Ford EcoSport S EcoBoost Review: Are There Any 'Buts' to This Compact SUV? Ford EcoSport S EcoBoost रीव्यू: क्या ये शौकीनों को रिझा पाएगी?

Ford EcoSport S EcoBoost रीव्यू: क्या ये शौकीनों को रिझा पाएगी?

आज EcoSport S मेरा साथी था और मैं Chennai से Mahabalipuram जाने वाली दार्शनिक East Coast Road [ECR] पर जा रहा था की अचानक मैंने देखा की पीछे एक प्रतिद्वंदी कॉम्पैक्ट SUV चली आ रही है. अपनी लाइट्स फ़्लैश करते हुए SUV में बैठे युवा नयी EcoSport S को नज़दीक से देखना चाहते थे लेकिन पैरेलल ड्राइविंग खतरनाक होती है. उसी वक़्त मैंने दो गियर बदले और एक्सीलीरेटर दबाया और तभी EcoBoost ने कमाल दिखाया और चंद सेकेण्ड में ही हम उन अति-उत्सुक युवाओं से आगे निकल आये. और ये तब हुआ जब उनकी SUV का इंजन बड़ा था और हमारे कार में 4 लोग थे. दोस्तों, ‘डिस्प्लेसमेंट का कोई रिप्लेसमेंट नहीं होता’ के दिन लद गए हैं.

Ford ने एक महीने पहले EcoSport सनरूफ ट्विन्स को Signature और S एडिशन में लॉन्च किया था. Signature, Titanium ट्रिम पर आधारित है वहीँ जो कार आप यहाँ देख रहे हैं — S — फुली किटेड Titianium+ ट्रिम पर आधारित है. लेकिन S इससे बढ़कर है क्योंकि इसके साथ 1.0-लीटर EcoBoost इंजन की वापसी हो रही है. अगर आपकी पसंद डीजल है तो ये 1.5-लीटर इंजन के साथ भी उपलब्ध है. और तो और, ये EcoBoost इंजन अब 6-स्पीड मैन्युअल गियर के साथ आता है जिसका मतलब है आपको एक एक्स्ट्रा गियर मिलता है.

तो EcoSport S में नया क्या है, और इसे ड्राइव कर कैसा लगता है? इसके साथ लगभग एक दिन का समय बिताने के बाद पेश है मेरा विचार.

लुक्स में आगे

इसके बारे में कोई दोमत नहीं है, EcoSport S कमाल की दिखती है, फोटो में भी और सामने से भी. इसमें बड़ा हाथ नए 17-इंच स्मोकड व्हील्स का है जो इसे बेहतरीन लुक्स देते हैं. हम उम्मीद करते हैं की इनकी कीमत ठीक-ठाक हो ताकि लो वैरिएंट वाले कस्टमर्स भी इसे खरीद अपने कार को अपडेट कर सकें. याहं इस बात पर गौर कारें की Signature और S एडिशन में 17-इंच के व्हील्स हैं लेकिन इनका डिजाईन अलग है. इन व्हील्स में 205/50 टायर्स हैं और इंडियन रोड्स को देखते हुए ये काफी लो साइड प्रोफाइल है लेकिन Ford इस बात को लेकर आश्वस्त है की जबतक आप इसे जानबूझ कर खराब रोड या गड्ढों में लेकर नहीं जायेंगे, ये सेटअप व्हील या टायर्स को डैमेज नहीं करेगा.

लुक्स के मामले में दूसरी चीज़ है ऑल-ब्लैक ट्रीटमेंट जो क्रोम के काम को पूरी तरह से हटा देता है. हमें ब्लैक ग्रिल फिनिश काफी पसंद आया और ब्लैक ट्रीटमेंट आपको रूफ और रूफ रेल्स पर भी दिखेगा. और ये बात हमें चर्चित सनरूफ तक लेकर आती है. विशवास कीजिये, Ford के आधिकारिक सर्वे के अनुसार ये अभी के कस्टमर्स की टॉप डिमांड थी. इंडिया के लोगों को ये फीचर कीच ज्यादा ही पसंद आ गया है और EcoSport Signature इंडिया में सबसे किफायती सनरूफ वाली SUV है. और आखिर में, S वर्शन में स्मोकड HID हेडलैम्प्स भी हैं – नए HIDs काम करते हैं और रात की ड्राइविंग में बेहद कामगार साबित होंगे.

और चूंकि S असल में Titanium+ पर आधारित है हमें लगता है की S 7 अलग कलर ऑप्शन्स के साथ उपलब्ध होगी. यहाँ जो आप देख रहे हैं वो Canyon Ridge ऑप्शन है.

विडियो रीव्यू

ब्लिंग इंटीरियर्स

बदलाव आपको अन्दर भी दिखेगा और ये जगह जगह ऑरेंज इन्सर्ट का नतीजा है — ग्लवबॉक्स के ऊपर, स्क्रीन के नीचे, गियर लीवर एवं एसी हाउसिंग के चारों ओर, डोर पैड्स, और सीट्स पर. और आप जो भी कलर ऑप्शन्स चुनें, ये ऑरेंज थीम आपको मिलेगी ही.

अगर आप मैन्युअल क्लॉथ कवर हटा दें, सनरूफ इंटीरियर में हवा आने देता है, और ये केबिन को असल रूप से ज्यादा जगहदार बनाता है. दूसरा बदलाव है ड्राईवर इनफार्मेशन डिस्प्ले का बड़ा साइज़. अपने छोटे डिस्प्ले के चलते पारंपरिक स्पीडोमीटर कंसोल की आलोचन की गयी है लेकिन ये ज्यादा अच्छा दिखता है और इसमें ज़्यादा इनफार्मेशन डिस्प्ले होता है.

बाकी सारी चीज़ें सही हैं लेकिन इंटीरियर में हार्ड प्लास्टिक ज्यादा शोभा नहीं देता. इस बात की भरपाई प्रैक्टिकल चीज़ से होती है की आपको सामन रखने के लिए जगह की कमी नहीं होगी. को-ड्राईवर को ग्लवबॉक्स के ऊपर अपना फ़ोन रखने की जगह मिलती है, गियर लीवर के आगे ड्राईवर के मोबाइल की जगह है, 2 कप होल्डर, चाबी रखने की जगह, उसके पीछे और जगह, आर्मरेस्ट के नीचे अच्छी जगह, और शेड्स अखने की जगह भी है. लेकिन, फिर भी आर्म-रेस्ट में आगे या पीछे करने का ऑप्शन नहीं है.

गाड़ी में ज्यादा नहीं तो पर्याप्त जगह है ही, और छोटे परिवारों के लिए EcoSport बेहतरीन है. एक चीज़ जहाँ Ford चूक गयी वो है रियर एसी वेंट जो रियर पैसेंजर्स के लिए बेहतरीन फीचर होता.

बूस्ट है वो राज़

अगर आप डिस्प्लेसमेंट भूल जाएँ तो बाकी हर आंकड़ा इम्प्रेसिव लगता है. बड़े 1.5-लीटर Dragon सीरीज पेट्रोल इंजन से छोटे होने के बावजूद, EcoBoost इंजन में 2 बीएचपी और 13% ज्यादा टॉर्क मिलता है. ये 11% ज्यादा माइलेज भी देती है और उसी व्हील साइज़ के साथ 1.5 लीटर पेट्रोल इंजन के 16.3 किमी/लीटर के मुकाबले इसकी माइलेज 18.1 किमी/लीटर है. साथ ही एक एक्स्ट्रा गियर तो मिलता ही है.

आंकड़े छोड़ दें तो EcoBoost ज्यादा पेपी महसूस होती है. इसका कारण है टिक-ओवर से उपलब्ध होने वाला टॉर्क. थोडा सा टर्बो-लैग है लेकिन वो उम्मीद से पहले सही हो जाता है और वहां से लेकर 6,600 आरपीएम तक इंजन बेहतरीन परफॉर्म करता है. सही रोड और ड्राईवर के साथ EcoSport S 0-60 किमी/घंटे मात्र 5.4 सेकेंड्स में पहुँच जाती है और 100 किमी/घंटे का आंकड़ा 11.5 सेकेण्ड में आ जाता है. इसके वज़न को देखते हुए ये आंकड़े काफी इम्प्रेसिव हैं.

इसके 3 सिलिंडर सेटअप को देखते हुए इसमें थोड़े वाइब्रेशन हैं लेकिन बस थोड़े ही. और ओनर्स लो गियर्स में गियर लीवर से आने वाली कम्पन से थोडा घबरा सकते हैं. और इसी की बात करते हुए नए 6 स्पीड ट्रांसमिशन का गियर शिफ्ट अच्छा है लेकिन उतना अच्छा नहीं जो हम Ford कार्स से उम्मीद करते हैं. यहाँ हमें गलत मत समझिये, हमें कोई मिस-शिफ्ट नहीं मिला लेकिन शिफ्ट और स्मूथ हो सकते थे. साथ ही रिवर्स में आने के लिए आपको लीवर को ऊपर उठा कर उसे राईट-बॉटम में लेकर जाना पड़ता है.

6-स्पीड सेटअप के साथ इंजिनियर रेश्यो के साथ कुछ अच्छा कर पाए हैं. हमें लगता है लो गियर को थोडा छोटा किया गया है और ये आपको शहर में पेपी ड्राइव देता है. गियरिंग इतना अच्छा है की इंजन आरपीएम मुश्किल से 1,500 से नीचे आता है जिसका मतलब है की थ्रोटल रिस्पांस काफी अच्छा है. और ऊपर के गियर्स हाईवे के लिए उपयुक्त हैं. उदाहरण के लिए 100 किमी/घंटे पर इंजन 2,400 आरपीएम पर स्पिन कर रहा होता है. साथ ही EcoSport का स्पीडोमीटर एरर 5% के नीचे रहने के साथ बहुत बढ़िया है.

नम्बर्स की बात करें तो पहला गियर 52 किमी/घंटे तक जाता है, दूसरा 90 तक, और तीसरा आपको 138 किमी/घंटे तक ले जाता है, सारे आंकड़े स्पीडोमीटर के हिसाब से हैं. हमें बिल्कुल खाली सड़क नहीं मिली और 150 किमी/घंटे तक पहुंचना आसान है, उसके बाद 175 किमी/घंटे तक पहुँचने में समय लग जाता है. ज़ाहिर तौर पर, हम आपको ऐसी स्पीड तक पहुँचने के खिलाफ चेतावनी देना चाहते हैं, फिर चाहे आप कोई सी भी कार चला रहे हों.

EcoBoost भी ज्यादा कुशल है जो हमें माइलेज पर लेकर आता है. हमारे शूट लोकेशन जाने और वापस आने तक के 80 किमी के दौरान हमें 13.1 किमी/लीटर की रीडिंग मिली लेकिन इसमें कार को तेज़ रफ़्तार तक ले जाने और फोटो शूट के कार को चलते छोड़ देना शामिल था. हमें लगता है की एसी चलने के साथ 90-100 किमी/घंटे पर ये आसानी से 18-19 किमी/लीटर का माइलेज देगी. हमने मैक्सिमम आंकड़े के लिए इसे 21 किमी तक चलाया और आश्चर्यजनक रूप से हमें 27 किमी/लीटर का आंकड़ा मिला. और ये क्रूज़ कण्ट्रोल को 70 किमी/घंटे पर सेट कर एसी को 24 पर रखने का आंकड़ा है.

अच्छी राइड और…

EcoSport हमेशा से ही अच्छी राइड के लिए जानी जाती है. 8-12 लाख रूपए की कार के लिए इसकी स्टीयरिंग बेहद शार्प नहीं है लेकिन ये काफी अच्छी है. हाईवे पर ये अच्छे से चलती है और ड्राईवर को कॉंफिडेंट रखती है. व्हील्स को देखते हुए राइड क्वालिटी भी सही है और जैसे ही आप टूटे हुए रोड, गड्ढे, या सीमेंट स्लैब पर पहुँचते हैं आपको लो प्रोफाइल का दूसरा चेहरा नज़र आता है. और ये कार में 4 लोगों के साथ था. हाँ ये इतने फायदों के लिए एक छोटा समझौता है और कस्टमर लो ट्रिम में 16-इंच के चक्के भी ले सकते हैं.

जहां विसिबिलिटी अच्छी है और सीटिंग पोजीशन ऊंची है लेकिन चौड़ा A-पिलर अभी भी दिक्कतें देता है और आपकी विसिबिलिटी पर असर पड़ता है. लेकिन, हमें इसका NVH लेवल काफी पसंद आया और इसके साथ शांत डीजल और पेट्रोल इंजन केबिन एक्सपीरियंस काफी अच्छा बनाते हैं. और स्पीकर्स की साउंड क्वालिटी भी बेहतरीन है.

यहाँ सस्पेंशन सेटअप या स्टीयरिंग ज्योमेट्री में कोई बदलाव नहीं है. ये और इसके साथ ब्रेक्स EcoSport के पूरे लाइन-अप में एक जैसे ही हैं.

क्या आपको इसे खरीदना चाहिए?

S और Signature एडिशन के साथ Ford ने EcoSport फैमिली को बढ़ाया है और इसे ‘प्पोरा’ किया है अब हर तरह के कस्टमर के लिए एक EcoSport है. 7.8 लाख रूपए से 11.8 लाख रूपए तक, 7 ट्रिम लेवल, और तीन इंजन एवं दो ट्रांसमिशन वैरिएंट के साथ ये लाइन-अप काफी बड़ा है. बजट को देखते हुए मेरी पसंद S होगी. हाँ, ये महंगी ज़रूर है लेकिन ऐसी कौन सी कॉम्पैक्ट SUV आपको इतने सारे फ़ीचर्स के साथ इतनी सेफ्टी और इतना अच्छा इंजन देती है? अगर आप देखें की आपको क्या मिल रहा है, तो इसकी वैल्यू सही लगती है. और साथ ही Ford सिर्फ 36 पैसे प्रति किमी के रनिंग कीमत का दावा करती है. लेकिन स्टैण्डर्ड वारंटी तीन साल की होती तो अच्छा होता.

कुल मिलाकर आप इस कीमत पर लुक्स में S से बढ़िया ऑप्शन नहीं पा सकते. इसमें फ़ीचर्स भरे हैं, ये सेफ भी है, और इसकी ड्राइव तो अच्छी है ही. थोड़े खराब सड़कों पर राइड थोड़ी सख्त हो सकती है लेकिन इसका इंजन इस बात की भरपाई कर सकता है. दिल्ली की 11.3 लाख रूपए की एक्स-शोरूम की कीमत के साथ S आपके लिए अच्छी चॉइस है.

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