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Flying Flea से Classic Signals; इन Royal Enfield मोटरसाइकिल्स का रहा है मिलिट्री से रिश्ता – Cartoq Hindi: Car news in Hindi, कार ख़बरें हिंदी में

Flying Flea से Classic Signals; इन Royal Enfield मोटरसाइकिल्स का रहा है मिलिट्री से रिश्ता

Royal Enfield मोतोर्चच्य्लेस दुनियाभर में अपने विरासत और रेट्रो-क्लासिक लुक्स के लिए मशहूर हैं. दरअसल, ये दुनिया का सबसे पुराना ब्रांड है जो लगातार प्रोडक्शन में रहा है और Bullet सीरीज दुनिया की सबसे पुरानी बाइक सीरीज हैं. एक लम्बे समय से Royal Enfield आर्मी के साथ भी जुड़ी रही है और अभी भी ये रिश्ता कायम है. दरअसल ये कंपनी पहले एक हथियार निर्माता हुआ करती थी इसीलिए इसका नारा ‘Made like a Gun’ (बन्दूक जैसी बनी) रहा है. आइये अब RE बाइक्स और उनके मिलिट्री से रिश्ते के बारे में गहराई से जानते हैं.

Flying Flea

Re Flying Flea

Flying Flea एक हल्के वज़न वाली मोटरसाइकिल थी हिसे Royal Enfield ने दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान British War Office के लिए विकसित किया था. इसका ओरिजिनल नाम WD/RE 125 (WD का मतलब War Department) था और इसे ब्रिटिश पैराट्रूपर्स के लिए बनाया गया था और इसे या तो पैराशूट या ग्लाइडर के ज़रिये भेजा जा सकता था. ऊपर की तस्वीर दिखाती है की ये बाइक कितनी कॉम्पैक्ट थी. इसमें एक 125 सीसी एयर-कूल्ड 2-स्ट्रोक इंजन लगा था जो 3.5 एचपी का पॉवर उत्पन्न करता था. इसे एक प्रोटेक्टिव क्रैडल में ड्राप किया जाता था लेकिन इस तरह से कुछ ही बाइक्स इस्तेमाल की गयी थीं.

Bullet कास्ट आयरन 350 और 500

Re Bullet Army

भारतीय आर्मी और Royal Enfield बाइक्स के बीच का रिश्ता आज़ादी के समय जितना पुराना है. भारत सरकार ने बॉर्डर पैट्रॉल के लिए 1949 में Royal Enfield मोटरसाइकिल्स की पहली खेप का ऑर्डर दिया था. 1955 में, Royal Enfield ने भारत की Madras Motors के साथ पार्टनरशिप कर Enfield India का गठन किया और भारत में बाइक्स को अस्सेम्ब्ल करना शुरू किया. अभी भी भारत की आर्मी Cast Iron Bullet सीरीज की बड़ी कस्टमर थी. इन दोनों में से किसी भी मॉडल के अच्छे तरह से मेन्टेन किये हुए उदाहरण आज भी बड़ी कीमत पर बिक सकते हैं.

Classic 500 Pegasus

Royal Enfield Classic 500 Pegasus

Royal Enfield Classic 500 इस ब्रांड का एक लिमिटेड एडिशन मॉडल था जो असल में Flying Flea मोटरसाइकिल को एक श्रधांजलि थी. दुनियाभर में इसके केवल 1,000 यूनिट्स बनाए गए थे और भारत में सबसे ज्यादा 250 यूनिट्स बेचे गए थे. हर Pegasus के फ्यूल टैंक पर हर बाइक का ख़ास नम्बर लिखा हुआ था. इसमें वैसा ही पेंट इस्तेमाल किया गया था जो ओरिजिनल Flying Flea मोटरसाइकिल में था – ऑलिव ग्रीन, और सर्विस ब्राउन. लेकिन भारत में ऑलिव गरी उपलब्ध नहीं कराया गया था क्योंकि इस रंग को केवल मिलिट्री इस्तेमाल कर सकती है.

Classic 350 Signals

Signals Airborne Blue

Classic 350 Signals Edition को बाइक निर्माता के भारतीय आर्मी के सिग्नल्स कोर से जुड़ाव को संबोधित करने के लिए उतारा गया था. वो कंपनी के लाइनअप की पहली बाइक थी जिसमें ABS स्टैण्डर्ड था. Classic 350 के सारे क्रोम पार्ट्स Signals Edition में काले रेंज हुए हैं. ये दो रंगों में मौजूद है — Airborne Blue और Storm Rider Sand – दोनों ही रंग इसके टैन रंग की सीट पर काफी जचते हैं. इसके फ्यूल टैंक पर भी हर बाइक के ख़ास नम्बर के साथ Army Corps of Signals लोगो छपा हुआ है.

Classic 500 Squadron Blue

Classsic 500 Squadran Blue

Classic 500 Squadron Blue असल में उन Royal Enfield बाइक्स से प्रेरित है जो दुनियाभर में एयर फ़ोर्स कोर में कार्यरत हैं. एक तरह से ये Royal Enfield के शसस्त्र बलों के साथ रिश्ते को दर्शाता है. भारतीय वायुसेना ने Royal Enfield का इस्तेमाल 1950 के दशक में शुरू किया था और इसे सबसे ज्यादा वायुसेना पुलिस ने इस्तेमाल किया था. Classic 500 Squadron Blue का डिजाईन दूसरे विश्वयुद्ध के बाद वाले Royal Enfield मोटरसाइकिल्स से प्रेरित है वहीँ इसमें मॉडर्न लुक भी है.

Classic 500 Battle Green

Re Classic Battle Green

Royal Enfield Classic 500 Battle Green के साथ कंपनी ने उन आर्मी सैनिकों को सलाम किया था जो दूसरे विश्वयुद्ध के बाद से अपनी Royal Enfields पर सेवा का रहे हैं. इसमें एक नायाब पेंट का इस्तेमाल किया गया था जो विश्वयुद्ध के समय की याद दिलाता है. इसमें Royal Enfield के पारम्परिक रेट्रो लुक्स के साथ एक सदबहार डिजाईन था जो इसे रेट्रो-मॉडर्न बाइक बनाता था. इस बाइक की स्टाइलिंग Classic मॉडल जैसी ही रखी गयी है बस इसमें मैट ग्रीन पेंट इस्तेमाल किया गया है.