क्यों Royal Enfield 650 मॉडल्स की आवाज़ इसके 350 और 500सीसी मॉडल्स से है अधिक सुरीली?

Royal Enfield ने अपने इतिहास की पहली पैरेलल-ट्विन इंजन लगीं Interceptor और Continental GT 650 को लॉन्च कर दिया है. इन दोनों मोटरसाइकल्स के दाम बेहद कम हैं जिसने ढेरों युवाओं को इनकी ओर आकर्षित किया है. अपनी इन दो बिल्कुल-नई बाइक्स में Royal Enfield ने एक बिल्कुल नए ट्विन-सिलेंडर इंजन का उपयोग किया है जिसने Royal Enfield की बाइक्स के सालों पुराने व्यक्तित्व को पूर्णतया रूप से बदल कर रख दिया है.

Royal Enfield की बाइक्स को अपने साइलेंसर की चिर-परिचित धमक भरी आवाज़ के चलते बाज़ार में लोकप्रियता हासिल है लेकिन 650 मॉडल्स की आवाज़ से इन बाइक्स की यह चिर-परिचित धमक नदारद है. DCV द्वारा प्रकाशित यह वीडियो सिंगल-सिलेंडर इंजन लगी Royal Enfield मोटरसाइकल और बिल्कुल नए पैरेलल-ट्विन इंजन वाली Royal Enfield मोटरसाइकल के साइलेंसर्स की आवाज़ों के बीच के ज़मीन-आसमान के अंतर की गवाही दे रहा है.

इन बाइक्स के साइलेंसर्स की आवाज़ों में अंतर के पीछे का मुख्य कारण है इनके इंजन का डिज़ाइन. Royal Enfield के सिंगल-स्ट्रोक वाले 350 सीसी और 500 सीसी इंजनों में अभी-अभी लॉन्च हुए 650 सीसी इंजन की तुलना में हवा और इंधन के मिश्रण का प्रज्वलन रुक-रुक कर एक निर्धारित समय सीमा के बाद होता है जिसे अंग्रेजी में लॉन्ग-स्ट्रोक कहा जाता है. लॉन्ग-स्ट्रोक्स, यानी हवा और इंधन के मिश्रण का प्रज्वलन, पिस्टन की एक-चाल में लगने वाले औसत समय के विपरीत अनुपात में होता है. इसका मतलब पिस्टन बोर के अंदर अधिक लम्बाई तय करता है और अपनी एक-चाल पूरी करने में अधिक लम्बा समय लेता है.

Royal Enfield Exhausts Comparison

इस वजह से इंजन के भीतर कम्बस्शन चैम्बर में हवा और इंधन के मिश्रण के प्रज्वलन की लगातार चल रही क्रिया के बीच अधिक अंतर होता है. हवा और इंधन के मिश्रण के प्रज्वलन  की प्रक्रिया के बीच के इस समय अंतराल की वजह से इंजन द्वारा उत्सर्जित गैस को साइलेंसर के रस्ते बाहर निकलने का अधिक समय मिलता है जिसे हम टुकड़ा-टुकड़ा धमक के रूप में सुन पाते हैं. यही सिंगल-सिलेंडर मोटरसाइकल्स की टुकड़ा-टुकड़ा धमक भरी आवाज़ के पीछे का कारण है. जहाँ एक ओर लॉन्ग-स्ट्रोक इंजन ताकत मुहैय्या करने में कमज़ोर होते हैं वहीँ यह टॉर्क के मामले में धनी होते हैं.

Royal Enfield 650 सीसी इंजन का स्ट्रोक तुलनात्मक रूप से छोटा होता है. इस इंजन के अंदर दो पिस्टन काम करते हैं और हर एक पिस्टन की स्ट्रोक-लेंग्थ/बोर के अंदर की चाल 67.8 एमएम की होती है जो Royal Enfield के 350 सीसी और 500 सीसी इंजनों की 90 एमएम की पिस्टन की चाल/स्ट्रोक-लेंग्थ से काफी कम है. छोटे स्ट्रोक का मतलब है कि पिस्टन की चाल कम होती है/ पिस्टन को कम दूरी तय करनी पड़ती है जिसके कारण इंधन और हवा के मिश्रण के प्रज्वलन की क्रिया जल्दी-जल्दी होती है. छोटे स्ट्रोक वाले इंजन के पिस्टन की औसत रफ़्तार बहुत तेज़ होती है जो इसे बिल्कुल अलग ही किस्म की आवाज़ का मालिक बनाती है. 650 मॉडल्स में लगे दो सिलेंडर एक-के-बाद-एक लगातार काम करते हुए क्रैंक को चाल देते हैं. इस वजह से इसमें से एक अनूठी ही आवाज़ पैदा होती है जो धमक-भरी आवाज़ से अलग एक गुर्राहट-भरी आवाज़ कही जा सकती है.

बताते चलें कि छोटे स्ट्रोक वाले इंजन बड़े स्ट्रोक वाले इंजन की तुलना में ऊंचे स्तर के आरपीएम को छूने में सक्षम होते हैं. Royal Enfield 350 सीसी इंजन 5,250 आरपीएम पर 19.8 बीएचपी की अधिकतम पॉवर और 4,000 आरपीएम पर 28 एनएम की अधिकतम टॉर्क पैदा करता है. वहीँ इसका 500 सीसी इंजन 5,250 आरपीएम पर 27.2 बीएचपी की अधिकतम पॉवर  और 4,000 आरपीएम पर 41.3 एनएम् की टॉर्क पैदा करता है. वहीँ बिल्कुल-नया पैरेलल-ट्विन इंजन बहुत ऊंचे स्तर पर रेव करने की क्षमता रखता है और और अपनी अधिकतम पॉवर बहुत ही उच्च स्तर के पॉवर बैंड पर पैदा करता है. नया 650 सीसी इंजन 7,100 आरपीएम पर 47 बीएचपी की अधिकतम पॉवर और 5,250 आरपीएम पर 52 एनएम की अधिकतम टॉर्क पैदा करता है.

माना कि इस बिल्कुल-नई Royal Enfield ने अपनी चिर-परिचित धमक-भरी आवाज़ खो दी है लेकिन इसकी मौजूदा आवाज़ भी बाइक प्रेमियों को दीवाना बनाने में पक्की तौर पर सक्षम है खासकर इन कीमतों पर.