Royal Enfield Motorcycles: अच्छा, बुरी, और बदतर

सारी मोटरसाइकिल्स एक तरफ और Royal Enfield एक तरफ. इस मोटरसाइकिल कंपनी की शुरुआत The Enfield Cycle Company Limited of Redditch, Worcestershire में हुई थी और अब दक्षिण भारत में आधारित ये मोटरसाइकिल निर्माता भारत में काफी फेमस हो गयी हैं. हालाँकि इनकी मोटरसाइकिल्स के साथ सब फूल और बाग़ नहीं है. पेश हैं Royal Enfield मोटरसाइकिल के बारे में अच्छी, बुरी, और बदतर बातें.

अच्छी बातें

  1. रेट्रो अपील – इन मोटरसाइकिल्स का सबसे बड़ा सेलिंग पॉइंट इनकी हाई रेट्रो अपील है. शुरुआत से ही ज़्यादातर Royal Enfield मोटरसाइकिल्स का बुनियादी डिजाईन बदला नहीं है. इसका सीधा सा मतलब है की आपको सदाबहार क्लासिक लुक्स मिलते हैं.
  2. ढेर सारा करैक्टर – Royal Enfield मोटरसाइकिल्स में ढेर सारा करैक्टर होता है. बहुत से ऐसे लोग होते हैं जो शुद्ध मैकेनिकल फील की तलाश में होते हैं. आज के आधुनिक युग की जापानी मोटरसाइकिल्स जो किसी टरबाइन की तरह स्मूथ चलती हैं उनके लिए सही नहीं बैठती. की turbine की तरह smoothness उनके लिए काफी नहीं. Royal Enfield मोटरसाइकिल्स का ज़ोरदार थम्प, मेटल पैनल्स, और एनालॉग स्पीडो जैसे ढेर सारे क्लासिक फ़ीचर्स कुछ ऐसी चीज़ें हैं जो इन मोटरसाइकिल्स अपना एक अलग करैक्टर देती हैं.
  3. आरामदायक – इन मोटरसाइकिल्स के उच्च आरामदायक स्तरों से कोई भी इनकार नहीं कर सकता. सीट्स बिलकुल सही कुशनिंग वाली हैं और पर्याप्त सपोर्ट देती है जिससे आपकी लम्बी राइड आरामदायक बन सके. इनकी एक और विशेषता है और वो है सही लम्बे और बड़े शरीर वाले लोगों के लिए इनके सिंपल डिजाईन के कारण ergonomics एक दम सटीक हैं.
  4. नए प्रोडक्ट्स – एक तरफ जहां सारा रेट्रो चार्म इस दक्षिण भारतीय कंपनी के लिए काफी काम कर रहा है अच्छा चल रहा है, ऐसा नहीं लगता की Royal Enfield के मुख्य लोग इससे संतुष्ट रहने वाले हैं. मोटरसाइकिल्स की Classic और Bullet रेंज की सफलता के बावजूद कंपनी लगातार नए प्रोडक्ट्स लॉन्च कर रही है. और जल्द ही लॉन्च होने वाले 650 सीसी ट्विन बाइक्स के लिए हम बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं.

बुरी बातें

  1. महंगी – Royal Enfield रेंज की कीमतों की शुरुआत करीब 1.13 लाख से होने के कारण ये देश भर में सेल पर मिलने वाली ढेर सारी मोटरसाइकिल्स से काफी महंगी हैं. ऊंची कीमतों से भी ज्यादा इनमें कम फीचर्स और नयी टेक्नोलॉजी का न होना इन्हें थोड़ा ज्यादा ही महंगा बनाता है.
  2. ख़राब क्वालिटी के पुर्जे – आपको मानना पड़ेगा की बेहतरीन क्वालिटी कण्ट्रोल कभी भी Royal Enfield की विशिष्टता नहीं रही है. पिछले कुछ समय में सुधार के बावजूद पुर्जों की ख़राब क्वालिटी में कुछ ख़ास अच्छा नहीं लिखा जा सकता. कई सारे पुर्जे बिखर जाते हैं, या टूट जाते हैं और पेंट भी बहुत जल्दी निकलने लग जाता है.
  3. ख़राब सेफ्टी लेवल – कंपनी ने अपनी किसी भी मोटरसाइकिल में अभी तक ABS देना शुरू नहीं किया है. इसका मतलब है की हाल में लॉन्च हुई Thunderbird 350X और 500X को मिलाकर, इनके किसी भी मोटरसाइकिल में ज़रूरी सेफ्टी फीचर्स नहीं हैं. साथ ही, Royal Enfield अपने ख़राब ब्रेक्स के लिए बदनाम है. निर्माताओं को सेफ्टी फीचर्स के स्तर को सुधारने की दिशा में ख़ास ध्यान देना चाहिए.
  4. धीमी रफ़्तार – Royal Enfield की कई 350 सीसी मॉडल्स काफी सस्ती Bajaj Pulsar 180 से भी धीमी हैं. यहाँ तक की अब बंद हो चुकी सबसे स्पोर्टी Continental GT 535 की टॉप स्पीड बस 130 किमी/घंटा थी.

बदतर बातें

  1. बेहद खराब क्वालिटी के ‘नए प्रोडक्ट्स’ – Royal Enfield की सबसे खराब बात है की उनके निर्माता अपनी क्वालिटी का स्तर बढ़ा नहीं रहे है. यहाँ तक की Himalayan जैसी नयी बाइक्स में भी ख़राब क्वालिटी चेक और सब-स्टैण्डर्ड पार्ट्स की दिक्कतें हैं. और तो और Royal Enfield को Himalayan के ढेर सारे पार्ट्स को कस्टमर्स के पास बाइक्स की डिलीवरी के बाद भी बदलने पड़े.
  2. भरोसा – सही कहा जाए तो नयी Royal Enfields बढ़ी हुई भरोसेमंदता को हम मानते हैं. फिर भी अभी इन्हें भरोसेमंदता के मामले में Bajaj या TVS के आसपास आने के लिए एक लम्बा सफ़र तय करना होगा. इन बाइक्स को खरीदने की ऊंची कीमतों को देखते हुए ये बात निराश करती है.