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Elon Musk को आखिर त्यागना पड़ा Tesla के चेयरमैन का पद, जानिये क्यों…

मशहूर उद्योगपति और बिज़नस आइकॉन Elon Musk ने इस शनिवार Tesla के चेयरमैन का पद त्याग दिया. ये वाक्या Musk और SEC (Securities and Exchange Commission) के बीच एक समझौते के बाद हुआ. Musk हाल के कुछ दिनों से SEC के साथ एक कोर्ट केस में उलझे हुए थे. इस वाक्ये के बाद कई लोग चकित हैं और अधिकांश बिज़नेस एक्सपर्ट इसे अप्रत्याशित कदम बता रहे हैं.

Elon Musk को आखिर त्यागना पड़ा Tesla के चेयरमैन का पद, जानिये क्यों…

ये सारी घटना तब शुरू हुई जब Musk ने 7 अगस्त को एक ट्वीट में लिखा की उन्होंने $420 प्रति शेयर पर इलेक्ट्रिक कार कंपनी खरीदने के लिए “फंडिंग प्राप्त” कर ली है. बाद में, SEC को पता चला की Musk ने ट्वीट के विपरीत फंडिंग प्राप्त नहीं की थी.

फिर SEC ने ये कहते हुए एक केस दायर किया की वो Musk निवेशकों को गलत जानकारी दे रहे थे. लेकिन SEC के Musk पर केस दायर करने के दो दिनों बाद दोनों पक्ष इस समझौते पर पहुंचे की Musk और Tesla इस गलत जानकारी से प्रभावित हर निवेशक को $20 मिलियन देंगे. इस समझौते का मतलब है की Musk को Tesla के चेयरमैन का पद छोड़ना होगा. लेकिन वो अभी भी कंपनी के CEO रहेंगे. कानून के मुताबिक़, उन्हें 45 दिनों के भीतर चेयरमैन के पद से इस्तीफ़ा देना है और अब वो इस पद पर 3 साल तक नहीं लौट सकते.

Elon Musk को आखिर त्यागना पड़ा Tesla के चेयरमैन का पद, जानिये क्यों…

इसके पहले, Musk ने SEC के उनके निवेशकों को गुमराह करने के दावे को चुनौती देने का सोचा था लेकिन बाद में उन्होंने अपना मन बदल लिया. सूत्रों के मुताबिक़, उन्होंने अपना मन इसलिए बदला क्योंकि उन्हें लगा की समझौता कंपनी, उनके और निवेशकों के हित में है.

SEC के मुताबिक़, Elon Musk ने दो स्वतंत्र बोर्ड सदस्य चुनने, नए डायरेक्टर की समिति, और अपने संपर्क की देख-रेख के लिए कण्ट्रोल बनाने के लिए हामी भरी है. SEC का मानना है की डायरेक्टर्स के आने से कंपनी का कार्य और नियंत्रण सुधरेगा.

इस सब के चलते Tesla के स्टॉक की कीमत 10% गिरी. इसके फलस्वरूप, पिछले हफ्ते के मुकाबले कंपनी का इस हफ्ते का मूल्यांकन $5 बिलियन कम रहा.

पिछले कुछ महीनों से कुछ एक्सपर्ट कह रहे थे की Musk जिस प्रकार से कंपनी को चला रहे हैं वो काफी कारगर नहीं रह अहि. इसके पहले जब Musk ए एक बार स्वीकारा था की वो बेहद थके हुए रहते हैं और उन्हें सोने के लिए नींद की गोलियां लेनी पड़ रही हैं, तब भी कई लोगों के अपनी चिंताएं ज़ाहिर की थीं.