उम्रदराज़ Royal Enfield शौकीनों का भी कहना है कि ‘हाथी’ पालने के दिन अब गुज़र गए!

Royal Enfield मोटरसाइकिल्स की लोकप्रियता पिछले कुछ वर्षों से काफी ज़्यादा होती जा रही है. दक्षिण भारत स्थित कम्पनी ने आखिरकार एक ठीक ठाक प्रॉफिट बनाना शुरू कर दिया है और ये अपनी 650 सीसी, ट्विन सिलिंडर लाइन-अप मोटरसाइकिल्स लॉन्च करने के लिए बिलकुल तैयार हैं. हालाँकि पुराने बाईकर्स का एक वर्ग है जिसे लगता है कि Royal Enfield (RE) motorcycles अपनी आकर्षक छवि खोती जा रही है. पेश हैं 5 ऐसे कारण जिनकी वजह से वो ऐसा महसूस करते हैं.

ये मोटरसाइकिल अब उतनी प्रतिष्ठित नहीं रही.

एक वक्त था जब Royal Enfield Bullet की मोटरसाइकिल्स देश की सबसे महंगी दोपहिया वाहन थीं. इस कारण Bullet 350/500 एक स्टेटस का प्रतीक बन गई थी क्योंकि इस मोटरसाइकिल का उपयोग ज्यादातर अमीरों द्वारा ही किया जाता था. हालाँकि अब कई नई मोटरसाइकिल्स हैं जो REs से दस गुना ज़्यादा महंगी हैं. इसलिए Bullet या Royal Enfield की बाकी बाइक्स अब स्टेटस का प्रतीक नहीं है. ये कई ओल्ड-स्कूल मोटरसाइक्लिस्ट्स के लिए बुरी ख़बर है. इसके बावजूद कम्पनी को इस बात की कोई चिंता नहीं है क्योंकि REs अब मोटरसाइकिल खरीदारों के व्यापक वर्ग को अपील करता है.

आज कल हर कोई Royal Enfield चला रहा है.

जैसा कि हमने बताया, Royal Enfield मोटरसाइकिल्स अब पहले से कई ज़्यादा तादाद में बिक रही है. इसलिए आजकल ये बाइक्स सड़कों पर ज़रूरत से ज़्यादा दिखाई देती हैं. ये पुराने बाइक शौकीनों की दूसरी बड़ी शिकायत है. इन शौकीनों का मानना है कि REs ने ज़रूरत से ज़्यादा ही बाइक्स बेचकर अपना ही नुकसान किया है. असल में, Royal Enfield की सवारी करते वक्त अब आप दूसरों से ‘अलग’ महसूस नहीं करेंगे। ये उल्लेखनीय है कि भारतीयों की क्रय शक्ति पिछले कुछ दशक में कहीं ज़्यादा हो गई है. इसलिए, हम में से कई अब इस 1 लाख रुपये से अधिक कीमत वाली मोटरसाइकिल पर खर्च कर पाते हैं. साथ ही RE की बेहतर रिलायबिलिटी और क्वॉलिटी ने इन मोटरसाइकिलों को नए बाइक खरीददारों के बीच अधिक लोकप्रिय बनाने में प्रमुख भूमिका निभाई है.

Royal Enfield मोटरसाइकिल्स में अब वो बात नहीं रही.

Royal Enfield मोटरसाइकिल्स में अब CB पॉइंट्स नहीं रहे. इन बाइक्स में अब Transistor Coil Ignition (TCI) system होता है जो मॉडर्न प्रीमियम मोटरसाइकिल्स में अब आम बात है. असल में, RE मोटरसाइकिल्स अब पहले से अधिक आधुनिक हो गई हैं. इन बाइक्स में अब पुरातन प्री-यूनिट कंस्ट्रक्शन इंजन की जगह unit construction engines (UCE) हैं. यहाँ तक कि गियर शिफ्टर और ब्रेक्स भी अब सही तरीके से सीधे हाथ की ओर हैं. इस बाइक में अब कोई अलग से दिया गया न्यूट्रल लीवर नहीं है क्योंकि RE ट्रांसमिशन पहले से कहीं अधिक आसान और अधिक सटीक हो गए हैं. इन सभी बदलावों की बदौलत ये मोटरसाइकिल्स अब लगभग किसी अन्य आधुनिक मोटरसाइकिल जितनी ही अच्छी हो गई हैं. जहाँ ये बाइक्स खरीदने और चलाने के नज़रिए से पहले से ज़्यादा भरोसेमंद और आसान हो गई हैं वहीं पुराने बाइक शौक़ीन पुरानी Royal Enfield मोटरसाइकिल्स के ‘Brit-like’ चरित्र की कमी महसूस करते हैं.

Royal Enfield अब ‘hand-made’ नहीं रहीं

इस बाइक की टंकी पर की गई पिनस्ट्राइपिंग के अलावा Royal Enfield मोटरसाइकिल्स अब ‘hand-made’ नहीं रहीं। हर मॉडर्न मोटरसाइकिल्स की तरह REs को भी असेम्ब्ली लाइन्स पर जटिल CNC मशीनों द्वारा बनाया और मॉडर्न पेंट शॉप में पेंट किया जाता है. इन प्रक्रियाओं से इन मोटरसाइकिल्स को बेहतर फ़िनिश मिलती है और ये अपने पूर्ववर्तियों की तुलना में अधिक विश्वसनीय साबित होती हैं. दरअसल, Siddhartha Lal ने दो दशकों पहले Madras Motors से कम्पनी की लगाम पकड़ने के बाद मोटरसाइकिलों को और अधिक विश्वसनीय बनाने के लिए नई उत्पादन तकनीकों और बेहतर गुणवत्ता सामग्री के उपयोग पर ध्यान केंद्रित किया। ये रणनीति कम्पनी के लिए आश्चर्यजनक साबित हुई और Royal Enfield मोटरसाइकिल्स अब पहले की तुलना में अधिक लोकप्रिय हैं। हालांकि, पुराने Royal Enfield शौक़ीन पुरानी Royal Enfields की ‘हाथ से निर्मित’ प्रकृति को याद करते हुए दुखी होते हैं.

‘Highway Kings’, क्या कहा? ज़रा फिर से कहना ?

आधुनिक 200 सीसी-प्लस मोटरसाइकिल्स के आगमन तक, Royal Enfield मॉडल्स देश में बिकने वाली सबसे सक्षम हाईवे क्रूजर और टूरिंग की बाइक थी. पर अब हालात काफी बदल गए हैं. Suzuki Gixxer 155 की तरह एक आधुनिक 150 सीसी मोटरसाइकिल, Bullet 350 को धूल चटा सकती है और KTM Duke 200 जैसी मोटरसाइकिल्स परफॉर्मन्स और स्पेसिफिकेशन्स में 500 सीसी Bullet को आसानी से ध्वस्त कर सकती हैं. इसका मतलब यह है कि 350 सीसी RE अब आम यात्रियों की रोज़मर्रा की भागदौड़ के लिए ही अच्छी हैं, और 500 सीसी RE हाईवेज़ पर 200 सीसी मोटरसाइकिल के समान ही अच्छे हैं. आज भी बिक रही सबसे शक्तिशाली Royal Enfield की भी 150 किलोमीटर/घंटे से कुछ कम टॉप स्पीड है.

हालांकि ये मोटरसाइकिल्स अभी भी एर्गोनॉमिक्स के मामले में सबसे अधिक टूरिंग-फ्रेंडली मशीनों में से एक हैं, पर छोटी-इंजन वाली किफ़ायती मोटरसाइकिल्स इन मशीनों से परफॉरमेंस में अधिक बेहतर हैं.

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