RTO अधिकारियों ने ‘कार पूलिंग’ के अपराध में जब्त की Hyundai i20 Elite

बैंगलोर के RTO अधिकारियों नें Telangana में पंजीकृत एक Hyundai Elite i20 पर धावा बोल कर इस प्रीमियम हैचबैक को कार पूलिंग के आरोप में जब्त कर लिया. RTO अधिकारियों के मुताबिक इस Hyundai Elite i20 के मालिक ने बैंगलोर से हैदराबाद वापस जाते वक़्त तीन लोगों को 1,600 रूपए में ले जाने की पेशकश की. RTO अधिकारियों का कहना है की Hyundai Elite i20 मालिक व्यवसायिक लाभ के लिए एक राइड शेयरिंग एप्लीकेशन का दुरूपयोग कर रहा था और इसलिए क़ानून तोड़ने पर उसके खिलाफ कार्यवाई की गयी.

कैसे हुआ यह सब?

RTO अधिकारियों ने यात्री बनाकर एक ‘राइड शेयरिंग एप्लीकेशन’ पर बैंगलोर से हैदराबाद जा रही Hyundai Elite i20 में तीन सीट्स बुक करीं. जब इस Hyundai Elite i20 का मालिक तय स्थान पर आया तो RTO अधिकारियों ने उससे पूछताछ की और कार को जब्त कर लिया. यह मामला बैंगलोर की लोकल अदालत भेजा गया जहाँ मालिक पर 2,000 रूपए का जुर्माना लगा और कार को छोड़ दिया गया. कोर्ट ने Elite i20 मालिक पर कार को पंजीकरण करने के मकसद के विरुद्ध जाकर इसका इस्तेमाल करने के लिए दंड दिया.

जानिए क्या कहना है इस घटना के बारे में बैंगलोर रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस (RTO) का:

मोबाइल एप्लीकेशन का इस्तेमाल करके बहुत से प्राइवेट कार मालिक यात्रियों को एक स्थान से दुसरे स्थान ले जाने का काम कर रहे हैं. केवल पीले नेमप्लेट वाली कार्स इस तरह का अनुबंध यात्रियों के साथ कर सकती हैं जैसे की टैक्सी ड्राइवर्स. प्राइवेट गाड़ियों को यह करने की इजाज़त नहीं है. जब हमने ड्राईवर से पूछताछ की तो उसने कहा की उसे इस नियम के बारे में कोई जानकारी नहीं है. अगर उनकी कार के साथ कोई हादसा होता है तो साथ चल रहे यात्रियों को कोई मुआवजा नहीं मिलेगा. ऐसा इसलिए की पीले नेमप्लेट वाली कार्स के बरक्स प्राइवेट कार के इन्शुरन्स में सह-यात्रियों को दुर्घटना होने पर कोई मुआवजा नहीं मिलता. अगर कोई प्राइवेट गाड़ी का इस्तेमाल व्यापारिक उपयोग के लिए करता है तो यह नियमों का उल्लंघन है.

ध्यान रहे की यह पहला मौका नहीं जब RTO अधिकारियों ने प्राइवेट कार मालिकों पर पैसा बनाने के लिए राइड शेयरिंग एप्लीकेशन का इस्तेमाल करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है. अधिकारियों ने पहले भी दो कार मालिकों को इसी आरोप में दबोचा था — उनमे से एक चेन्नई जा रहा था और दूसरा हस्सन. दोनों ही मामलों में मालिकों ने खाली सीट्स यात्रियों को बेच दीं थीं.

इसके मायने!

  1. राइड शेयरिंग एप्लीकेशन जैसे की BlaBlaCar और QuickRide को RTO के इस एक्शन की वजह से काफी नुक्सान होगा क्योंकि प्राइवेट कार मालिक इनका इस्तेमाल कर पैसा बनाने में लगे थे. इन एप्लीकेशन की लोकप्रियता में गिरावट आएगी.
  2. कार पूलिंग काफी कम होगी और इसका फायदा ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर्स को होगा जो व्यापर के लिए ऐसे काम करते हैं.

सोर्स — TheHindu