Maruti Suzuki और Hyundai ने सेल्स में मचाई धूम, किया 2/3 मार्केट पर कब्ज़ा, डिटेल्स पढ़ें…

पिछले वित्तीय वर्ष में देशभर में कार्स की बिक्री के 65% हिस्से पर कब्ज़े के साथ Maruti Suzuki और Hyundai ने इंडिया के मार्केट में अपना दबदबा कायम रखा है. इंडिया में बिकने वाली तीन कार्स में से दो या तो Maruti नहीं तो Hyundai की हैं. Maruti के पास अब इंडिया में 50 % मार्केट शेयर है और Hyundai के पास लगभग 16 %. साथ मिलकर ये दो ऑटो निर्माता इंडिया के कार मार्केट के 2/3 हिस्से को कण्ट्रोल कर रहे हैं. और आने वाले वर्षों में इस दबदबे में कमी के कोई आसार नहीं हैं.

पिछले 12 महीनों में 10 टॉप सेलिंग कार्स में से 7 Maruti Suzuki की कार्स हैं – Alto, Dzire, Baleno, Swift, WagonR, Celerio और Vitara Brezza. और इस लिस्ट में बाकि के तीन स्थानों पर कोई और नहीं बल्कि Hyundai Grand i10, Elite i20 और Creta है.

Renault Kwid, Honda City और Mahindra Bolero जैसी कार्स टॉप 10 से बाहर हो चुकी हैं. इसका मतलब ये भी है की इंडिया में मौजूद 10 से ज्यादा मास मार्केट कार ब्रांड्स– Mahindra, Tata Motors, Honda, Toyota, Ford, Nissan, Renault, Skoda, Fiat, Jeep और Volkswagen – ने कार मार्केट के महज़ 1/3 हिस्से पर कब्ज़ा किया है. और हम याहं लक्ज़री कार ब्रांड्स की बात भी नहीं कर रहे.

इंडिया में Maruti Suzuki और Hyundai के सफलता का कारण है की उन्होंने पब्लिक के बीच ज़बरदस्त विशवास बनाया है. ये कुछ सालों के दौरान हुआ है जहाना दोनों ब्रांड्स ने सेल्स के पहले और बाद दोनों समय पर ही उच्च कोटि की कस्टमर सर्विस दी है.

Maruti Suzuki और Hyundai के बैज वाली कार्स बेहद भरोसेमंद होती हैं और उनकी आफ्टर सेल्स सर्विस भी बेहतरीन है. दोनों ही ब्रांड्स के लिए रीसेल वैल्यू और मेंटेनेंस कीमत बढ़िया है. ये सारी बातें मिलकर Maruti और Hyundai को मार्केट लीडर बनाती हैं.

दोनों कार निर्माता लगातार नयी कार केटेगरीज़ में कदम बढ़ा रहे हैं. Maruti ने सिर्फ 2 साल पहले Baleno और Vitara Brezza के साथ प्रीमियम हैचबैक और कॉम्पैक्ट SUV सेगमेंट में कदम रखा और इसकी वजह से ब्रांड की सेल्स काफी हद तक बढीं.

उसी प्रकार, Hyundai ने बेस्ट-सेलर Creta के साथ कॉम्पैक्ट SUV सेगमेंट को हिला कर रख दिया. अगले कुछ महीनों में Maruti और Hyundai दोनों ने ही कुछ रोचक कार लॉन्च प्लान कर रखे हैं जिसमें अभी वाले कार्स का रिफ्रेश भी शामिल है. यहाँ से सेल्स सिर्फ ऊपर ही जाने की उम्मीद है.