Mahindra XUV500 जल्द ही एक Ford बनेगी: जानिये डिटेल्स…

इंडिया में Ford के बैज वाली Mahindra XUV500 के बारे में आपका क्या ख्याल है? ये कुछ ऐसा है जो Ford India प्लान कर रही है, लेकिन अगले जनरेशन XUV500 के साथ जिसे फिलहाल W601 का कोडनाम दिया गया है. Mahindra और Ford के इस जॉइंट वेंचर के फाइनल डिटेल्स पर काम चल रहा है जिसमें दोनों ऑटो निर्माता प्लेटफार्म और टेक्नोलॉजी शेयर करेंगे.

जहां Ford इलेक्ट्रिफिकेशन के लिए Mahindra को B562 (Figo/Aspire) प्लेटफार्म देगी, बदले में Mahindra एक बिल्कुल नए C-SUV के लिए Ford को नए XUV (W601) का प्लेटफार्म देगी. Ford-Mahindra के इस सहभागिता के पूरे डिटेल्स अभी से 10 दिनों में सामने आ सकते हैं.

नया XUV500 प्लेटफार्म Ford को एक ऐसे C-SUV को बनाने का मौका देगा जो Jeep Compass और Hyundai Tucson को टक्कर देगी. महीनों पहले Ford के इंडिया में Kuga के लाने की खबरें आई थीं. लेकिन, ये प्लान एक XUV500 पर आधारित SUV के हिसाब से मॉडिफाई हो सकता है. इससे Ford मार्केट में एक नयी SUV को कम से कम खर्च पर, एवं जल्दी ला सकेगी. ये नयी SUV आपको रोड पर अगले 2-3 सालों में दिख सकती है.

अब क्या Ford अगले जनरेशन वाले Mahindra XUV500 को रीइंजिनियर करेगी या सिर्फ इस प्लेटफार्म को इस्तेमाल कर एक बिल्कुल नयी Ford SUV बनाएगी, इस बात के डिटेल्स के लिए हमें इंतज़ार करना होगा. ये पहली बार नहीं है की कार मेकर्स इंडियन मार्केट में बैज इंजीनियरिंग के रास्ते का इस्तेमाल कर रहे हैं. Volkswagen Vento सेडान बेचती है जिसे Skoda ने बैज-इंजिनियर कर Rapid बनाया है. उसी तरह, Renault Duster पर आधारित Nissan Terrano एक बैज इंजीनियर्ड SUV है.

अगर Ford सिर्फ XUV500 के नए प्लेटफार्म को भी इस्तेमाल करने का फैसला करती है ताकि वो पार्ट्स और वेंडर्स के दाम कम रखे, तो भी अमेरिका की ये निर्माता इंडिया में बेहतर प्रॉफिट कमाएगी. खबर है Ford पार्ट्स के कीमत कम रखने के रास्तों पर काम कर रही है. पेश है एक अज्ञात सूत्र जो इन घटनाओं के बारे में ETAuto से बात कर रहा है,

मकसद ये है की दूसरे प्रोजेक्ट्स पर अलग से काम करने के बजाए इन प्रोजेक्ट्स को काफी कम समय के अन्दर पूरा किया जाए. ये प्रोजेक्ट आने वाले दो-तीन सालों में रोड पर नज़र आने लगेंगे. Ford में लोगों का ये मानना है की Mahindra का कॉस्ट स्ट्रक्चर Ford से लगभग 12-14% कम है. कंपनी की पहले ही वेंडर्स की तरफ से इस कॉस्ट स्ट्रक्चर तक पहुँच है और उन्होंने उनसे ऐसे नए तरीकों को ढूँढने की कोशिश करने के लिए कहा है जिससे Ford को कम कीमत पर पार्ट्स मिल सकें. अगर एक खासतौर पर इंजिनियर किये गए पार्ट की कीमत ज्यादा हो तो समझा जा सकता है, लेकिन कुछ कमोडिटी पार्ट्स की कीमत ज्यादा कैसे हो सकती है?