पुलिस ने साईकल चालक का हेलमेट न पहनने और स्पीड लिमिट तोड़ने के लिए काटा चालान

अक्सर हमारे सामने कई ऐसे किस्से आते हैं जब पुलिस किसी इंसान का बेहद अजीबोग़रीब कारणों के चलते चालान काट देती है. एक ऐसी ही एक घटना तब सामने आई थी जब ट्रैफिक पुलिस ने एक मोटरसाइकल सवार का ‘सीट-बेल्ट’ ना लगाने के अपराध में चालान काट दिया था. ये घटना तो कुछ भी नहीं थी, अब सुनिए एक और ऐसा अजीबोग़रीब किस्सा जिसे सुनकर आपके पैरों तले ज़मीन खिसक जायेगी.

यहाँ हुआ क्या ?

केरल पुलिस ने Kumbala में एक साईकल सवार का चालान काटा है. Kasim नाम का यह व्यक्ति उत्तर प्रदेश का रहने वाला है और केरल में मज़दूरी करता है. पुलिस ने Kasim को हाईवे पर तब रोक लिया जब वो साईकल पर अपने काम पर जा रहा था. ड्यूटी पर मौजूद पुलिसवालों ने उस पर स्पीड लिमिट तोड़ने का आरोप लगा कर 2,000 जुर्माना भरने को कहा. थोड़ी बहस के बाद पुलिस ने उसका 500 रुपए का चालान काट दिया, तो Kasim ने कहा कि वो तो केवल 400 की ही दिहाड़ी कमा पाता है और ये उसके साथ नाइंसाफी है.

Kerala Police Challan

पुलिस अफसरों ने मौके पर ही Kasim का चालान काट दिया जिसपर वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर भी मौजूद था. ये रजिस्ट्रेशन नंबर असल में एक स्कूटर का था जिसकी मालिक एक महिला हैं. ये किस्सा तब सामने आया जब किसी व्यक्ति ने Kasim द्वारा अपने साथ घटी चालान कटने की इस घटना बयान करने का वीडियो अपलोड कर दिया. Kasim का कहना है की पुलिसवाले रोज़ ही उसको वहां से गुज़रते हुए देखते हैं लेकिन ये आज पहली बार हुआ है कि पुलिस ने उसे रोका और मौके पर ही चालान भी काट दिया.

Kerala Cyclist Fined Featured

स्पीड लिमिट तोड़ने के आलावा पुलिस ने Kasim पर बिना हेल्मेट साईकल चलाने के अपराध में भी जुर्माना लगा दिया. कथित तौर पर पुलिस वालों ने Kasim के जुर्माना न भरने पर उसकी साईकल का टायर भी पंक्चर कर दिया. जब ये विडियो वायरल हो गया तब स्टेशन इंचार्ज (SI) इस मामले की तफ़्तीश के बाद दोषी पुलिसवालों के खिलाफ कार्यवाही की बात कही.

क्या साईकल चलाने के लिए भी लाइसेंस लगता है?

भारत में साईकल मोटर वाहन अधिनियम के अंतर्गत नहीं आती और इसको चलाने के लिए किसी भी प्रकार के लाइसेंस की कोई ज़रूरत नहीं होती. किसी भी उम्र का कोई भी इंसान बिना किसी ड्राइविंग लाइसेंस के साईकल को आम सड़कों पर चला सकता है. यहाँ तक कि एक सीमित पावर रेटिंग वाले इलेक्ट्रिक मोटर स्कूटर्स को चलाने के लिए भी किसी लाइसेंस की आवश्यकता नहीं है.

ये भी एक सम्भावना है की पुलिस चालान पर लिखे नंबर वाले स्कूटर को रोकने में असफल रही हो और इस चालान की भरपाई के लिए जबरन Kasim से पैसे वसूल लिए हों. इस घटना के पीछे की मंशा अभी सामने नहीं आई है लेकिन मामले की तफ़्तीश के बाद शायद घटना से जुड़ी और जानकारी भी सामने आ जाएगी.

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