Jugaad से लेकर Tempo तक; 10 ऐसी अजीब गाड़ियाँ जो आप सिर्फ इंडिया में ही देख सकते हैं

इंडियन मार्केट में आपको अजीबो-गरीब गाड़ियों की कमी नज़र नहीं आएगी. हेमिन पूरा यकीन है की आपने इन गाड़ियों को कहीं-न-कहीं देखा होगा. पेश हैं ऐसी ही 10 गाड़ियाँ और उनके डिटेल्स.

Tempo Hanseat

Hanseat आज भी छोटे कस्बों और गावों में आसानी से दिख जाती है. ये मूलतः सवारीवाहक और मालवाहक था जिसे Force Motors बनाया करती थी. इस 3-व्हीलर में 452-सीसी, ट्विन-सिलिंडर, 2-स्ट्रोक पेट्रोल इंजन था जो अगले चक्के के ठीक ऊपर लगा हुआ था. ये मोटर अधिकतम 20 बीएचपी उत्पन्न किया करता था. ये अजीब लुक्स वाले 3-व्हीलर 60 के दशक में बिकना शुरू हुआ था और ये देश के कुछ हिस्सों में अभी भी चलता है.

Hindustan Trekker

अब बंद हो चुकी Hindustan Motors को Contessa और Ambassador के निर्माण के लिए जाना जाता था. लेकिन, कंपनी Trekker भी बनाया करती थी, ये एक नायब प्रोडक्ट था जिसमें Ambassador के स्पेयर पार्ट्स लगे होते थे. Trekker के लुक्स कुछ ख़ास नहीं थे लेकिन इसमें लैडर ऑन फ्रेम चेसी था. इसके हेडलाइट्स, फ्रंट इंडिकेटर्स, इंजन, और सस्पेंशन सभी Ambassador से लिए गए थे. Trekker ने कमर्शियल मार्केट में अच्छा प्रदर्शन नहीं किया और अब ये उतना दिखती भी नहीं.

Hindustan Veer

Veer एक और कमर्शियल गाड़ी है जो Hindustan Motors बनाती थी और इसमें भी Ambassador के कई पार्ट्स इस्तेमाल होते थे. Veer मूलतः Ambassador का पिक-अप ट्रक वर्शन था. आगे से देखने पर ये काफी हद तक वैसी ही दिखती थी. लेकिन, B-पिलर के बाद से ये बिल्कुल ही अलग गाड़ी थी. Veer को पहले West Bengal में लॉन्च किया गया था और बाद में ये देश के दूसरे हिस्सों में लॉन्च की गयी थी. HM Veer के लॉन्च से एक प्रकार से 1980 के दशक में बिकने वाली Porter पिक-अप ट्रक का पुनर्जन्म हुआ था. इसमें BS3 (डीजल) और BS4 (CNG) वैरिएंट थे और इसकी बेस प्राइस 3.30 लाख रूपए थी. और हाँ, ये किसी के पसंद के लिए भी काफी अजीब थी.

Sipani Badal

Sipani Badal इस देश में बिकने वाली सबसे अजीब कार थी. UK में बिकने वाली कुख्यात Reliant Robin पर आधारित Badal इंडिया में 1970 में आई थी. इसमें फाइबर-ग्लास बॉडी थी और ये आसानी से पलट जाती थी. इस मशीन 198सीसी 2-स्ट्रोक पेट्रोल इंजन था जो पॉवर को रियर व्हील्स तक भेजता था. इसके फ्रंट व्हील में किसी भी तरह का ब्रेक नहीं था और ये सिर्फ स्टीयरिंग के लिए इस्तेमाल होती थी.

Tata Spacio

Tata Spacio असल में एक Sumo थी जिसमें काफी कम शीट मेटल इस्तेमाल किया गया था. इस पैसेंजर गाड़ी में फैब्रिक रूफ और डोर्स थे जिसे छोटे शहर के कमर्शियल मार्केट पर टारगेट किया गया था. Sumo के 2.0 लीटर डीजल इंजन के बदले Spacio में वही 3.0-लीटर डीजल इंजन हुआ करता था जो Tata 407 ट्रक में था.

Mahindra Gio

Mahindra Gio एक कमर्शियल गाड़ी है जिसका डिजाईन काफी हास्यास्पद है. ये पिक-अप और 6-सीटर लेआउट में उपलब्ध है. Gio में 4 चक्के हैं जो इसे 3 चक्कों वाली प्रतिद्वंदियों से बेहतर बनाती है. Gio में एक 442-सीसी, सिंगल सिलिंडर, डायरेक्ट इंजेक्शन डीजल इंजन था जो अधिकतम 9 बीएचपी और 21.5 एनएम उत्पन्न करता था. इस मोटर में 4-स्पीड मैन्युअल ट्रांसमिशन था.

Polaris Multix

हाल ही में बंद हुई Polaris Multix, Polaris और Eicher Motors के पार्टनरशिप का प्रोडक्ट थी. Multix को एक ऐसे कमर्शियल व्हीकल के रूप में बेचा जाता था जो पैसेंजर भी ढो सकती थी और जनरेटर का काम भी करती Multix में Greaves से लिया गया एक 510-सीसी, वाटर कूल्ड सिंगल सिलिंडर मोटर था जो 9.8 बीएचपी और 27 एनएम उत्पन्न करता था. इसके मोटर का साथ एक 4-स्पीड मैन्युअल ट्रांसमिशन निभाता था.

Jugaad

Jugaad का मतलब आपमें से कीसी को समझाने की ज़रुरत नहीं होनी चाहिए. Jugaad एक कम कीमत वाली गाड़ी है जिसे कई गाड़ियों से लिए गए पार्ट्स की मदद से बनाया जा सकता है. और तो और, पूरे देश में Jugaad के कई वर्शन उपलब्ध हैं. Jugaad को देश के कई हिस्सों में “Chhakda” (छकड़ा) के नाम से भी जाना जाता है. ऐसी गाड़ियों में अधिकांश पार्ट्स मोटरसाइकिल के होते हैं.

E-रिक्शा

ऐसे रिक्शा ने दिल्ली जैसी जगहों पर आम साइकिल रिक्शा की जगह ले ली है. इन गाड़ियों में काफी लोग बैठ सकते हैं और इसमें इलेक्ट्रिक मोटर लगा होता है. नयी दिल्ली में ये अक्सर मेट्रो स्टेशन से पास की जगहों तक जाने के लिए इस्तेमाल किये जाते हैं.

6-सीटर्स

6-सीटर 3-व्हीलर्स देश के कई हिस्सों में ट्रांसपोर्ट का आम जरिया हैं. इन्हें आप सामान ढोते हुए भी देख सकते हैं. लेकिन, ऐसे 3-व्हीलर्स ना सिर्फ सेफ नहीं होते बल्कि इनके ड्राइवर्स इन्हें काफी लापरवाही से भी चलाते हैं. ये Vikram, Piaggio और Force Motors जैसी कंपनियों द्वारा बनायी जाती है.

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