Mercedes के इंजन वाले इलाके में फँसी बिल्ली, यूँ निकाला गया उसे!

सूरत के एक कारोबारी के समय रहते कार्यवाही की वजह से उस मासूम बिल्ली के बच्चे की जान बच गयी जो उनके Mercedes Benz E-Class सेडान के इंजन वाले इलाके में फँस गयी थी. मुंबई में Mercedes Benz सर्विस सेण्टर के कर्मियों को इस बिल्ली को बाहर निकालने के लिए इंजन वाले इलाके के पार्ट्स को निकालना पड़ा.

Mercedes Benz Kitten

ऐसा हुआ कैसे?

जहां इस बात की खबर नहीं है की बिल्ली Mercedes Benz E-Class के इंजन वाले इलाके में कैसे घुसी, लेकिन उसके बारे में खबर कार मालिक के कुत्ते ने दी. कार में सबके साथ सफर कर रहे कुत्ते ने फँसी हुई बिल्ली की आवाज़ सुनकर भौंकना शुरू कर दिया.

इससे कार मालिक कार के निकलकर मामले की पड़ताल करने पेज. जहां उन्हें इंजन वाले इलाके में फँसी हुई बिल्ली नजर आई, वो उसे बचा नहीं पा रहे थे. अंत में वो इसके लिए Mercedes Benz के अधिकृत मैकेनिक्स के पास गए जो 6 घंटे की कड़ी मेहनत के बाद इस बिल्ली को बचा पाए. फँसी और डरी हुई बिल्ली तक पहुँचने के लिए इंजन वाले इलाके के कई हिस्सों को निकालना पड़ा.

इस Mercedes Benz E-Class के मालिक Jayeshbhai Tailor ने इस वाक्ये का वर्णन कुछ ऐसे किया,

मेरा कुता अचानक से भौंकने लगा और उसके बाद मुझे बिल्ली की आवाज़ सुनाई दी. ये आवाज़ आती ही रही. मैंने ड्राईवर को कार रोक कर ये देखने को बोला की क्या गाड़ी के नीचे कोई बिल्ली फँस गयी है. ड्राईवर को कोई बिल्ली नज़र नहीं आई लेकिन मुझे उसकी आवाज़ सुनाई दी थी. मैं गाड़ी से निकला और उसके बाद मुझे इंजन वाले इलाके के पास बिल्ली की आवाज़ आई. मैंने रुक कर उसे बचाने की कोशिश की, आसपास के लोगों ने भी मदद करने की कोशिश की और कुछ मैकेनिक्स को भी बुलाया गया. लेकिन कोई भी उसे देखा या सुन नहीं पा रहा था. फिर मैंने Mercedes Benz सर्विस सेण्टर को फ़ोन लगाया जिन्होंने मुझे Kalina [Santacruz East, Mumbai] आने को कहा. हमारे वहां पहुँचने के बाद उन्होंने बिल्ली को देखने की कोशिश की लेकिन वो सफल नहीं हुए. हमने गाड़ी पर आवाज़ भी की ताकि बिल्ली आवाज़ निकाल सके, लेकिन वो शांत ही थी. वो अन्दर के किसी कोने में चली गयी थी. उसके बाद मैंने सर्विस सेण्टर के मैकेनिक्स को कार के इंजन वाले इलाके को खोलने को बोला. मैं बिल्ली का एक कान देख पा रहा था और मैंने मैकेनिक्स को कैमरा की मदद से ज़ूम कर देखने को बोला और वो भी उसे देख पाए. अंत में 6 घंटों की कड़ी मेहनत के बाद उन्हें बिल्ली दिख सकी और उन्होंने उसे बचा लिया.

कार के इंजन वाले इलाके में जानवरों का फँस जाना कोई दुर्लभ बात नहीं है. कई जानवर इंजन के निकलने वाली गर्मी के चलते इसके इंजन वाले इलाके की और आकर्षित होते हैं. ऐसे वाक्ये भी अक्सर सर्दियों में ही होते हैं.

इसीलिए जब आपके सामने ऐसी दिक्कत आये, खुद से जानवरों को बचाने के बजाय किसी एक्सपर्ट को बुला लेना चाहिए. साथ ही अगर आपकी कार कहीं रात भर खड़ी रही है तो उसके बोनट पर एक बार थप-थपाने से अगर कोई जानवर अन्दर हो तो उसे भी बाहर निकलने का मौका मिल जाएगा.

वाया — IndiaToday