Maruti Zen to Mahindra Classic to Contessa: 10 Evergreen Cars That Should Make a Comeback Maruti Zen से Mahindra Classic से Contessa: 10 कार्स जिनकी दूसरी पारी बनती है

Maruti Zen से Mahindra Classic से Contessa: 10 कार्स जिनकी दूसरी पारी बनती है

कार्स हमारी ज़िन्दगी का एक अहम हिस्सा हैं. वो लोगों को एक जगह से दूसरी जगह जाने का एक महत्वपूर्ण जरिया हैं. लेकिन फिर ऐसी कार्स हैं जो यहाँ से वहां जाने के साधन से बढ़कर हैं. ऐसी कार्स से लोगों की यादें जुड़ी रहती हैं. निर्माता ऐसी कार्स अक्सर नहीं बनाते लेकिन हर बार जब ऐसी कार मार्केट में आती हैं, वो काफी प्रसिद्ध होती हैं.

हम ऐसी कार्स को रोड पर हमेशा देखना चाहेंगे, लेकिन दुःख की बात है की ऐसी कार्स का प्रोडक्शन बंद हो चुका है. जहां आपको ऐसी कार्स सेकंड हैण्ड मार्केट में मिल जायेंगी, एक नयी कार का मज़ा ही कुछ अलग होता है. इसलिए, हमने ऐसी 10 सदाबहार कार्स की लिस्ट बनायी है जिन्हें हम इंडिया की सड़कों पर वापसी करते हुए देखना चाहते हैं.

Ford Fiesta 1.6 S

Ford Fiesta 1

Ford Fiesta में लगे ज़्यादा सख्त और छोटे सस्पेंशन स्प्रिंग्स और बड़े और चौड़े व्हील्स के चलते इस गाड़ी ने अपने बेहतरीन हैंडलिंग फीचर का लोहा मनवाया था. 8 लाख रुपए की कीमत में मिलने वाली ये कार अपनी कीमत से दुगनी कीमतों पर मिलने वाली दूसरी किसी भी कार से ज़्यादा फन-टू-ड्राईव एहसास दिलाती थी. इसका 100 बीएचपी इंजन भी इसकी ड्राइविंग को और मज़ेदार बनता था. अगर Ford अपने Fiesta S मॉडल को फिर से बाज़ार में लाता है तो वो सही में मार्किट पकड़ने की क़ाबलियत रखने वाली एक कार के साथ आएगा पर नई कार की हैंडलिंग भी पुरानी के जैसी ही होनी चाहिए.

Honda Civic

Honda Civic White

Honda Cars India 10वें जनरेशन वाली Honda Civic अगले साल लॉन्च करेगी, लेकिन जो खाली जगह 8वें जनरेशन वाली Civic ने छोड़ी थी, उसे आजतक कोई भी कार भर नहीं पायी है. हाई ट्यूनिंग वाले 1.8-लीटर, 4-सिलिंडर पेट्रोल इंजन वाली Civic में 130 बीएचपी और 172 एनएम का आउटपुट मिलता था. ये आज के दुनिया में भी काफी मॉडर्न दिखती है, और इसके साथ ही इसमें एक आरामदायक केबिन मिलता है जो फ़ीचर्स से भरा पड़ा है. इसकी हैंडलिंग भी बेहतरीन है. और आपको सैंकड़ों मॉडिफिकेशन ऑप्शन तो मिलते ही हैं. ये एक और सेडान है जिसकी वापसी बनती है.

HM Contessa

Hm Contessa

Hindustan Contessa को भारत में 1984 में लॉन्च किया गया था. Contessa ने अपनी मसल कार से प्रेरित लुक्स के चलते भारत के युवाओं के बैडरूम की दीवारों से लेकर सड़कों तक ‘मसल कार्स’ के पोस्टर्स को पंहुचा दिया. मसल कार डिज़ाइन के बावजूद Contessa में हमेशा छोटी क्षमता वाले इंजन्स का ही प्रयोग होता रहा जिनमें बड़े से बड़ा इंजन मात्र 2.0-लीटर डिस्प्लेसमेंट वाला था. कार प्रेमी आज भी अपनी Contessa को बिल्कुल टिप-टॉप कण्डिशन में रखते हैं. कुछ ने तो अपनी कार में ज़्यादा पावर और अच्छी लुक्स के लिए इन्हे मॉडिफाइ भी कराया है. हालांकि आइकोनिक Mustang अब भारत में बेची जा रही है लेकिन अब भी ये अधिकतर भारतीयों की पहुंच से बाहर है. ऐसे में भारतीय कार बाज़ार में अगर एक बार फिर Contessa की और भी ज़्यादा मज़बूत धड़कनें सुनने को मिलें तो आप ही बताइए आपको कैसा लगेगा? Contessa को एक आधुनिक मसल कार के डिज़ाइन और एक पावरफुल पेट्रोल इंजन के साथ रीलॉन्च करने का आईडिया हिट साबित हो सकता है बशर्ते इसकी कीमत मुनासिब रखी जाये.

Mitsubishi Lancer

Mitsubishi Lancer Black

ये बहुत पहले की बात नहीं है की इंडिया में Mitsubishi के प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में कुछ काफी अच्छी कार्स हुआ करती थीं. इनमें से सबसे सफल कार थी Mitsubishi Lancer. लेकिन, पेट्रोल गाड़ी की कम डिमांड और खराब सेल्स और सर्विस नेटवर्क के चलते मार्केट में इस जापानी ब्रांड की इमेज बिगड़ गयी थी. Lancer में तीन इंजन ऑप्शन थे — 1.5-लीटर पेट्रोल, 1.8 लीटर पेट्रोल, और 2.0 लीटर डीजल. जहां डीजल वैरिएंट कुछ जगहों पर ठीक-ठाक बिकी थी इसे Accent CRDi जैसे और भी ज़्यादा मॉडर्न सेडान्स ने पीछे छोड़ दिया था. Lancer का डिजाईन सदाबहार है और इसकी डायनामिक्स कमाल की हैं. लेकिन फिर भी ये Honda City जितना सफल नहीं बन पायी. बाद में और भी ज़्यादा मॉडर्न कार्स के आने से Lancer की डिमांड और भी कम हो गयी. लेकिन इंडिया में नहीं बिकने के बावजूद, इसकी फैन फॉलोविंग अभी भी मजबूत है. हमें ये सच में वापस चाहिए.

Maruti Zen Carbon/Steel

Maruti Zen Classic Black

उतने प्रैक्टिकल ना होने के चलते इंडिया में कभी भी 3-डोर कार्स काफी पॉपुलर नहीं हो पायीं. Maruti Suzuki ने जेलीबीन Maruti Zen के लिमिटेड एडिशन 3-डोर मॉडल निकाला था. शौकीनों को ये काफी पसंद भी आई थी. Zen Carbon और Steel ज़्यादा पावरफुल नहीं थे लेकिन ये अपने स्पोर्टी 3-डोर बॉडी स्टाइल और पेपी G10 पेट्रोल इंजन के चलते सबको इम्प्रेस ज़रूर करते थे. जहां Maruti आज ज़्यादा पावरफुल हैचबैक्स बेचती है, इस Zen की अपील से मिलता जुलता कुछ भी उपलब्ध नहीं है.

Chevrolet Cruze

Chevrolet Cruze Red

Chevrolet Cruze अमेरिकन कार निर्माता की भारतीय कार बाज़ार में फ्लैगशिप कार है. Cruze के डीज़ल इंजन से 166 बीएचपी पावर और 380 एनएम टॉर्क मिलता है. लेकिन पिछले साल Chevrolet द्वारा भारत में अपने ऑपरेशन बंद करने के बाद Cruze की कहानी भी देश में ख़त्म हो गई. अगर Chevrolet भारत लौटने पर विचार करता है तो Cruze एक ऐसी कार है जिसके साथ उसे अपनी वापसी करनी चाहिए, एक ज़्यादा शक्तिशाली इंजन के साथ.

Mahindra Classic

Mahindra Classic Black

Mahindra Classic एक छोटे व्हील-बेस और हर समय फोर-व्हील ड्राइव के साथ आया करती थी जो इसे उबड़-खाबड़ रास्तों को छलांगे मारते हुए पार करने के लिए एक पहाड़ी बकरी की सी चुस्ति और पकड़ देने में सहयोगी फीचर्स थे. यह खुली छत वाली ऑफ-रोडेर भारतीय आर्मी में एक हिट थी और आर्मी ने इसका बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया. Thar की मौजूदगी के बावजूद Classic के फौजी लुक्स, हल्के वज़न वाली बॉडी, और ऑफ-रोडिंग क्षमता के चलते कई कार प्रेमी आज भी इसकी ख्वाहिश रखते हैं. अगर Mahindra एक बार फिर Classic को Thar के सस्ते विकल्प के रूप में बाज़ार में उतारती है तो जीप प्रेमियों में ये ज़बरदस्त हिट साबित हो सकती है.

San Storm

San Storm Red

San Storm भारत में मिलने वाली अकेली किफायती टू-सीट कन्वर्टेबल थी. एक फ्रेंच कंपनी द्वारा डिज़ाइन की गयी ये कार 1998 में लॉन्च हुई थी. इसमें 60 बीएचपी का Renault इंजन लगा था. अपने हल्के वज़न वाले फाइबरग्लास निर्माण के चलते San Storm एक फन-टू-ड्राईव कार हुआ करती थी. हालाँकि San Storm ने भारत में कभी भी बिक्री के मामले कोई झंडे नहीं गाड़े, फिर भी अगर आज ये किफायती दाम पर अपनी वापसी करती है तो युवाओं में ये अच्छी खासी पकड़ बना सकती है क्योंकि आज के युवा को एक गुड-लुकिंग कार की तलाश हमेशा रहती है.

Tata Sierra

Tata Sierra Grey

Tata Sierra एक ऐसी कॉम्पैक्ट SUV थी जिसका ईजाद कॉम्पैक्ट SUV शब्द की ईजाद के पहले ही हो गया था.  इसमें थ्री-डोर डिज़ाइन के साथ साथ पीछे एक बड़ी सी खिड़की दी गयी थी. Sierra में 2.0-लीटर डीज़ल इंजन लगा था जिसे Peugeot से लिया गया था. ये इंजन पहले 68 बीएचपी और बाद में टर्बोचार्जर जोड़ दिए जाने के बाद 90 बीएचपी पावर पैदा करता था. अगर Tata अपनी Sierra को अपने प्रतिष्ठित 2.2-लीटर DiCOR इंजन के साथ बाज़ार में लाती है तो यह  Mahindra Scorpio की नीदें उड़ाने के लिए काफी होगा.

HM Ambassador

Hindustan Ambassador Bling

मुंबई की फेमस ‘काली-पीली’ जिसको चलाते हुए फारूख शेख के ऊपर ‘सीने में जलन’ गाने को फिल्माया गया था. Premier Padmini का भारत में निर्माण 1973 से 1998 के बीच हुआ जिसका सीधा मुक़ाबला Hindustan Ambassador के साथ रहा करता था. Padmini में 35 बीएचपी 1.1-लीटर इंजन लगा है. Padmini अपने विशिष्ट आकार और तेज़-तर्रार हैंडलिंग के चलते कई लोगों में हिट है जिन्होंने आज भी इसे अपने दिल से लगा कर रखा है. अगर Padmini को ज़्याद पावरफुल इंजन और पुरानी कार के डिज़ाइन की ही तर्ज़ पर एक नए मॉडर्न लुक्स के साथ वापस लाया जाता है तो ये कई लोगों को अपनी ओर आकर्षित करेगी.

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