जानिए क्यों अब Maruti Swift के लिए आपको नहीं करना होगा लम्बा इंतज़ार

तीसरी-पीढ़ी की Maruti Swift हैचबैक भारत में ग्राहकों द्वारा हाथों-हाथ खरीदी जा रही है. Maruti Suzuki हर महीने Swift की 15,000 इकाइयाँ देश के कोने-कोने में स्थित अपनी डीलरशिप्स के गोदामों तक पहुंचा रही है. जहां दिल्ली में Swift को बिना किसी देरी हाथों-हाथ उपलब्ध  कराया जा रहा है वहीँ देश के अधिकांश अन्य हिस्सों में हालात ऐसे नहीं है क्योंकि वहां इस कार के लिए कम-से-कम 3 से 4 हफ़्तों तक इंतज़ार करना पड़ता है.  जल्द ही पूरे देश में Swift के ग्राहकों को यह कार थोड़े या बिना किसी इंतज़ार के उपलब्ध होगी.

Swift

यह इस वजह से कि Maruti Suzuki ने गुजरात के साणन्द स्थित अपनी दूसरी फैक्ट्री में हाल ही में Swift का उत्पादन शुरू कर दिया है. इस फैक्ट्री की 250,000 कार्स प्रति वर्ष की उत्पादन क्षमता है. इसके साथ ही गुजरात में Maruti की कुल-उत्पादन क्षमता को 500,000 इकाइयों की हो गई है. बताते चलें कि एक साल पहले इसी राज्य में शुरू की गई कम्पनी की पहली फैक्ट्री की उत्पादन-क्षमता भी 250,000 कार प्रति वर्ष की है जहाँ Swift और Baleno हैचबैक का उत्पादन किया जाता है.

इस बढ़ी हुई उत्पादन क्षमता की वजह से Maruti को ना केवल भारतीय बाज़ार में बल्कि Swift को विदेशों में भी निर्यात करने में भी भारी मदद मिलेगी. गुजरात में स्थापित की गईं यह दो नई फैक्ट्री Suzuki की हैं जो Maruti Suzuki की जापानी पैत्रिक कंपनी है. साल 2020 में एक और फैक्ट्री कि शुरुआत की जाएगी जो Suzuki की कुल उत्पादन क्षमता को 750,000 कार्स तक ले जाएगी. फिलहाल Maruti की गुडगाँव और मानेसर स्थित दो फैक्ट्रीयों की सालाना उत्पादन-क्षमता 15 लाख इकाइयों की है.

Maruti आने वाले सालों में अपनी अनेकों नई कार्स लॉन्च करने की तैयारी में है और ऐसे में इन फैक्ट्रीयों में उत्पादन अपनी पूरी क्षमता पर किए जाने की उम्मीद है. इस वाहन-निर्माता के भारतीय बाज़ार में बिक्री के आंकड़े साल-दर-साल बढ़ते जा रहे हैं और यही वजह है कि Maruti लगातार अपनी गाड़ियों का उत्पादन बढाती आई है. गुजरात में लगाई गई तीसरी फैक्ट्री में कंपनी की इलेक्ट्रिक कार्स बनाए जाने की संभावना है और यहां बनाया जाने वाला पहला उत्पाद होगी नई WagonR का इलेक्ट्रिक संस्करण. WagonR Electric को भारत में साल 2020 में लॉन्च किया जाएगा. इस कार के सड़क पर परीक्षण की शुरुआत भी की जा चुकी है.

Maruti Swift पर लौटें तो यह हैचबैक दो इंजन विकल्पों में उपलब्ध है और इसे HEARTECT प्लैटफॉर्म पर बनाया गया है. HEARTECT प्लैटफॉर्म में मुखयतः उन्नत किस्म की स्टील का इस्तेमाल हुआ है जो इसे हल्का और अधिक मज़बूत बनाता है. अपने हल्के वज़न के चलते तीसरी-पीढ़ी की Swift अपने पुराने मॉडल की तुलना में अधिक स्फूर्त और अधिक माइलेज वाली  कार है. इस कार में लगा पेट्रोल इंजन एक 1.2 लीटर K-Series मोटर है जो 82 बीएचपी पॉवर और 113 एनएम टॉर्क पैदा करता है. वहीँ इसके डीज़ल इंजन में एक 1.3 लीटर Fiat Multijet मोटर है जो 74 बीएचपी पॉवर और 190 एनएम टॉर्क पैदा करता है.

इन दोनों इंजनों को एक 5-स्पीड मैन्युअल और AMT (ऑटोमेटेड-मैन्युअल ट्रांसमिशन) गियरबॉक्स विकल्पों में उपलब्ध किया जा रहा है जो Swift को अपने सेगमेंट की सबसे बेहतरीन कार बनाते हैं. इस कार के सभी संस्करणों में एयरबैग्स और ABS स्टैण्डर्ड दिए जाते हैं. Swift के नवीनतम संस्करण में इसके पुराने मॉडल की तुलना में अधिक जगह और बूट स्पेस उपलब्ध है. नई Swift की शुरुआती कीमत 4.99 लाख रूपए है. इस कार का सीधा मुकाबला Hyundai Grand i10 से है जिसका इस साल के अंत में एक नया मॉडल उतारा जाना है. नई Grand i10 के लॉन्च में कुछ ही महीने बाकी रह जाने की वजह से Maruti इस साल के अंत में अपनी नई Swift में अतिरिक्त फीचर्स जोड़ सकती है.