क्या होता है जब KTM RC200 रोड पर एक मेटल ग्रिल से टकरा जाती है? [विडियो]

आप इंडिया के सड़कों पर चलने के लिए कभी भी पूरी तरह से तैयार नहीं हो सकते. दशकों के राइडिंग अनुभव के बावजूद, इंडिया के हाईवे आपको आज भी चौंका सकते हैं. ऊपर दिए गए विडियो में जैसे KTM RC200 बाल-बाल बच जाती है, उसे देख ये अंदेशा साफ़ होता है. विडियो में राइडर को हाईवे पर एक मेटल ग्रिल मिलता है और वो भी तब जब उसकी रफ़्तार 125 किमी/घंटे है. आप विडियो नीचे देख सकते हैं.

राइडर अपनी KTM RC200 को हाईवे पर चला रहा था और चूंकि सड़कें खाली थीं, वो आराम से 120- 130 किमी/घंटे की रफ़्तार पर चल रहा था. अचानक से ही, सड़क के बीचो-बीच एक मेटल ग्रिल आ जाती है. राइडर ने सही तरीके से ब्रेक लगाकर एक बड़े एक्सीडेंट से खुद को बचा लिया.

हालाँकि, राइडर गिरने से बच गया, मेटल ग्रिल उसके गियर लीवर में फँस गयी और वो बाइक के साथ घिसटती हुई जा रही थी. वो मेटल ग्रिल को बाइक से अलग करता है लेकिन बाइक से एक अजीब तरह की आवाज़ आने लगती है. बाहर से कोई डैमेज तो नहीं दिखता, लेकिन अन्दर में कुछ डैमेज ज़रूर हुआ होगा.

KTM RC200 में RC390 के उलट ABS नहीं है. और बाइक किसी भी मायने में धीमी रफ़्तार वाली नहीं है. इसका लिक्विड कूल्ड 199 सीसी इंजन अधिकतम 29.85 पीएस और 19.2 एनएम उत्पन्न करता है और इसकी टॉप स्पीड 140 किमी/घंटे की है जो हाईवे राइडिंग के लिए पर्याप्त है. ये वाक्या दर्शाता है की इंडिया जैसे देश में ABS कितना ज़रूरी है.

आम कुत्ते, बिल्लियों और बुरे ड्राइवर्स के अलावे, अब आपको सड़क पर मेटल ग्रिल का ध्यान भी रखना होगा. ABS यहाँ बहुत काम आता लेकिन स्पीड लिमिट से ऊपर कभी भी नहीं चलना चाहिए. राइडर ने मामला संभाल लिया क्योंकि मेटल ग्रिल से आगे एक Toyota Fortuner और एक लगेज ट्रक था और बाइकर को उसे भी ओवरटेक करना था. यहाँ बस यही सीख मिलती है की आपको सड़क पर हर तरह के मुश्किल से लड़ने को तैयार रहना चाहिए. इसलिए राइडिंग के वक़्त हमेशा चौकस रहें.