॉन्च किया जाएगा ताकि फेसलिफ़्टेड Rapid और भी सख्त Bharat Stage 6 (BS6) उत्सर्जन नियम का पालन कर सके जो इंडिया में अप्रैल 2020 से लागू होंगे. ये इंजन हाइब्रिड रेडी भी हो सकता है.

नए नियम के कारण कई डीजल कार्स के बंद होने की उम्मीद है. Volkswagen Group ने बताया है की एक बार जब उत्सर्जन नियम लागू हो जायेंगे, वो बजट सेगमेंट में डीजल बंद करना शुरू कर देगी. ऐसा इसलिए होगा क्योंकि डीजल इंजन को नए उत्सर्जन नियम का पालन करवाना बेहद महंगा हो जाएगा जिससे बजट गाड़ियों में उनके इस्तेमाल की लागत बढ़ जायेगी.

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