इंडियन ड्राइवर्स माइलेज के बारे में ये 8 गलत धारणाएं पाले बैठे हैं!

ये कोई छुपी बात नहीं की इंडियन ड्राइवर्स बिना सही ट्रेनिंग के लाइसेंस पा जाते हैं. इनमें से अधिकांश ड्राइवर्स अपने परिवार में से किसी से ड्राइविंग सीखते हैं और अपने गुरु की गलतियां दुहराते हैं. इन लोगों को बिना मतलब के हॉर्न बजाते या क्लच पेडल पर अपना पैर रखते देखना कोई आम बात नहीं है. इसलिए ये कहना गलत नहीं होगा की जब कार चलाने की बात आती है तो इंडियन ड्राइवर्स की कई बेवकूफाना आदतें हैं.

Ford Motor Company ने एक सर्वे कराया था जिसमें Asia Pacific क्षेत्र के 11 देशों में 9,500 ड्राइवर्स का एक सर्वे कराया. इनमें से 1,023 भारतीय थे. और इस सर्वे में पाया गया की इंडियन ड्राइवर्स माइलेज के बारे में इन 8 बेकार चीज़ें सोचते हैं.

1. तेज़ एक्सीलीरेशन माइलेज पर असर नहीं डालती – ये कुछ ऐसा है जो इंडिया में कम से कम 40% of ड्राइवर्स मानते हैं. हम में से कई लोग नहीं जानते की तेज़ एक्सीलीरेशन या इंजन को बिना मतलब रेव करना कार के माइलेज पर बुरा असर डालता है.

2. खड़े रहते वक़्त इंजन चालू रखना माइलेज पर असर नहीं डालता — ये बात सामने आई है की इंडिया में 26% ड्राइवर्स मानते हैं की खड़े रहते वक़्त इंजन चालू रखना उसे बंद रखने से अलग नहीं होता. लेकिन असल में इंजन बंद करने से ज़्यादा फ्यूल बचता है.

3. क्रूज़ कण्ट्रोल माइलेज पर असर नहीं डालता — ऐसा मानना है इंडिया के 78% ड्राइवर्स का. क्रूज़ कण्ट्रोल स्पीड बरकरार रखने का एक जरिया होता है और इससे इंजन बिना मतलब के एक्सीलीरेशन नहीं होने के चलते काफी फ्यूल बचाता है.

4. मात्र 27% ड्राइवर्स GPS चेक करना जानते हैं – घर से निकलने से पहले GPS चेक करना एक अच्छी आदात होती है. GPS की मदद से आप ट्रैफिक वाले जगह जाने के बजाय दूसरे रास्ते जा सकते हैं. धीर-धीरे चल रही ट्रैफिक में फँस जाना माइलेज कम करने का सबसे अच्छा तरीका होता है.

5. 52% ड्राइवर्स को नहीं पता की पहाड़ी इलाकों में चलाने से माइलेज पर असर पड़ता — पहाड़ी सड़कों पर रोड ऊपर और नीचे जाती रहती है जो कार के माइलेज पर असर डालता है. ऐसे में सपाट जगहों पर ज़्यादा फ्यूल इस्तेमाल होने लगता है.

6. 73% लोगों को नहीं पता की ठंडा तापमान माइलेज पर असर डालता है, वहीँ 63% को नहीं पता की गर्मी में भी ऐसा ही होता है — हर इंजन का एक तापमान होता है जिसपर वो सबसे अच्छा परफॉर्म करता है. ठण्ड के मौसम में इस तापमान पर पहुँचने में ज़्यादा समय लगता है जिससे माइलेज कम होती है. वहीँ गर्मी में एसी के इस्तेमाल के चलते माइलेज कम होता है.

साथ ही तेज़ रफ़्तार पर चलाने से हवा की अवरोधक क्षमता बढ़ जाती है जिससे माइलेज कम होता है. लेकिन, खिड़कियाँ चढ़ाकर और एसी के इस्तेमाल से इसे कम किया जा सकता है. लेकिन कम स्पीड पर माइलेज बढाने के लिए एसी बंद कर खिड़कियाँ खोल लेना बेहतर होता है.

7. 65% ड्राइवर्स को नहीं पता की गाड़ी से भारी सामान हटाना माइलेज बढ़ाएगा — जितना वज़न आपकी गाड़ी का होगा उसका माइलेज उतना ही कम होगा. इसलिए सबसे बेहतर होगा की अपनी कार से गैर-ज़रूरी चीज़ें हटा लीजिये. कम वज़न से माइलेज बढेगा.

8. सिर्फ 33% ड्राइवर्स को पता है की रेगुलर सर्विसिंग से माइलेज सही रहती है — ये बड़ी आम सी बात लगती है की रेगुलर सर्विसिंग से कार सही हालत में रहती है लेकिन सिर्फ एक-तिहाई कार ओनर इसका पालन करते हैं. रेगुलर सर्विसिंग से आपकी कार सही हालत में रहती है और इसकी माइलेज भी सही रहती है.