नाबालिगों को गाड़ी चलाने देने के लिए 26 अभिभावक खा रहे जेल की हवा

इंडिया में नाबालिगों के ड्राइविंग के केस बहुत आम होते जा रहे हैं. ऐसे कई नाबालिग गंभीर दुर्घटनाओं में भी शामिल होते हैं. ऐसे में दुर्घटना दर को कम करने और नाबालिगों को ड्राइविंग और राइडिंग से रोकने के लिए, हैदराबाद ट्रांसपोर्ट पुलिस ऐसे कई मामलों में माता-पिता को गिरफ्तार करने का सख्त नियम अपना रही है. इस साल की शुरुआत में, हैदराबाद शहर की पुलिस ने घोषणा की कि छोटे बच्चों को वैध लाइसेंस के बिना वाहन चलाने की इजाजत देने के लिए 4 नाबालिगों के अभिभावकों को गिरफ्तार कर लिया गया है. लेकिन अब यह सामने आया है कि पुलिस ने नाबालिग ड्राइविंग के संबंध में 26 अभिभावकों को गिरफ्तार कर लिया है. ये तमाम गिरफ्तारियां पिछले दो महीनों में की गई हैं.

हैदराबाद के यातायात पुलिस के जॉइंट कमिशनर अनिल कुमार का कहना है कि अकेले मार्च में ही, 20 अभिभावकों को अदालत जेल भेज चुकी है. इस महीने यह संख्या गिर कर छह अभिभावकों तक आ गई है. उन्होंने यह भी कहा कि एक नाबालिग ने एक महीना बाल सुधार गृह में भी बिताया है और पुलिस समाज को संदेश भेजने के लिए ये अभियान जारी रखेगी.

हैदराबाद पुलिस ने इस तरह के अपराध के लिए एक पूरा कार्यक्रम विकसित किया है. वैध लाइसेंस के बिना वाहन चलाने या गाड़ी चलाने वाले किसी भी नाबालिग को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और फिर किशोर अदालतों में पेश किया जाएग. बच्चों को बाल सुधार गृह में काउंसलिंग भी दी जाएगी. माता-पिता को कड़ी सजा का सामना करना पड़ेगा और काउंसलिंग के साथ जेल में समय भी बिताना पड़ सकता है.

ऐसे अपराधों को दोहराने वाले नाबालिगों को कठोर दंड मिलेगा और लंबे समय तक के लिए जेल भेजा जाएगा. माता-पिता के लिए दंड अदालत द्वारा तय किया जाएगा. अधिकारियों का कहना है कि यह सुनिश्चित करना माता-पिता का कर्तव्य है कि उनके बच्चे कानूनी लाइसेंस प्राप्त करने से पहले वाहनों से दूर रहें. पुलिस उम्मीद कर रही है कि इस मुहीम के सफल होने से दुर्घटनाओं की संख्या बहुत कम हो जाएगी.

एवी रंगनाथ, डीसीपी यातायात, हैदराबाद, ने कहा,

“ऐसी कई सड़क दुर्घटनाओं में नाबालिगों की मौत हो गई है और अब हम इनकी सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं. बच्चों को वाहन चलाने की अनुमति देने से पहले माता-पिता अब ज़्यादा सतर्क रहेंगे.”

नाबालिग ड्राइविंग के लिए माता-पिता को गिरफ्तार करने के मामले में हैदराबाद कुछ नया नहीं कर रही है. 2015 में, बेंगलुरू पुलिस ने नाबालिग बच्चों को ड्राइव करने की अनुमति देने के लिए माता-पिता को गिरफ्तार किया था. बाद में, पुलिस ने ऐसे माता-पिता के लाइसेंस रद्द करने के लिए Regional Transport Office (RTO) से सिफारिश भी की थी.

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