वाराणसी में पुल हादसे में दबी गाड़ियाँ बयाँ करती हैं तबाही का मंज़र…

आपमें से अधिकांश लोग वाराणसी में हुए हाल की दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बारे में ज़रूर जानते होंगे, इसमें कई लोगों ने अपनी जान गँवा दी. इस घटना में लगभग 40 फीट ऊंचे निर्माणाधीन फ्लाईओवर के दो कंक्रीट बीम के नीचे ट्रैफिक पर गिर जाने से 19 लोगों ने अपनी जान गँवा दी और लगभग 12 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. इस घटना ने पूरे राष्ट्र को झकझोर कर रख दिया है. इस घटना की विभत्सता का अंदाजा इस विडियो से लगाया जा सकता है जिसमें हम गाड़ियों के कंक्रीट स्लैब के गिरने के कारण नष्ट हुई गाड़ियां देख सकते हैं.

इन गाड़ियों को हेवी-ड्यूटी क्रेन्स की मदद से मलबे के अन्दर से खींच निकाला गया. इस विडियो में मलबे से निकाले जा रहे गाड़ियों की बुरी हालत को देखकर ये अंदाजा लगाया जा सकता है की आखिर इस हादसे का मंज़र कितना भयावह रहा होगा. कुछ गाड़ियों में बैठे लोगों ने तो मौके पर ही दम तोड़ दिया. एक चश्मदीद के मुताबिक़ विडियो के शुरुआत में देखे जा सकने वाले मिनीबस में हादसे के समय लगभग 50 लोग बैठे हुए थे. गाड़ियाँ इतने बुरे हालत में हैं की हादसे के दौरान उनके अन्दर बैठे लोगों के बारे में सोच रूह काँप उठती है.

गाड़ियों के अवशेष को देख इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है की अन्दर बैठे लोगों का बचना लगभग नामुमकिन रहा होगा. इस विडियो में आप कंक्रीट बीम के गिरने के चलते कुचली गयी कम से कम 7 गाड़ियां देख सकते हैं. और ये इसकी भयावहता का एक छोटा सा ही हिस्सा है क्योंकि आप इस हादसे के चपेट में आई टू-व्हीलर्स को इस विडियो में नहीं देख पा रहे हैं. हादसे के दौरान ये गाड़ियां पुल के नीचे ट्रैफिक में फँसी हुई थीं. इतने वीभत्स और दुखदायी हादसे में किस्मत से मिनीबस के अन्दर बैठे कुछ लोग खिडकियों से बाहर कूद अपनी जान बचा पाए.

पुल से गिरे बीम्स को एक ही हफ्ते पहले लगाया गया था. बदकिस्मती कहें या फिर आपराधिक लापरवाही, ये बीम ज़रूरी लॉकिंग मैकेनिज्म से लॉक नहीं किये गए थे. कहने की ज़रुरत नहीं है की जैसे ही हादसा हुआ, मौके से सारे लेबर और कॉन्ट्रैक्टर फरार हो गए. एक चश्मदीद का कहना था “खुशकिस्मती है की जब बीम गिरे तो कुछ लोग बस में बैठे थे. हमने उन्हें मलबे से निकाल अस्पताल पहुंचा दिया. लेकिन बुरी तरह से दबे हुए कार्स एवं अन्य वाहनों से लोगों को बचा पाना हमारे लिए भी लगभग असंभव हो गया था.” दूसरे चश्मदीद ने कहा “व्यस्त सड़क पर हर ओर हलचल मची हुई थी. बीम के गिरने के वक़्त हम समझ भी नहीं पाए की आखिर क्या हो रहा है. लोग आतंक में हर ओर भाग रहे थे.”

हादसे के बाद से इसपर राजनीति भी शुरू हो गयी है और हर ओर सवाल भी उछाले जा रहे हैं. लेकिन अंत में बात यहीं आकर खत्म ही जाती है की की इन मौतों की भरपाई कभी भी नहीं की जा सकती.

हम इस हादसे के शिकार लोगों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट करते हैं.

विडियो — Insta Mania on Youtube