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ऑफ-रोडिंग में KTM Dukes दर्शाती हैं ABS और नॉन-ABS बाइक्स के बीच का अंतर

भारत के मार्केट में ABS जल्द ही 125 सीसी से ज्यादा क्षमता वाले इंजन वाले 2-व्हीलर्स में अनिवार्य कर दिया जायेगा. लेकिन, तब तक इन बाइक्स के नॉन-ABS वर्शन को भारत में बेचा जायेगा. तो ABS वाली बाइक्स इतनी ख़ास और सुरक्षित कैसे बन जाती हैं? पेश है एक विडियो जो ऑफ-रोडिंग के दौरान ABS और नॉन-ABS वाली बाइक में अन्तर दर्शाता है.

KTM 390 Duke ABS बनाम KTM 200 Duke नॉन-ABS

ये विडियो एक नयी जनरेशन वाली KTM 390 Duke और एक KTM 200 Duke को एक जंगल में एक रास्ते पर दर्शाता है. इसमें दोनों बाइक्स एक ही रास्ते पर जाती हैं. लेकिन केवल KTM 390 Duke में ड्यूल चैनल ABS है वहीँ विडियो में जो KTM 200 Duke है उसमें ABS नहीं है.

इस रास्ते में एक ढलान आती है और इसे पहले KTM 390 पार करने की कोशिश करती है, विडियो में देखा जा सकता है की 390 Duke को कोई दिक्कत नहीं आती है और ये इस रास्ते पर बिना किसी दिक्कत के ढलान से उतर जाती है. फिर आती है KTM 200 Duke और उसी राह पर चलती है लेकिन ABS ना होने के चलते, इस बाइक का रियर टायर लॉक हो जाता है और ढलान पर फिसलता चला जाता है. सौभाग्यवश ये ढलान उतनी खड़ी नहीं थी और बाइक संतुलन से बाहर नहीं गयी. अंत में राइडर बाइक को रोक लेता है.

Anti-Lock Braking System (एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम) या ABS एक बेहद ज़रूरी सुरक्षा फीचर है जो आपताकाल में लोगों की ज़िंदगियाँ भी बचा सकता है. ये चक्के में ब्रेक कैलिपर को पास लगे सेंसर की मदद से काम करता है और चक्के को लॉक होने से बचाता है. ABS ब्रेकिंग की दूरी को कम कर सकता है और साथ ही कम ग्रिप वाली सतह पर ब्रेकिंग को ज्यादा सुरक्षित भी बनाता है. लेकिन, ऑफ-रोडिंग ट्रैक और बर्फीले रास्तों पर चलते हुए ABS को ध्यान से इस्तेमाल करना चाहिए. ऐसी सतहों पर ABS को हमेशा लगता है की चक्का स्लिप हो रहा है और ये ब्रेक रिलीज़ कर देता है जिससे ब्रेकिंग की दूरी बढ़ सकती है. इसीलिए KTM 390 Duke में ABS के साथ स्विच मिलता है जिसकी मदद से इस फीचर को बंद भी किया जा सकता है.

ABS ने सड़क पर कई दुर्घटनाओं को होने से बचाया है और आपको कई विडियो मिल जायेंगे जो इसे दर्शाते हैं. भारत में सड़कों पर मवेशी, असमय सड़क पार करने वाले लोग, और नियम का पालन नहीं करने वाले ड्राईवर हाईवे पर बड़ी मुसीबत बन जाते हैं. ऐसे में गाड़ी में ABS का होना इसे सुनिश्चित करता है की हेवी ब्रेकिंग के दौरान भी गाड़ी संतुलन से बाहर नहीं होती.

नॉन-ABS गाड़ी में ज्यादा तेज़ी से ब्रेक लगाने पर चक्के लॉक हो जाते हैं और बाइक स्किड कर जाती है. ऐसे लोग जिनकी बाइक्स में ABS नहीं होता उन्हें सड़क पर ध्यान से बाइक्स चलानी चाहिये. ABS ना होने से आप मुश्किल में पड़ सकते हैं, जहां मोटरसाइकिल पर आपका संतुलन नहीं रहता और आप हेवी ब्रेकिंग के दौरान गिर भी सकते हैं.

यही कारण है की आपको हमेशा नॉन-ABS वर्शन के बजाय बाइक्स का ABS वर्शन चुनना चाहिए. हाँ, इनकी कीमत थोड़ी ज्यादा होती है लेकिन ये बड़े काम ही चीज़ होती हैं. ABS फ़िलहाल अधिकाँश बाइक्स में उपलब्ध है और अप्रैल 2019 के बाद से ये सारी 125 सीसी से ऊपर की बाइक्स में अनिवार्य हो जायेगा.

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