India's Worst Drivers: Renault Exposes the Truth! कौन हैं भारत के सबसे बुरे ड्राइवर्स; Renault का प्रयोग बताएगा सच!

कौन हैं भारत के सबसे बुरे ड्राइवर्स; Renault का प्रयोग बताएगा सच!

एक महानगर में रहना कठिन एवं जल्दबाजी भरा हो सकता है, खासकर तब जब आप अपनी गाड़ी खुद चलाते हों. तेज़ रफ़्तार, सिग्नल तोड़ना, लेन तोड़ना, और राहगीर सुरक्षा में खलल डालना कुछ ऐसी चीज़ें है जो सभी ड्राइवर्स ने या तो की हैं ये उसे होते हुए देखा है. जहां हमारी सड़कों को सुरक्षित बनाने के लिए बहुत कोशिशें की गयी हैं, इसके नतीजे कभी बड़े नहीं हुए हैं.

सड़क इस्तेमाल करना एवं नियम तोड़ने की गहराई तक पहुँचने के लिए Renault India ने रचनात्मक एजेंसी Law & Kenneth Saatchi & Saatchi के साथ हाथ मिलाया और कुछ महत्वपूर्ण जगहों पर मोटर चालाकों की ड्राइविंग आदतों को मॉनिटर करने की कोशिश की. ये जगहें मुंबई और दिल्ली की थीं एवं इन्हें ट्रैफिक, नियम तोड़ने की नियमितता एवं हालात के हिसाब से चुना गया था. इन चुनी हुई जगहों पर कई कैमरा लगाए गए थे ताकि वो हर घंटे नियम तोड़ने की प्रक्रिया को मॉनिटर कर सकें.

इस प्रयोग को 2 हिस्से की शोर्ट फिल्म सीरीज में बनाया गया है. इन्हें केवल डिजिटल माध्यम पर जारी किया गया है और इनका टाइटल ‘Who are India’s Worst Drivers?’ [भारत के सबसे खराब ड्राइवर्स कौन हैं?] दिया गया है. इस प्रयोग का मकसद हमारे रोड सिस्टम की अनियमितता की प्रचुरता एवं गंभीर प्रभाव पर प्रकाश डालना था. इसमें बाइक्स से लेकर ऑटो-रिक्शा, टैक्सी, कार्स, बस, ट्रक, आदि सबको शामिल किया गया था. हर मालिक या रोड इस्तेमाल करने वाला इंसान अपना नजरिया बांटता है की गलती किसकी थी, और हालात ऐसे क्यों हैं, और कोई मुश्किल से ही अपने आप को ज़िम्मेदार ठहराता है. ये प्रयोग चौंकाने वाले तथ्य सामने लेकर आता है की हर घंटे लगभग 110 बार ट्रैफिक नियम तोड़े गए.

इस मुहीम पर टिपण्णी करते हुए Renault India के मार्केटिंग के वाईस प्रेसिडेंट और प्रमुख ने कहा,

“Renault हमेशा से ही ‘ज़िन्दगी के लिए लगन’ का द्योतक रहा है जिसका एक मतलब ये भी है की हमारे कस्टमर्स की ज़िन्दगी आसान हो. लेकिन कार्स के साथ एक आसान ज़िन्दगी के लिए एक ज़रूरी पहलु है की हम इन कार्स को रोड पर चलाने के लिए तय किये गए नियमों का पालन करें. भारत में हम सभी लोग ट्रैफिक की दिक्कतों से जूझते हैं और हमारे स्वभाव के हिसाब से अपने आप को कभी ज़िम्मेदार नहीं ठहराते. इस मुहीम का मकसद इस असलियत को दर्शाना है की ट्रैफिक की हालत तभी सुधर सकती है जब हम अपने आप को बदलें और सड़क की इज्ज़त करें.”

पहले विडियो में कई लोगों से सवाल पूछा जा रहा है की दिक्कत कहाँ है. दूसरे विडियो में इस सवाल का जवाब रोड की मोनिटरिंग कर इस बात को दर्शाते हुए दिया जा रहा है की लगभग हर तरह से रोड इस्तेमाल करता सड़क के नियमों को तोड़ते हैं.

जहां भारत में ट्रैफिक हालात कभी भी अच्छे नहीं रहे हैं, अब चीज़ों को बदलने की ज़रुरत है क्योंकि हमें समय के साथ आगे बढ़ने की चेष्टा करनी चाहिये. रोड अच्छे से इस्तेमाल करने का एक आसान तरीका है की हम अपने आप पर नज़र रखें और इस बात पर ध्यान दें की हम रोड को अच्छे से इस्तेमाल कर रहे हैं या नहीं. साथ ही, बाकी लोगों को देखकर रोड पर नियम तोड़ने की हरकत को रोक लेना चाहिए. शुरुआत के तौर पर, आसान होने के बावजूद सिग्नल ना तोड़ने की कोशिश करें.

सोर्स

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