Mahindra XUV500 Breaking Under Wet Conditions Displays Importance of ABS on Cars! [Video] हार्ड ब्रेकिंग करती हुए ये Mahindra XUV500 दर्शाती है की ABS कार्स में भी ज़रूरी क्यों है! [विडियो]

हार्ड ब्रेकिंग करती हुए ये Mahindra XUV500 दर्शाती है की ABS कार्स में भी ज़रूरी क्यों है! [विडियो]

Anti-lock Braking System (ABS) जिंदगियां बचाता है, और वो भी सिर्फ मोटरसाइकिल्स पर नहीं बल्कि कार्स पर भी. Mahindra XUV500 कई हार्ड ब्रेकिंग हालातों जिसमें गीली सतह पर आपातकालीन टर्न भी शामिल था से गुज़ारने पर ये दिखता है की ABS एक इतना ज़रूरी फीचर क्यों है और हर गाड़ी में ये स्टैण्डर्ड क्यों होना चाहिए. अच्छी खबर ये है की अप्रैल 2019 से भारतीय सरकार ने ABS को इंडिया में बिकने वाले 125 सीसी से ऊपर के टू-व्हीलर्स पर अनिवार्य कर दिया है. अक्टूबर 2019 से इंडिया में बिकने वाली सभी कार्स में Bharat New Vehicle Safety Assessment Program (BNSAP) के तहत ABS स्टैण्डर्ड होगा. इसी बीच, ये विडियो देखें. XUV500 के ब्रेकिंग को देखते हुए विडियो को 2:00 के अंतराल से देखा शुरू करें.

जैसा की विडियो में देखा जा सकता है, Mahindra XUV500 को दो हालातों के तहत ब्रेक किया जाता है, एक बार ABS ऑन कर और एक बार ABS ऑफ कर. जब ABS ऑफ होता है, गाड़ी सूखे सड़क पर भी हार्ड ब्रेकिंग में स्किड करने लगती है, और चक्कों के लॉक होने के बावजूद, ब्रेकिंग की दूरी बढ़ जाती है.

ABS ऑन करने के बाद, सूखे सड़क पर हार्ड ब्रेकिंग में ब्रेकिंग की दूरी कम हो जाती है. गीले सड़क पर ऐसा करने के बाद, XUV500 के ABS ऑफ होने के बाद, गाड़ी स्किड करने के लगती है और स्टीयर नहीं हो पाती. इन्हीं हालातों के तहत ABS ऑन होने पर Mahindra XUV500 संतुलित रहती है और गीले सड़क पर हार्ड ब्रेकिंग के अन्दर भी बाधाओं के इर्द-गिर्द स्टीयर हो जाती है.

ABS काम कैसे करता है?

Mahindra Xuv500 Abs

ABS इस बात को सुनिश्चित करता है की सतह और मौसम के कैसे भी रहने के बावजूद बेहद तेज़ ब्रेक लगाने पर भी चक्के लॉक नहीं हों. ये काम करने में व्हील-स्पीड सेंसर और गाड़ी के ब्रेक और ब्रेक लीवर के बीच लगा इलेक्ट्रॉनिक कण्ट्रोल यूनिट मदद करता है.

व्हील-स्पीड सेंसर चक्के के रफ़्तार को लगातार मापते रहते हैं और इसे ECU तक भेजते हैं. जब ECU एक या कई चक्कों को लॉक होते हुए पकड़ता है, ये उन चक्कों पर ब्रेकिंग प्रेशर ऑटोमैटिक रूप से कम कर देता है और इस बात को सुबिश्चित करता है की वो लॉक ना हों. ये चक्के को स्किड होने से रोकता है और गाड़ी को हार्ड ब्रेकिंग के दौरान भी स्टीयरिंग की क्षमता देता है.

ABS ब्रेकिंग की दूरी को घटाता है, और इस बात को सुनिश्चित करता है की गाड़ी आपातकालीन हालत में भी कण्ट्रोल में रहे और उसे बाधाओं के इर्द-गिर्द स्टीयरिंग की क्षमता देती है. बेहद आधुनिक कार्स में ABS के साथ EBD (इलेक्ट्रॉनिक ब्रेक डिस्ट्रीब्यूशन) ब्रेकिंग क्षमता को और भी अच्छा करता है.

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