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आखिर क्यों Honda Activa हर महीने Hero Splendor को सेल्स में पछाड़ रही है – Cartoq Hindi: Car news in Hindi, कार ख़बरें हिंदी में

आखिर क्यों Honda Activa हर महीने Hero Splendor को सेल्स में पछाड़ रही है

Honda Activa ऑटोमैटिक स्कूटर्स रेंज Hero Splendor रेंज की एंट्री लेवल कम्यूटर मोटरसाइकल्स को बिक्री के मामले में एक लम्बे अंतराल से पीछे छोड़ रही है. ये तब, जब Activa की कुल बिक्री में 7 % की गिरावट आ गई है. और इस गिरावट के पीछे मुख्य कारण है केरल में आई बाढ़ और पश्चिम बंगाल में लाया गया एक नया नियम जिसके मुताबिक प्रदेश में वही व्यक्ति दो-पहिया वाहन खरीद सकता है जिसके पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस हो.

Activa 5g Yellow

इस सब के बावजूद Honda ने अगस्त 2018 में देश में Activa की 310,851 इकाइयां बेचीं हैं. इसी समयकाल में Hero ने अपनी Splendor रेंज की लगभग 247,116 इकाइयां बेचीं हैं. ये आंकड़े खुद-ब-ख़ुद Activa और Splendor के बीच सेल्स के मामले में बढ़ती खाई की कहानी बयान करते हैं, वो फासला जो अब लगभग 64,000 इकाई प्रति महीने का हो चुका है. Honda Motorcycle & Scooter India के सीनियर वाईस-प्रसिडेंट (सेल्स और मार्केटिंग), YS Guleria ने अपने वक्तव्य में कहा है कि,

हमने केरल में अपनी सेल्स का 60-70 प्रतिशत हिस्सा राज्य में आई बाढ़ के चलते गंवा दिया है. वहां का बाज़ार बिल्कुल ठप पड़ गया है. हम उम्मीद करते हैं की जल्द ही पुराने हालात वापस लौटेंगे. वहीँ पश्चिम बंगाल में राज्य सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के चलते राज्य बिना लाइसेंस प्राप्त किये हुए कोई भी व्यक्ति दो पहिया वाहन नहीं खरीद सकता. हमारे अनुमान के अनुसार इस नियम के चलते दो पहिया उद्योग को उस राज्य में लगभग 50 प्रतिशत की क्षति पहुंची है.

Honda Activa के बाज़ार में इतनी अच्छी बिक्री के पीछे कई कारण हैं.

1. Scooter किसी भी परिवार के लिए दूसरा वाहन बन गया है.

देश में अनेकों परिवार अपने घर में ऑटोमैटिक स्कूटर को दूसरे वाहन के रूप में रखने लगे हैं जो की पहले से मौजूद मोटोसाइकल या कार का सहायक वाहन बन रहा है. छोटी दूरी के सफर के लिए ऑटोमैटिक स्कूटर बहुत काम के होते हैं और इनके चौड़े फुटबोर्ड्स घर के सामान आदि को रख कर चलने में मोटरसाइकल के मुकाबले अत्यंत उपयोगी साबित होते हैं.

2. ये स्कूटर महिला और पुरुष दोनों ही चला सकते हैं.

भारत में महिलाओं द्वारा पारम्परिक तौर पर पहने जाने वाले परिधानों पहन कर इस ऑटोमैटिक स्कूटर को चलाना बेहद आसान है जबकि मोटरसाइकिल पर ये संभव नहीं. साथ ही ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन सवारी को और आसान कर देता है.

3. ट्रैफिक की गंभीर समस्या

देश के अधिकांश शहरों में ट्रैफिक एक बढ़ती ही जा रही समस्या है और ट्रैफिक से भरी सड़क पर स्कूटर दो पहिया चालकों के लिए मोटरसाइकिल के मुक़ाबले ज़्यादा आसान सवारी होती है और ऑटोमैटिक होने के चलते ये भीड़ भरे रास्ते ज़्यादा कुशलता से पार करवा देती है.

Via ACP