बच्चे चला रहे थे गाड़ी, अभिभावक हुए गिरफ्तार…

Hyderabad Police ने चार अभिभावकों को अपने बच्चों को ड्राइव करने की अनुमति देने के लिए गिरफ्तार किया है. अंडरऐज ड्राइविंग एक संगीन अपराध है और देश में ये कई एक्सीडेंट्स का सबब बन चुका है. अभिभावकों को सिर्फ एक ही दिन के लिए जेल में रखा गया था और पुलिस ने डिमांड की है की अभिभावकों को ज़िम्मेदार ठहराया जाए और ज़रुरत पड़ने पर बच्चों को बाल गृह में भेजा जाए.

हाल के ही एक वारदात में 14 साल का एक लड़का बाइक से एक लॉरी को ओवरटेक करने की कोशिश कर रह था और उसी बाइक पर बैठा 12 साल का सवार गिर गया और सामने से आ रही लॉरी के नीचे कुचला गया. कुछ समय बाद, दो अंडरआगे ड्राईवर तब मारे गए जब उनकी मोटरसाइकिल रोड पर स्किड कर गयी.

DCP Traffic A. V. Ranganath ने कहा,

“Minor Driving के लिए हम गाड़ी के ओनर के साथ ही 18 साल से कम के बच्चों और उनके अभिभावकों को चार्जशीट कर रहे हैं. कुछ दिनों से कोर्ट ऐसे अभिभावकों को जेल भेज रही है. शहर में Minor Driving काफी बढ़ चुका है.”

ऐसे बच्चे जिन्हें बार बार क़ानून तोड़ते हुए पकड़ा जाएगा उन्हें बाल गृह भेज दिया जाएगा लेकिन उनके अभिभावकों को कोर्ट द्वारा निर्धारित समय के लिए जेल भेज दिया जाएगा. प्रशासन का कहना है की बच्चों को गाड़ी से दूर रखना अभिभावकों की ज़िम्मेदारी है.

2016 में Motor Vehicle Amendment में एक प्रस्ताव पारित हुआ था जिसमें बच्चों के पेरेंट्स को सजा डी जा सकती है. उन्हें तीन साल तक की जेल और 25,000 का जुर्माना एवं एक ही साथ दोनों दंड दिए जा सकते हैं.

लेकिन ये पहली बार नहीं है की पेरेंट्स के खिलाफ ऐसा कदम लिया गया है. 2015 में बंगलोर के पुलिस ने माइनर ड्राइवर्स के पेरेंट्स को अरेस्ट किया था और Regional Transport Offices (RTOs) से गुजारिश भी की थी को ऐसे पेरेंट्स का लाइसेंस रद्द किया जाये. कई बच्चे देर रात को बाहर जाते हैं और स्ट्रीट रेसिंग के लिए जमा होकर स्टंट्स जैसे खतरनाक काम करते हैं जो गंभीर एक्सीडेंट का कारण बन सकता है.

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