Lamborghini हो या Ferrari इंडिया में सुपरकार्स को ये दिक्कतें आती हैं…

Lamborghini Bangalore ने हाल ही में अपने कस्टमर्स के लिए एक ड्राइव आयोजित की थी. इस इवेंट में 18 Lamborghinis आई थीं और एक अहम वाक्या तब हुआ जब उन्हें रोड के दोनों तरफ ट्रैफिक को रोकना पड़ा ताकि एक स्पीड ब्रेकर क्लियर किया जा सके. इसका एक विडियो आप नीचे देख सकते हैं.

इस विडियो से आप देख सकते हैं की हालांकि कुछ कार्स में लिफ्ट किट का ऑप्शन है, इस स्पीड ब्रेकर को पार करना मुश्किल होता और इसलिए उन्हें ऑफ-रोड जाना पड़ा. ऐसा करने में एक बड़ा सा ट्रैफिक जैम लग गया. ये देखने में तो अच्छा लग रहा है की ऐसी कार्स रोड पर चल रही हैं लेकिन ये इस बात को भी दर्शाता है की इस देश में ऐसी कार रखना कितना मुश्किल काम है.

8 कारण जो बताते हैं की सुपरकार्स और इंडियन रोड्स एक दूसरे को क्यों नहीं भाते:

रफ और संकरे रोड्स: देश के कुछ शहरों में अच्छे रोड्स हैं लेकिन ऐसा सभी शहरों में नहीं है. अधिकांश जगहों पर टारमैक टूटा रहता है और फिर ऐसे कार्स के लिए मुश्किल बढ़ जाती है. और बहुत सारे शहरों में संकरे रोड्स के चलते वाइडबॉडी सुपरकार्स को चलाना मुश्किल हो जाता है.

खराब रूप से डिजाईन किये गए स्पीडब्रेकर्स, और पड़े गड्ढे: जैसा की विडियो में देखा जा सकता है, यहाँ के रोड्स में मौजूद गड्ढों से अधिकांश सुपरकार्स पार नहीं पा सकतीं. कुछ महंगे फ्रंट स्प्लिटर्स के साथ आती हैं जो स्पीड ब्रेकर्स के चलते डैमेज हो सकते हैं. और दुर्भाग्यवश सभी कार्स में नोज़ लिफ्ट का ऑप्शन नहीं होता.

रोड पर निहारने वाले लोग: ये इंडिया के रोड्स की बहुत बड़ी दिक्कत है. चूंकि अधिकांश लोगों ने सुपरकार्स को नहीं देखा है इसलिए ऐसी कार्स को करीब आते देख वो काफी उत्साहित हो जाते हैं. ये सारे सुपरकार ओनर्स को बहुत परेशान करता है क्योंकि आसपास के लोग इन कार्स के साथ चलने के लिए बुरी तरह से ड्राइव भी करते हैं.

रोड पर धूल और गन्दगी: ज़्यादा पॉवर वाली कार और फिसलन भरी रोड दुर्घटना के दो अच्छे दोस्त हैं. और ये बिना 4WD वाली कार्स के लिए और भी बड़ी दिक्कत है.

अस्त-व्यस्त ट्रैफिक: इंडिया में ट्रैफिक बहुत ज्यादा है और उनमें कई लोगों को ट्रैफिक के नियम का पालन करना नहीं आता. इससे रोड्स काफी अस्त-व्यस्त हो जाती हैं. अधिकांश सुपरकार्स में ऑल-राउंड विसिबिलिटी नहीं होती है, और इसलिए इन्हें शहर में चलाना मुश्किल हो जाता है.

प्रॉपर सर्विस बैकअप की कमी: अधिकांश सुपरकार कंपनियों का किसी बड़े शहर में एक ही सर्विस सेण्टर हो जाता है जिससे सर्विस सेण्टर जाना एक सिरदर्द बन जाता है. साथ ही स्पेयर पार्ट्स आने में भी काफी समय लगता है.

फ्यूल की दिक्कत: इंडिया में मिलावट के चलते फ्यूल क्वालिटी उतनी अच्छी नहीं रहती है. साथ ही, देश के कुछ ही फ्यूल पम्प 97 octane ऑफर करते हैं जिसका मतलब है की उन्हें स्पीड या नार्मल पेट्रोल से काम चलाना पड़ता है जो निर्माता की रेटिंग से कम होता है.

पानी जमाव की समस्या: हाँ, अगर आप बारिश के मौसम में अपनी कार बाहर लेकर निकलेंगे तो पानी जमाव आपको काफी परेशान करने वाला है. ऐसे में अपनी कार को घर पर खड़ी रखिये या ऐसी जगह पार्क कीजिये जहां पानी जमाव ना होता हो.

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