महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis पर लगा 13,000 का जुर्माना लेकिन पुलिस ने क्यों किया इसे माफ़

मुंबई पुलिस को उनके विडियो सर्विलांस और लोगों पर ऑनलाइन जुर्माना ठोकने के लिए जाना जाता है. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis दो आधिकारिक गाड़ियाँ इस्तेमाल करते हैं और दोनों पर इस साल लगभग 13 बार स्पीड लिमिट से ऊपर चलने के लिए जुर्माना लगाया गया है. इन गाड़ियों ने Bandra Worli Sea Link पर नियम को तोडा और पुलिस ने उनपर 13,000 रूपए का जुर्माना लगाया है. ये ओवरस्पीडिंग के वाक्ये जनवरी 12, 2018, और अगस्त 12, 2018 के बीच हुए.

Fadnavis

हर बार स्पीड तोड़ने पर 1,000 रूपए का जुर्माना लगता है और 13 बार का कुल जुर्माना 13,000 रूपए हुआ. तो क्या आम जनता की तरह मुख्यमंत्री ने जुर्माना भरा? India Today के मुताबिक़, मुंबई पुलिस ने मुख्यमंत्री की कार्स के सारे ई-चालान रद्द कर दिए हैं. ये जानकारी तब मिली जब एक इंसान ने इस मामले में सूचना के अधिकार के तहत याचिका दायर की. याचिकाकर्ता Shakeel Ahmed ने कहा,

“मैंने ट्रैफिक डिपार्टमेंट से इस बात पर जानकारी मांगी थी की मुख्यमंत्री की गाड़ियों के ई-चालान का क्या हुआ या ऐसे कोई सरकारी नियम है जिसके तहत मुख्यमंत्री और दूसरे मंत्रियों के काफिले को ट्रैफिक नियमों से परे रखा जाता है. ट्रैफिक डिपार्टमेंट ने कहा की सभी 13 ई-चालानों को रद्द कर दिया गया है.

मुंबई ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक़, मुख्यमंत्री की गाड़ियों को सुरक्षा कारणों से स्पीड लिमिट का पालन नहीं करना पड़ता है. लेकिन, Shakeel Ahmed का कहना था की केवल फायर ट्रक्स, एम्बुलेंस, और पुलिस की गाड़ियों को ये सुविधा मिलती है. सरकार के गाड़ियों को कोई विशेष छूट नहीं मिलती और उनपर जुर्माना लगता है.

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता Nawab Malik ने कहा,

“अगर कोई क़ानून है तो इसे सबके लिए बराबर होना चाहिए. एक तरफ प्रधानमंत्री Narendra Modi कहते हैं की वो VVIP कल्चर खत्म करना चाहते हैं लेकिन लगता है उनके अपने पार्टी के नेता मुखिया की बात नहीं सुन रहे.

मुंबई पुलिस देश के सबसे एक्टिव पुलिस ट्विटर एकाउंट्स में से एक है. मुंबई पुलिस अक्सर ट्विटर पर सुरक्षा को लेकर कुछ ना कुछ कहती रहती है. इसके पहले, मुंबई पुलिस ने जानेमाने अभिनेता Kunal Kemmu को भी सड़क पर नियमों का पालन नहीं करने के लिए ई-चालान भेजा था. स्पीड लिमिट को सड़क और इलाके के अध्ययन के बात निर्धारित किया जाता है. स्पीड लिमिट तोड़ने से गाड़ियों के संतुलन से बाहर हो जाने का खतरा बना रहता है.

अभी ये साफ़ नहीं है किया क्या मुख्यमंत्री की गाड़ियों को सड़क पर स्पीड लिमिट का पलान करना होता है या नहीं लेकिन अक्सर ऐसे VIPs बड़े काफिले में चलते हैं जिसके लिए रास्ता पहले ही खाली करा लिया जाता है. India Today के लेख में ये नहीं बताया गया है की गाड़ियों को निजी या आधिकारिक काम के लिए इस्तेमाल किया गया था. उस लेख में ये भी नहीं बताया गया है की क्या मुख्यमंत्री की गाड़ी के साथ सिक्यूरिटी गाड़ियाँ भी थीं.