नयी कार खरीदते हुए इन ठगी के तरीकों से बचें!

नयी कार खरीदना थोड़ा मुश्किल काम साबित हो सकता है, खासकर अगर आप कार पहली बार खरीद रहे हैं तो. इसमें काफी पैसा लगता है और ये एक बड़ा फैसला भी होता है. गाड़ी फाइनल करने के बाद आपको शोरूम के कर्मियों से डील करना पड़ता है और अगर आप ध्यान नहीं देंगे तो आपको कई तरीकों से ठगा भी जा सकता है.

जहां कार डीलरशिप आपको कई तरीकों से ठग सकती है, कुछ बेहद आम तरीके हैं जो डीलरशिप अक्सर इस्तेमाल करते हैं. पेश हैं ऐसे ही कुछ तरीके जिससे डीलरशिप आपको ज्यादा पैसे खर्च करने पर मजबूर कर सकते हैं.

डेमो गाड़ी

Maruti Swift Demo

हर डीलरशिप को डिस्प्ले के लिए कुछ डेमो कर खरीदने होते हैं, ताकि कस्टमर्स उस गाड़ी को करीब से देख सकें. जब उसी गाड़ी का नया मॉडल आ जाता है तो डीलर्स इन डेमो कार्स को भारी डिस्काउंट पर बेच देते हैं लेकिन कुछ इसे नयी गाड़ी के तौर पर बेचने की कोशिश करते हैं.

ऐसी कुछ डेमो कार्स को डीलरशिप टेस्ट ड्राइव वाली गाड़ियों के रूप में भी इस्तेमाल करते हैं डीलरशिप्स अक्सर इनपर आये स्क्रैच वगैरह को ढँक कर, या ओडोमीटर से छेड़-छाड़ कर इसे नयी गाड़ी की तरह बेचने की कोशिश करते हैं.

आप करीब से देखकर पता लग सकते हैं की गाड़ी को रीपेंट किया गया है या नहीं, आप डैशबोर्ड और इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर एवं सीट्स एवं पेडल पर इस्तेमाल होने के चिन्ह को भी जांच सकते हैं. इससे पता चल सकता है की आपको डेमो गाड़ी बेची जा रही है या नहीं.

एक्स्ट्रा चार्ज

निर्माता हमेशा गाड़ी की एक्स-शोरूम कीमत बताते हैं जो बिना टैक्स वाली कीमत होती है. आपको इसके बाद रोड टैक्स, रजिस्ट्रेशन चार्ज, और बाकी टैक्स चुकाने होते हैं. ये थोड़ी जटिल प्रक्रिया हो सकती है और ऐसे में अक्सर डीलरशिप अलग-अलग नामों के तहत कई चार्ज लगाकर गाड़ी की ज्यादा कीमत लेने की कोशिश करते हैं. अक्सर डीलरशिप हैंडलिंग चार्ज के नाम पर पैसे वसूलते हैं, ये गैरकानूनी होता है. इसलिए गाड़ी खरीदते वक़्त आपको ध्यान देना चाहिए की आप किस चीज़ के लिए कितने पैसे दे रहे हैं.

अनिवार्य एक्सेसरीज़

Kicks Mandatory

कई डीलरशिप्स कस्टमर्स को ज़बरदस्ती ‘अनिवार्य एक्सेसरीज़’ बेचने की कोशिश करते हैं. ऐसा कोई नियम नहीं है जहां कस्टमर को कुछ अनिवार्य एक्सेसरीज़ खरीदनी ही होती हैं. एक्सेसरी पर मिलने वाले ज्यादा मुनाफे के चलते डीलरशिप आपको इसे बेचने की कोशिश करती है. हमेशा ऐसी एक्सेसरीज़ से बचें एवं बाद में ज़रुरत पड़ने पर इन्हें कभी भी लगवाया जा सकता है.

बीमा ध्यान से पढ़िए

Car Insurance

हमेशा अपनी गाड़ी के बीमा के शर्तों को ध्यान से पढिये और ये जानिये की आपके बीमा में कौन से पार्ट्स कवर होते हैं. डीलरशिप को हर बीमा पर कमीशन मिलता है इसलिए आपको बीमा लेने से पहले हमेशा रिसर्च करना चाहिए. इसलिए पॉलिसी के कागज़ को हमेशा ध्यान से पढ़िए.

जानिये आप क्या खरीद रहे हैं

Vin

नयी गाड़ी लेते वक़्त उसका मेक इयर ज़रूर जानें. जहां 5 सालों से ज्यादा गाड़ी रखने वालों पर ये बात असर नहीं डालती, अगर आप अपनी गाड़ी बेचते हैं तो उसके निर्माण का साल बड़ा अंतर ला सकता है. हमेशा गाड़ी का VIN (Vehicle Identification Number) पढ़ें और इसके निर्माण के साल के बारे में जानें. कई डीलरशिप पिछले साल वाले मॉडल पर अच्छे डिस्काउंट भी देते हैं.

कोटिंग

Teflon Car

जब आपको गाड़ी की डिलीवरी मिलेगी तो कुछ सेल्स वाले लोग आपको टेफ़लोन जैसे कार कोटिंग प्रोडक्ट बेचने की कोशिश करेंगे. डीलरशिप पर मिलने वाली कोटिंग अक्सर अच्छे क्वालिटी की नहीं होती और केवल कुछ ही दिनों तक चलती है. आप अपने गाड़ी को बाहर से भी कोट करा सकते हैं, जहां आपको पैसे भी कम लगेंगे और अच्छी कोटिंग भी मिलेगी.